{"_id":"6a4ff91b5e5d827e2b04cb59","slug":"the-future-of-society-lies-in-the-hands-of-teachers-hisar-news-c-21-hsr1020-906911-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: शिक्षक के हाथों में समाज के भविष्य की डोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: शिक्षक के हाथों में समाज के भविष्य की डोर
Fri, 10 Jul 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण में अहम योगदान देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों को विषय ज्ञान के साथ नवाचार, तकनीक, संवेदनशीलता और विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
प्रो. नरसी राम बिश्नोई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित चार सप्ताह के ऑनलाइन फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
केंद्र की निदेशिका प्रो. सुनीता रानी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त शिक्षकों को उच्च शिक्षा की बदलती जरूरतों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिक्षण की नवीन पद्धतियों, अनुसंधान, नैतिक मूल्यों और शैक्षणिक नेतृत्व से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण देशभर के शिक्षकों को अनुभव साझा करने का मंच भी उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग सांगवान ने बताया कि इसमें देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 65 संकाय सदस्य भाग ले रहे हैं। प्रतिभागी 20 से अधिक शैक्षणिक विषयों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इनमें केंद्रीय, राज्य, निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान उच्च शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान एवं प्रकाशन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, शिक्षण कौशल, मूल्य आधारित शिक्षा और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे।
प्रो. नरसी राम बिश्नोई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित चार सप्ताह के ऑनलाइन फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
केंद्र की निदेशिका प्रो. सुनीता रानी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त शिक्षकों को उच्च शिक्षा की बदलती जरूरतों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिक्षण की नवीन पद्धतियों, अनुसंधान, नैतिक मूल्यों और शैक्षणिक नेतृत्व से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण देशभर के शिक्षकों को अनुभव साझा करने का मंच भी उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग सांगवान ने बताया कि इसमें देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 65 संकाय सदस्य भाग ले रहे हैं। प्रतिभागी 20 से अधिक शैक्षणिक विषयों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इनमें केंद्रीय, राज्य, निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान उच्च शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान एवं प्रकाशन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, शिक्षण कौशल, मूल्य आधारित शिक्षा और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान होंगे।