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मंत्री ने एसडीओ से पूछी समस्या, जवाब मिला, यूनियन वाले करते हैं सबसे ज्यादा तंग
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The minister asked the sdo the problem is answered union people tend to be more tight
- फोटो : Hisar
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बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने बुधवार को गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी के सभागार में छह जिलों के एसडीओ व एसई की बैठक ली। बैठक में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद, भिवानी व चरखी दादरी जिलों के सब डिविजनों के एसडीओ उपस्थित रहे। बिजली मंत्री ने अपनी बात रखने के बाद सामने बैठे एसडीओ से उनके सामने आ रही समस्याओं के बारे में भी पूछा। इस पर एसडीओ ने जवाब दिया कि सबसे ज्यादा तंग कर्मचारी यूनियन वाले करते हैं। कभी धरने तो कभी प्रदर्शन से काम बाधित होता है। मंत्री ने इस समस्या सहित अधिकारियों को आ रही अन्य समस्याओं का भी सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता को बिना वजह चक्कर न कटवाएं। अधिकारियों को भी कोई समस्या आएगी तो उसका समाधान भी निकालेंगे। बैठक में मंत्री के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता, सीएमडी शत्रुजीत कपूर, प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाहिन, डायरेक्टर ओके शर्मा सहित कई प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे।
सबसे पहले एसडीओ से ही पड़ता है जनता को काम, इसलिए बुलाए
बैठक में मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि आम जनता सबसे पहले किसी भी काम के लिए एसडीओ के पास आती है। इसलिए उन्होंने यह बैठक बुलाई है ताकि हर एसडीओ तक अपना संदेश पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एसडीओ जनता के साथ अच्छा व्यवहार करे। निर्धारित समय में ही सुविधा उपलब्ध करवाएं। बार-बार लोगों को चक्कर न कटवाएं। इससे आम जनता की संतुष्टि बढ़ेगी। जनता को बेहतर सुविधाएं तय समय सीमा में देना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
पहले समझाया, फिर कार्रवाई का डर भी दिखाया
मंत्री ने एसडीओ स्तर के अधिकारियों से बातचीत में पहले उन्हें खूब समझाया। इसके बाद कार्रवाई का भी डर दिखाया। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। यह पहली बैठक है, इसलिए इस बार समझाया जा रहा है। अगली बार समीक्षा की जाएगी, जिस भी अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली व्यवस्थाओं में सुधार करते हुए इस विभाग को प्रदेश में एक नंबर पर लाना उनका लक्ष्य है।
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खुले दरबार में बिजली मंत्री ने सुनीं 400 से अधिक शिकायतें
इससे पहले मंत्री रणजीत सिंह ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में खुला दरबार लगाकर जनता की 400 से अधिक शिकायतें सुनीं। अधिकतर शिकायतें बिजली निगम से संबंधित रखी गई। गांव कालीरावण, कालुवास, जेवरा व ढाणी कुतुबपुर के खेतों में बनी ढाणियों के निवासियों ने बिजली आपूर्ति में और अधिक सुधार किए जाने संबंधी अपनी मांगें रखीं। जिस पर ऊर्जा मंत्री ने संबंधित क्षेत्र के बिजली अधिकारियों को इन समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। ढाणी कुतुबपुर के धर्मवीर ने शिकायत की कि उनके घर का बिजली मीटर एक साल पहले उखाड़ा गया था और उन्होंने बकाया बिल की पूरी अदायगी भी कर दी। मगर अब वह मीटर लगवाना चाहता है तो बिजली निगम मीटर नहीं लगा रहा है। इस पर एसई ने कहा कि वह नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करे और उसकी रसीद लेकर उनसे मिले। उसे निर्धारित समयावधि में कनेक्शन दिया जाएगा।
