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Hisar News: बस स्टैंड पर बूथों की संख्या कम पड़ रही, बिना बूथ के लग रही बसें
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पार्किंग के पास खड़ी हुई रोहतक जाने वाली निजी बस।
- फोटो : वैश्य महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय शुगर जांच शिविर में मौजूद प्राचार्य डॉ. संजय गोयल, विद्यार्थी व अन्य।
हांसी। बस स्टैंड पर बूथों की संख्या कम पड़ रही है। बस स्टैंड पर रोहतक, सीसर खरबला व सिंघवा जैसे लोकल रूटों के लिए बूथ नहीं है। बूथ न होने से ये बसें बस स्टैंड के दिल्ली गेट से पार्किंग तक खड़ी रहती हैं। बस स्टैंड पर अभी पांच बूथों की आवश्यकता है।
बसों का बूथ न होने से यात्रियों को बसें ढूंढने में परेशानी भी होती है। रोहतक रूट पर चलने वाली निजी बसों के लिए कोई बूथ आरक्षित नहीं है। वहीं सिसर खरबला, मदनहेड़ी, सिंघवा जैसे लोकल रूटों के लिए भी बूथ नहीं है। ऐसे में इन बसों को बिना बूथ के ही बस स्टैंड़ पर खड़ा किया जाता है। बस स्टैंड पर बसों के लिए 13 बूथ हैं। वहीं नए बूथों के लिए जगह नहीं है। ऐसे में रोडवेज अधिकारियों ने पार्किंग की जगह पर लोकल रूटों की बसों के लिए बूथ बनाने की योजना बनाई थी। साथ ही पार्किंग को बस स्टैंड के पिछली तरफ शिफ्ट करने की योजना थी। क्योंकि पार्किंग के लिए भी जगह कम पड़ रही है, लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ी। अब बस स्टैंड पर बसों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बसों के हिसाब से बूथों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। लेकिन जगह न होने के कारण बूथ नहीं बनाए जा रहे हैं। न ही अधिकारियों की तरफ से कोई योजना बनाई गई है।
73 रोडवेज बसें हैं सब डिपो में
हांसी बस स्टैंड सब डिपो है। सब डिपो में 73 रोडवेज बसें हैं। इसमें 63 बसों का संचालन रोडवेज चालकों की तरफ से होता है। 10 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही हैं। यहां से दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ जैसे लंबे रूटों पर बसें चलती हैं। इसके अलावा हिसार, भिवानी, जींद, रोहतक, सिरसा, तोशाम, बरवाला जैसे रूटों के अलावा पेटवाड़, बास, रामायण व अन्य लोकल रूटों पर बसें चलती हैं। इसके अलावा अन्य रूटों से आने वाली बसें भी यहां पर रुकती हैं।
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सुबह-शाम के समय रहती है भीड़
बस स्टैंड से प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोग सफर करते हैं। सुबह-शाम बस स्टैंड पर अक्सर भीड़ रहती है। सुबह के समय पढ़ाई व काम के लिए हिसार जाने वाले विद्यार्थियों व लोगों की भीड़ रहती है। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक भीड़ रहती है। इसके बाद दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक भीड़ रहती है। इस दौरान विद्यार्थी व लोग काम काज के बाद घर वापस लौटते हैं। बस स्टैंड पर बूथों की जगह कम है। इसलिए कुछ बसों को खड़ा करने के लिए अन्य जगह पर व्यवस्था की हुई है।
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बसों का बूथ न होने से यात्रियों को बसें ढूंढने में परेशानी भी होती है। रोहतक रूट पर चलने वाली निजी बसों के लिए कोई बूथ आरक्षित नहीं है। वहीं सिसर खरबला, मदनहेड़ी, सिंघवा जैसे लोकल रूटों के लिए भी बूथ नहीं है। ऐसे में इन बसों को बिना बूथ के ही बस स्टैंड़ पर खड़ा किया जाता है। बस स्टैंड पर बसों के लिए 13 बूथ हैं। वहीं नए बूथों के लिए जगह नहीं है। ऐसे में रोडवेज अधिकारियों ने पार्किंग की जगह पर लोकल रूटों की बसों के लिए बूथ बनाने की योजना बनाई थी। साथ ही पार्किंग को बस स्टैंड के पिछली तरफ शिफ्ट करने की योजना थी। क्योंकि पार्किंग के लिए भी जगह कम पड़ रही है, लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ी। अब बस स्टैंड पर बसों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बसों के हिसाब से बूथों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। लेकिन जगह न होने के कारण बूथ नहीं बनाए जा रहे हैं। न ही अधिकारियों की तरफ से कोई योजना बनाई गई है।
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73 रोडवेज बसें हैं सब डिपो में
हांसी बस स्टैंड सब डिपो है। सब डिपो में 73 रोडवेज बसें हैं। इसमें 63 बसों का संचालन रोडवेज चालकों की तरफ से होता है। 10 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही हैं। यहां से दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ जैसे लंबे रूटों पर बसें चलती हैं। इसके अलावा हिसार, भिवानी, जींद, रोहतक, सिरसा, तोशाम, बरवाला जैसे रूटों के अलावा पेटवाड़, बास, रामायण व अन्य लोकल रूटों पर बसें चलती हैं। इसके अलावा अन्य रूटों से आने वाली बसें भी यहां पर रुकती हैं।
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सुबह-शाम के समय रहती है भीड़
बस स्टैंड से प्रतिदिन 20 से 25 हजार लोग सफर करते हैं। सुबह-शाम बस स्टैंड पर अक्सर भीड़ रहती है। सुबह के समय पढ़ाई व काम के लिए हिसार जाने वाले विद्यार्थियों व लोगों की भीड़ रहती है। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक भीड़ रहती है। इसके बाद दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक भीड़ रहती है। इस दौरान विद्यार्थी व लोग काम काज के बाद घर वापस लौटते हैं। बस स्टैंड पर बूथों की जगह कम है। इसलिए कुछ बसों को खड़ा करने के लिए अन्य जगह पर व्यवस्था की हुई है।