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टैक्स इंचार्ज ने मीटिंग में भिजवाया मेडिकल, लिखा

Fri, 26 May 2017 12:07 AM IST
amarujala/Hisar
amarujala/Hisar Updated Fri, 26 May 2017 12:07 AM IST
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बजट रिव्यू को लेकर होने वाली हाउस की बैठक में टैक्स पर मंथन हुआ। हाउस में जब प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर कांट्रेक्टर से करवाए गए काम की एवज में 25 लाख रुपये देने की बात आई तो मामला गरमा गया। मेयर शकुंतला राजलीवाला और अन्य पार्षदों ने कहा कि आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा। हाउस टैक्स की सीट पर कभी किसी को बैठा दिया जाता है तो कभी किसी को। शाम पांच बजे के बाद कांट्रेक्टर को पेमेंट दी जाती है। फिलहाल कौन अधिकारी है, उनसे जवाब मांगा जाए। इस पर निगम अधिकारियों ने टैक्स इंचार्ज एवं अधीक्षक कैलाश चंद्र का भेजा गया जवाब दिखाया गया। कमिश्नर ने इसे पढ़कर सुनाया। अधीक्षक ने लिखा है कि मैं बीमार हूं, इसलिए ऑफिस नहीं आ सकता। अस्पताल में भर्ती हूं। छुट्टी पर होते हुए मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसे में मैं कुछ भी कर सकता हूं।
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कर दी छुट्टी रद्द, फिर भी नहीं आए : कमिश्नर       
कमिश्नर और ईओ इंद्रजीत कुल्हड़िया ने कहा कि हमने कैलाशचंद्र की छुट्टी भी कैंसल कर दी है, लेकिन फिर भी वे नहीं आ रहे। इतना ही नहीं हमने उनसे कुछ मुद्दों पर जवाब मांगे हैं, हालांकि उन्होंने कुछ का जवाब भेजा है।
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हाउस टैक्स से 10 लाख करोड़ रुपये कर चुके रिकवर      
अधीक्षक ने अधिकारियों को जो जवाब लिखकर भेजा, उसमें ये था कि निगम द्वारा 10 लाख करोड़ रुपये की हाउस टैक्स को लेकर रिकवरी की जा चुकी है। हाउस में जब ये बात उठी तो पूरे हाउस हंस पड़ा।
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मेयर ने प्रॉपर्टी टैक्स के आंकड़े पर उठाए सवाल
मेयर ने प्रॉपर्टी टैक्स के आंकड़े पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जो बजट बनाया है, ये बताया जाए कि आज तक कभी किसी भी वर्ष साढ़े 16 लाख रुपये की प्रॉपर्टी टैक्स से रिकवरी की है। उन्होंने ये तक पूछा कि पिछले साल कितना टैक्स वसूल पाए। इस पर अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। हाउस में मेयर ने सवाल पर सवाल उठाए। आय को लेकर दिए गए ब्योरे में मेयर ने पूछा कि जेनरेटर, पटाखों की स्टॉलों से होने वाली आय, टॉवर से होने वाली आय, किराये की दुकानों से होने वाली आय, डेथ-बर्थ प्रमाण पत्र, कुत्तों के लाइसेंस फीस से होने वाली आय का अलग-अलग ब्योरा दिया जाए। अब तक इन मदों से कितनी आय हो चुकी है, ये भी तो बताया जाए। उन्होंने एकाउंट ब्रांच पर सवाल उठाए कि आप लोगों ने तो गोलमाल कर लिख दिया कि ये आय इस मद से होगी, लेकिन उनकी डिटेल कहां है। कमिश्नर ने इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेयर मैडम को इसकी डिटेल उपलब्ध करवाई जाए।
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