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दुराचार पीड़िता के कराए टेस्ट, गर्भपात पर फैसला आज

Fri, 10 Oct 2014 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Fri, 10 Oct 2014 12:12 AM IST
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Tests conducted mistreatment of the victim, Decision on abortion

बरवाला क्षेत्र के गांव की दुराचार पीड़िता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को डॉक्टरों ने गर्भवती के टेस्ट करवाए हैं।

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इससे पहले डॉक्टरों के एक दल ने पीएमओ ऑफिस में बैठकर करीब एक घंटे तक कोर्ट ऑर्डर सहित पूरे केस की स्डडी की।

इसके बाद दुराचार पीड़िता गर्भवती का खून टेस्ट, ईसीजी इत्यादी की जांच की। डॉक्टरों ने परिजनों को अभी तक गर्भपात कब होगा

इसके बारे में कुछ भी नहीं बताया है, हां यह बात जरूर कही गई है कि केस संबंधित फाइल तैयार की जा रही है।

पीड़िता के वकीलों का कहना है कि यह तो डॉक्टरों की राय पर निर्भर करेगा मगर गर्भपात पर फैसला शुक्रवार को हो सकता है।

डॉक्टर चक्कर कटवाकर कर रहे प्रताड़ित
दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने कहा कि उसकी बेटी के डॉक्टरों ने टेस्ट करवाए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह से लेकर शाम तक उनसे सीएमओ ऑफिस तो कभी पीएमओ ऑफिस में चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कभी ऑर्डर की सर्टीफाइड कॉपी मांगी जाती है तो कभी फोटो कॉपी। पीड़िता के पिता ने कहा कि मैं तो टूट चुका हॅू।

पीएमओ सीएमओ एक दूसरे पर डाल रहे मामला
सामान्य अस्पताल के पीएमओ (प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर) डॉ. दयानंद तथा सीएमओ (चीफ मेडिकल ऑफिसर) आर वर्मा मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे।

पीएमओ से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में क्या होगा सीएमओ बताएंगे।

जब सीएमओ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीएमओ ही इस मामले को डील कर रहे हैं, लिहाजा वे ही सही जानकारी देंगे कि आगे क्या होगा।

सीएमओ और पीएमओ पहले ही गर्भपात मामले में आनाकानी करते रहे हैं। इसके अलावा ये अधिकारी मीडिया कर्मियों से भी बचते नजर आए। क्योंकि हाई कोर्ट के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की पहले ही किरकरी हो चुकी है।
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एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल व एडवोकेट विक्रम मित्तल ने बताया कि डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को नाबालिग के टेस्ट करवाए हैं, अभी तक डॉक्टरों ने गर्भपात के लिए कुछ नहीं कहा है। संभवत शुक्रवार को डॉक्टरों का दल गर्भपात पर शुक्रवार को फैसला लेगा।


हाई कोर्ट ने 7 अक्तूबर को दिया था गर्भपात का आदेश
हरियाणा एंड पंजाब हाई कोर्ट ने पिता की याचिका पर आदेश दिया था कि नाबालिग की सेहत को देखकर शीघ्र गर्भपात करवाया जाए। जस्टिस के कानन की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी।

ये था मामला
बरवाला क्षेत्र के एक गांव में 17 सितंबर को आठवीं कक्षा की 14 वर्ष की छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था।

दुराचार करने वाला 55 वर्षीय निहाल सिंह पीड़िता का पड़ोसी ही था। पीड़िता 22 सप्ताह की गर्भवती थी। मामले के बारे में तब पता चला जब छात्रा के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे डॉक्टर के यहां चेकअप करवाने के लिए लेकर गए।
परिजनों ने आरोपी बुजुर्ग के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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