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Hisar News: मिट्टी के ट्रैक पर सोने-चांदी के तमगों का सपना

Sun, 01 Jun 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 01 Jun 2025 12:36 AM IST
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The dream of winning gold and silver medals on the mud track
 ज्योति।
हिसार। महाबीर स्टेडियम में बने मिट्टी के उबड़-खाबड़ ट्रैक पर खिलाड़ी सोने-चांदी के तमगों की उम्मीद में रोज दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन स्टेडियम प्रशासन और खेल मंत्रालय को खिलाड़ियों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। ताज्जुब है कि स्टेडियम बनने के 53 साल बाद भी खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक का इंतजार है।
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बीते 53 साल के दौरान कई जिला खेल अधिकारी आए और डिप्टी डायरेक्टर बनकर सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। खिलाड़ी सिंथेटिक ट्रैक बनवाने के लिए न जाने कितनी बार खेल अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं पर हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। वर्ष 1972 में बने महाबीर स्टेडियम में सुबह-शाम 500 से ज्यादा खिलाड़ी और पुलिस व सेना में भर्ती के इच्छुक युवा दौड़ लगाते हैं। स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट सिंथेटिक ट्रैक पर ही होते हैं, लेकिन उन्हें मिट्टी के ट्रैक पर अभ्यास करना पड़ता है। प्रतियोगिताओं में सिंथेटिक ट्रैक पर खेलना उनके लिए काफी चुनौती भरा होता है। सिंथेटिक ट्रैक बन जाए तो न केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि पदकों में भी इजाफा होगा।
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उद्घाटन के समय नेहरू स्टेडियम रखा था नाम
महाबीर स्टेडियम का नाम उद्घाटन करने के समय नेहरू स्टेडियम रखा गया था। वर्ष 1987 में नेहरू स्टेडियम से बदलकर महाबीर स्टेडियम नाम कर दिया। वर्ष 1988 में स्टेडियम का जीर्णोद्धार किया गया था। स्टेडियम में एथलेटिक्स ग्राउंड में चारों और सीढ़ियां बनी हुई हैं। इन सीढ़ियों पर 15 से 20 हजार दर्शक बैठ सकते हैं।
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इन खेलों का दिया जा रहा प्रशिक्षण
महाबीर स्टेडियम में खिलाड़ियों को एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती, योग, वुशु, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, बास्केटबाल, हैंडबाल, वाॅलीबाल, जूडो, लॉन टेनिस आदि खेलाें का प्रशिक्षण दिया जाता हैं।
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मैं वुशु का अभ्यास करता हूं। वार्मअप के लिए ट्रैक पर दौड़ते हैं। मिट्टी के ट्रैक पर गड्ढे बने हैं। खिलाड़ियों की सुविधा को देखते हुए सिंथेटिक ट्रैक बनवाया जाए। - चिराग, खिलाड़ी
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थोड़ी सी बारिश में स्टेडियम के एथलेटिक्स ग्राउंड में पानी भर जाता है। इस कारण कई दिनों तक अभ्यास प्रभावित होता है। आज के समय में सिंथेटिक ट्रैक होना जरूरी है, ताकि अभ्यास के दौरान कोई परेशानी न हो। - ज्योति, खिलाड़ी
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महाबीर स्टेडियम में मिट्टी का ट्रैक बना है। जगह-जगह से टूट चुका है। अभ्यास करते समय चोटिल होने का डर रहता है। खिलाड़ियाें की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंथेटिक ट्रैक बनवाया जाए। - तपस्या, खिलाड़ी

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महाबीर स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनवाने की मांग मुख्यालय भेजी गई है। आगे की प्रक्रिया वहीं से होगी। कहां दिक्कत आ रही, इस संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी।
- नरेश कुमार, जिला खेल अधिकारी।

 ज्योति।

 ज्योति।

 ज्योति।

 ज्योति।

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