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Hisar News: लंपी टीकाकरण के असर की जांच के लिए होगा सीरो सर्वे
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हिसार। पशुओं में लंपी बीमारी से बचाव के लिए किए गए टीकाकरण के असर की जांच के लिए जिले में सीरो सर्वे कराया जाएगा। टीकाकरण किए गए पशुओं के ब्लड सैंपल लेकर सोनीपत स्थित लैब में जांच कराई जाएगी।
इससे पता चलेगा कि लंपी से बचाव में टीका कितना कारगर साबित हो रहा है। वहीं लुवास की ओर से लंपी को लेकर लिए गए पशुओं के ब्लड सैंपल को क्रॉस चेकिंग के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजा गया है।
पशुओं में लंपी बीमारी फैलने के बाद पशुपालन विभाग ने हिसार जिले में उपमंडल स्तर पर टीमें गठित की हैं। सभी उपमंडल अधिकारी अपने क्षेत्र के वीएलडीए से प्रतिदिन रिपोर्ट लेंगे। किसी गांव में लंपी का केस मिलने पर तुरंत मौके का मुआयना कराया जाएगा और संक्रमित पशु को आइसोलेट किया जाएगा।
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पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. संगीता दलाल ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को टीकाकरण की रिपोर्ट भी लगातार अपडेट करने को कहा।
उन्होंने बताया कि जिले में 1 लाख 39 हजार गोवंश हैं। इनमें 53 हजार गोवंश गोशालाओं में हैं। जिले के करीब 95 प्रतिशत गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद भी किसी पशु में लंपी के लक्षण मिलने पर सीरो सर्वे कराया जाएगा। ऐसे पशुओं के सैंपल लेकर सोनीपत स्थित लैब भेजे जाएंगे, जहां टीके से बनी प्रतिरोधक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
सीमा पर निगरानी के निर्देश
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक ने अधिकारियों को राजस्थान सीमा से लगते गांवों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश की आवाजाही पर रोक लगाने को कहा। सभी गोशाला संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना जांच के कोई नया पशु गोशाला में शामिल न करें। किसी गोवंश में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर इसकी सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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इससे पता चलेगा कि लंपी से बचाव में टीका कितना कारगर साबित हो रहा है। वहीं लुवास की ओर से लंपी को लेकर लिए गए पशुओं के ब्लड सैंपल को क्रॉस चेकिंग के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजा गया है।
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पशुओं में लंपी बीमारी फैलने के बाद पशुपालन विभाग ने हिसार जिले में उपमंडल स्तर पर टीमें गठित की हैं। सभी उपमंडल अधिकारी अपने क्षेत्र के वीएलडीए से प्रतिदिन रिपोर्ट लेंगे। किसी गांव में लंपी का केस मिलने पर तुरंत मौके का मुआयना कराया जाएगा और संक्रमित पशु को आइसोलेट किया जाएगा।
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पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. संगीता दलाल ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को टीकाकरण की रिपोर्ट भी लगातार अपडेट करने को कहा।
उन्होंने बताया कि जिले में 1 लाख 39 हजार गोवंश हैं। इनमें 53 हजार गोवंश गोशालाओं में हैं। जिले के करीब 95 प्रतिशत गोवंश का टीकाकरण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद भी किसी पशु में लंपी के लक्षण मिलने पर सीरो सर्वे कराया जाएगा। ऐसे पशुओं के सैंपल लेकर सोनीपत स्थित लैब भेजे जाएंगे, जहां टीके से बनी प्रतिरोधक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
सीमा पर निगरानी के निर्देश
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक ने अधिकारियों को राजस्थान सीमा से लगते गांवों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश की आवाजाही पर रोक लगाने को कहा। सभी गोशाला संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना जांच के कोई नया पशु गोशाला में शामिल न करें। किसी गोवंश में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर इसकी सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।