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Hisar News: सूर्य नगर आरओबी व आरयूबी की लागत 30 प्रतिशत बढ़ी
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हिसार। निर्माणाधीन सूर्य नगर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) व रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) की लागत 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अधिकारियों ने संशोधित प्रशासनिक अनुमति को मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा है। अधिकारियों की मानें तो पहले इस प्रोजेक्ट के लिए 59.66 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली हुई थी, जो अब बढ़कर 77.36 करोड़ रुपये हो गई है। प्रोजेक्ट के टेंडर के बाद रेलवे के हिस्से की ड्राइंग में हुए बदलाव के कारण यह लागत बढ़ी है।
बता दें कि फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे नवंबर 2021 तक पूरा किया जाना था। मगर लॉकडाउन व बिजली लाइनों की देरी से शिफ्टिंग के कारण समय अवधि 9 माह और बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी। वहीं अगस्त 2019 में रेलवे की एजेंसी को टेंडर अलॉट होने के बाद भी ड्राइंग पास न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। सितंबर 2019 में रेलवे के हिस्से की ड्राइंग मंजूर हुई, जिसके बाद दिसंबर 2019 में काम शुरू हुआ। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को मई के आखिर तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है।
पाइल की संख्या में हुई बढ़ोतरी
अधिकारियों की मानें तो रेलवे ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर होने के बाद इसकी ड्राइंग में बदलाव किया। पुरानी ड्राइंग के मुताबिक इस आरओबी को सिंगल पियर पर बनाया जाना था, जिसे बाद में पोर्टल पियर पर कर दिया गया। इसके अलावा पहले की ड्राइंग में 66 पाइल थी, जो बाद में बढ़कर 72 हो गई। इसके अलावा एक सीवर लाइन की शिफ्टिंग का एस्टीमेट भी शामिल नहीं किया गया था, जिसे बाद में शामिल किया गया।
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अंडरपास पर लगाई जाएगी फेब्रिकेटिड स्टील की छत
आरओबी के साथ बनने वाले दोनों अंडरपास पर फेब्रिकेटिड स्टील की छत भी लगाई जाएगी। इस पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च आएगा। यह छत लगने से अंडरपास में बारिश का पानी जमा नहीं होगा। नए एस्टीमेट में इस खर्च को भी शामिल किया गया है। पहले इस छत का प्रावधान नहीं किया गया था।
ये काम अभी बाकी
रेलवे के हिस्से पर कुल 12 पिलर बनने हैं, जिनमें से अभी तक 8 पिलर ही बने हैं। इनका भी थोड़ा काम बचा हुआ है। पिलर के बाद इन पर गार्डर रखे जाएंगे और फिर स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दो अंडरब्रिज भी बनाए जाने हैं। इनका भी 50 प्रतिशत काम अभी होना बाकी है। उधर बीएंडआर के हिस्से में भी दो पिलर पर गार्डर रखने का काम बचा है। रेलवे के पिलर बनने के बाद ही यह काम हो सकेगा।
एजेंसी ने अंडरपास के निर्माण को लेकर रेलवे की मांग अनुमति
उधर रेलवे के हिस्से में निर्माण कर रही एजेंसी ने अंडरपास के निर्माण को लेकर रेलवे से अनुमति मांगी है। संभावना है कि 10 अप्रैल तक यह अनुमति मिल जाएगी। यह अनुमति मिलने के बाद ही एजेंसी रेलवे ट्रैक के नीचे आरसीसी बॉक्स लॉन्च करेगी। एजेंसी की मानें तो पहले हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर आरसीसी बॉक्स लॉन्च करने की अनुमति मिलेगी।
इन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस आरओबी व अंडरब्रिज के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा। इस आरओबी की लंबाई 1185 मीटर है। यह शहर का सबसे लंबा आरओबी होगा।
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बता दें कि फरवरी 2019 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था। शुरुआत में इसे नवंबर 2021 तक पूरा किया जाना था। मगर लॉकडाउन व बिजली लाइनों की देरी से शिफ्टिंग के कारण समय अवधि 9 माह और बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी। वहीं अगस्त 2019 में रेलवे की एजेंसी को टेंडर अलॉट होने के बाद भी ड्राइंग पास न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका। सितंबर 2019 में रेलवे के हिस्से की ड्राइंग मंजूर हुई, जिसके बाद दिसंबर 2019 में काम शुरू हुआ। टेंडर की शर्त के अनुसार एजेंसी को मई के आखिर तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करना है।
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पाइल की संख्या में हुई बढ़ोतरी
अधिकारियों की मानें तो रेलवे ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर होने के बाद इसकी ड्राइंग में बदलाव किया। पुरानी ड्राइंग के मुताबिक इस आरओबी को सिंगल पियर पर बनाया जाना था, जिसे बाद में पोर्टल पियर पर कर दिया गया। इसके अलावा पहले की ड्राइंग में 66 पाइल थी, जो बाद में बढ़कर 72 हो गई। इसके अलावा एक सीवर लाइन की शिफ्टिंग का एस्टीमेट भी शामिल नहीं किया गया था, जिसे बाद में शामिल किया गया।
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अंडरपास पर लगाई जाएगी फेब्रिकेटिड स्टील की छत
आरओबी के साथ बनने वाले दोनों अंडरपास पर फेब्रिकेटिड स्टील की छत भी लगाई जाएगी। इस पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च आएगा। यह छत लगने से अंडरपास में बारिश का पानी जमा नहीं होगा। नए एस्टीमेट में इस खर्च को भी शामिल किया गया है। पहले इस छत का प्रावधान नहीं किया गया था।
ये काम अभी बाकी
रेलवे के हिस्से पर कुल 12 पिलर बनने हैं, जिनमें से अभी तक 8 पिलर ही बने हैं। इनका भी थोड़ा काम बचा हुआ है। पिलर के बाद इन पर गार्डर रखे जाएंगे और फिर स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दो अंडरब्रिज भी बनाए जाने हैं। इनका भी 50 प्रतिशत काम अभी होना बाकी है। उधर बीएंडआर के हिस्से में भी दो पिलर पर गार्डर रखने का काम बचा है। रेलवे के पिलर बनने के बाद ही यह काम हो सकेगा।
एजेंसी ने अंडरपास के निर्माण को लेकर रेलवे की मांग अनुमति
उधर रेलवे के हिस्से में निर्माण कर रही एजेंसी ने अंडरपास के निर्माण को लेकर रेलवे से अनुमति मांगी है। संभावना है कि 10 अप्रैल तक यह अनुमति मिल जाएगी। यह अनुमति मिलने के बाद ही एजेंसी रेलवे ट्रैक के नीचे आरसीसी बॉक्स लॉन्च करेगी। एजेंसी की मानें तो पहले हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर आरसीसी बॉक्स लॉन्च करने की अनुमति मिलेगी।
इन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
इस आरओबी व अंडरब्रिज के बनने से सूर्य नगर, अर्बन एस्टेट, विद्युत नगर, शिव कॉलोनी, सेक्टर 3-5, सेक्टर 1-4 सहित महावीर कॉलोनी, मिल गेट एरिया के लोगों को काफी फायदा होगा। इस आरओबी की लंबाई 1185 मीटर है। यह शहर का सबसे लंबा आरओबी होगा।