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Hisar News: जीएसटी के बचत उत्सव में जिला प्रशासन ने दिया महंगाई को डोज
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हिसार। जिला प्रशासन ने डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सोसायटी (डीआईटीएस) की फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है। ई दिशा केंद्र, एसडीएम कार्यालय के कार्याें में 7.5 गुणा से लेकर 25 गुणा तक बढ़ाेतरी की गई है। अब तक सभी प्रकार की रजिस्ट्री पर 200 रुपये सर्विस चार्ज लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह आर्म्स लाइसेंस नवीनीकरण की फीस 200 से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दी गई है।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से मनाए जा रहे जीएसटी बचत उत्सव में जिला प्रशासन ने कैंची चला दी है। 30 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सोसायटी की फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी है। इसका लघु सचिवालय के एसडीएम कार्यालय, ई-दिशा केंद्र में पहुंचने वाले हर एक व्यक्ति को बोझ पड़ेगा।
जिले में रोजाना 400 से 500 रजिस्ट्री होती हैं। इन सभी लोगों से अब 1500 रुपये शुल्क वसूला जाएगा। वाहन से संबंधित किसी भी फाइल पर अब पहले से जारी शुल्क के अलावा 200 रुपये का डीआईटीएस का नया शुल्क लगा दिया गया है। जिले में वाहन संबंधी करीब 600 से अधिक फाइलें रोजाना आती हैं। इसमें नए वाहनों का पंजीकरण, एनओसी सहित अन्य तरह की फाइल होती हैं।
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पहले ही दिन परेशानी
डीसी अनीश यादव के आदेश पर सोमवार से नए रेट लागू कर दिए गए। बुधवार को एसडीएम कार्यालय और ई-दिशा केंद्र में फाइलें जमा कराने पहुंचे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुजुर्गों को ऑनलाइन भुगतान में परेशानी आई, वहीं कमजोर इंटरनेट रेंज और कर्मचारियों की कमी से लाइन में खड़े लोग घंटों तक जूझते रहे। सुबह 10 बजे से लगी लाइन में कई लोगों का नंबर शाम 4 बजे आया।
विरोध शुरू, मंत्री को लिखा पत्र
आजाद नगर निवासी सुशील कुमार ने परिवहन मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर इस शुल्क को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी या वाहन संबंधी काम पर 200 रुपये अतिरिक्त देना पड़ रहा है, जबकि अन्य जिलों में यह वसूली नहीं हो रही। केवल हिसार जिले में ही यह अतिरिक्त बोझ डाला गया है।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से मनाए जा रहे जीएसटी बचत उत्सव में जिला प्रशासन ने कैंची चला दी है। 30 सितंबर को जिला प्रशासन की ओर से डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सोसायटी की फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी है। इसका लघु सचिवालय के एसडीएम कार्यालय, ई-दिशा केंद्र में पहुंचने वाले हर एक व्यक्ति को बोझ पड़ेगा।
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जिले में रोजाना 400 से 500 रजिस्ट्री होती हैं। इन सभी लोगों से अब 1500 रुपये शुल्क वसूला जाएगा। वाहन से संबंधित किसी भी फाइल पर अब पहले से जारी शुल्क के अलावा 200 रुपये का डीआईटीएस का नया शुल्क लगा दिया गया है। जिले में वाहन संबंधी करीब 600 से अधिक फाइलें रोजाना आती हैं। इसमें नए वाहनों का पंजीकरण, एनओसी सहित अन्य तरह की फाइल होती हैं।
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पहले ही दिन परेशानी
डीसी अनीश यादव के आदेश पर सोमवार से नए रेट लागू कर दिए गए। बुधवार को एसडीएम कार्यालय और ई-दिशा केंद्र में फाइलें जमा कराने पहुंचे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुजुर्गों को ऑनलाइन भुगतान में परेशानी आई, वहीं कमजोर इंटरनेट रेंज और कर्मचारियों की कमी से लाइन में खड़े लोग घंटों तक जूझते रहे। सुबह 10 बजे से लगी लाइन में कई लोगों का नंबर शाम 4 बजे आया।
विरोध शुरू, मंत्री को लिखा पत्र
आजाद नगर निवासी सुशील कुमार ने परिवहन मंत्री अनिल विज को पत्र लिखकर इस शुल्क को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी या वाहन संबंधी काम पर 200 रुपये अतिरिक्त देना पड़ रहा है, जबकि अन्य जिलों में यह वसूली नहीं हो रही। केवल हिसार जिले में ही यह अतिरिक्त बोझ डाला गया है।