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एक साल से कमरे में बंद पड़ी थी मशीन, अब फिर से कानों की जांच की सुविधा हुई शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 11:56 PM IST
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The machine was lying locked in the room for a year, now again the facility of ear examination started
एक साल से कमरे में बंद पड़ी थी मशीन, अब फिर से कानों की जांच की सुविधा हुई शुरू
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में फिर से कानों से संबंधित जांच की सुविधा शुरू हो गई है। यह मशीन एक साल से बंद पड़ी थी। जांच के शुरू होने से अस्पताल में आने वाले बहरेपन, कान के बहने, कानों के अंदर कुछ चले जाने या विकलांगता की जांच कराने आने वाले मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। बता दें कि हर रोज अस्पताल में कान संबंधित जांच के लिए 20 के आसपास मरीज आते हैं।
मरीजों को जाना पड़ा रहा था निजी अस्पताल
कोरोना के चलते अस्पताल में मैटरनी वार्ड की ओर आइसोलेशन वार्ड के बनने से वहां पर रखी यह मशीन धूल फांक रही थी। मरीजों को जांच के लिए बाहर निजी अस्पतालों में जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती थी। सुविधा शुरू होने से मरीजों का समय व धन की बचत होगी। अब ईएनटी विभाग का अच्छा प्रयास यह है कि इन मशीन एवं उपकरणों को एआरटी सेंटर की तरफ डीआईसी भवन में शिफ्ट किए है। इसके लिए विभाग ने आशा की ड्यूूटी लगाई है।
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अस्पताल में निशुल्क सुविधा उपलब्ध
चिकित्सकों के अनुसार निजी अस्पतालों में कानों से संबंधित हियरिंग आदि जांच कराने के लिए 400 से लेकर एक हजार रुपये तक चुकाने पड़ते है। यह सुविधा जिला अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध है।
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बच्चों की भी होती है जांच
डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई के अनुसार जिन बच्चों को जन्म के समय सुनाई न देना या बचपन में सुनाई देने में परेशानी होती है। उनकी जांच भी की जाती है। इससे पता चलता है कि मरीज को कितनी दूरी तक, कितनी तेज आवाज देने से सुनता है या महसूस करता है या फिर सुनने की नसें ब्लॉक या बंद हो गई है।

वर्जन
अब मशीन को डीआईसी की ओर शिफ्ट कर दिया है। हर रोज 20 के आसपास मरीज ऐसे है, जिनके कानों की जांच करवानी पड़ती है। अस्पताल में ही जांच से मरीजों का समय बचता है और इलाज भी मिल जाता है।
डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, ईएनटी विभाग, नागरिक अस्पताल, हिसार।
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