एसडीओ से बोले, यह समस्या दोबारा मेरे पास नहीं आनी चाहिए
गांव न्योली कलां निवासी ग्रामीण ने कहा कि उसने 27 मई 2019 को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे अब तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित एसडीओ को इस समस्या का समाधान करते हुए हिदायत दी कि यह समस्या दोबारा मेरे पास नहीं आनी चाहिए। गांव सुल्तानपुर के ग्रामीणों ने गांव में लगे बिजली के खंभों पर पुरानी व लटकी-ढीली तारें ठीक करवाने का अनुरोध किया। इस पर एसई ने बताया कि इस गांव को म्हारा गांव-जगमग गांव योजना में शामिल कर लिया गया है। योजना के तहत आवश्यकता अनुसार गांव के सभी तार व खंभे आदि बदलवाए जाएंगे।
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सबसे पहले एसडीओ से ही पड़ता है जनता को काम, इसलिए बुलाए
बैठक में मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि आम जनता सबसे पहले किसी भी काम के लिए एसडीओ के पास आती है। इसलिए उन्होंने यह बैठक बुलाई है ताकि हर एसडीओ तक अपना संदेश पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एसडीओ जनता के साथ अच्छा व्यवहार करे। निर्धारित समय में ही सुविधा उपलब्ध करवाएं। बार-बार लोगों को चक्कर न कटवाएं। इससे आम जनता की संतुष्टि बढ़ेगी। जनता को बेहतर सुविधाएं तय समय सीमा में देना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
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पहले समझाया, फिर कार्रवाई का डर भी दिखाया
मंत्री ने एसडीओ स्तर के अधिकारियों से बातचीत में पहले उन्हें खूब समझाया। इसके बाद कार्रवाई का भी डर दिखाया। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। यह पहली बैठक है, इसलिए इस बार समझाया जा रहा है। अगली बार समीक्षा की जाएगी, जिस भी अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली व्यवस्थाओं में सुधार करते हुए इस विभाग को प्रदेश में एक नंबर पर लाना उनका लक्ष्य है।
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खुले दरबार में बिजली मंत्री ने सुनीं 400 से अधिक शिकायतें
इससे पहले मंत्री रणजीत सिंह ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में खुला दरबार लगाकर जनता की 400 से अधिक शिकायतें सुनीं। अधिकतर शिकायतें बिजली निगम से संबंधित रखी गई। गांव कालीरावण, कालुवास, जेवरा व ढाणी कुतुबपुर के खेतों में बनी ढाणियों के निवासियों ने बिजली आपूर्ति में और अधिक सुधार किए जाने संबंधी अपनी मांगें रखीं। जिस पर ऊर्जा मंत्री ने संबंधित क्षेत्र के बिजली अधिकारियों को इन समस्याओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। ढाणी कुतुबपुर के धर्मवीर ने शिकायत की कि उनके घर का बिजली मीटर एक साल पहले उखाड़ा गया था और उन्होंने बकाया बिल की पूरी अदायगी भी कर दी। मगर अब वह मीटर लगवाना चाहता है तो बिजली निगम मीटर नहीं लगा रहा है। इस पर एसई ने कहा कि वह नए कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करे और उसकी रसीद लेकर उनसे मिले। उसे निर्धारित समयावधि में कनेक्शन दिया जाएगा।
एसडीओ से बोले, यह समस्या दोबारा मेरे पास नहीं आनी चाहिए
गांव न्योली कलां निवासी ग्रामीण ने कहा कि उसने 27 मई 2019 को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे अब तक कनेक्शन नहीं दिया गया है। ऊर्जा मंत्री ने संबंधित एसडीओ को इस समस्या का समाधान करते हुए हिदायत दी कि यह समस्या दोबारा मेरे पास नहीं आनी चाहिए। गांव सुल्तानपुर के ग्रामीणों ने गांव में लगे बिजली के खंभों पर पुरानी व लटकी-ढीली तारें ठीक करवाने का अनुरोध किया। इस पर एसई ने बताया कि इस गांव को म्हारा गांव-जगमग गांव योजना में शामिल कर लिया गया है। योजना के तहत आवश्यकता अनुसार गांव के सभी तार व खंभे आदि बदलवाए जाएंगे।