एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता: किसी ने छुपकर किया अभ्यास तो किसी ने बॉक्सर बनने के लिए सहे ताने
हरियाणा के हिसार में सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित 5वीं एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में देशभर से मुक्केबाज पहुंची हैं।
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पढ़ाई की बात कहकर उतरी थी पहली बार रिंग में
मेरे परिवार के लोगों को बॉक्सिंग खेलना बिल्कुल पसंद नहीं था, लेकिन मैं बॉक्सर बनना चाहती थी। छह माह तक घरवालों से छिपकर अभ्यास किया। जब भी प्रैक्टिस करने जाती थी तो पढ़ाई की बात कहकर रिंग में उतरने निकल जाती थी। जब पंच का दम दिखाने रिंग में उतरी तो पदकों की झड़ी लगनी शुरू हो गई। उसके बाद परिवार ने खेलने की इजाजत दे दी। आज मैं अपनी मां फरजाना के कारण ही नेशनल लेवल तक पहुंच पाई हूं। - मरियम आयशा, बॉक्सर, बंगलूरूविज्ञापन

बॉक्सर मरियम आइशा। फोटो : संवाद
भाई को देख पंच का दम दिखाने उतरी
मेरी शुरू से ही खेेलों में रुचि रही। स्कूल समय में ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। वर्ष 2020 में जब मैंने बॉक्सिंग खेलना शुरू किया तो मां अंजू देवी ने इनकार कर दिया। बोली बॉक्सिंग के अलावा कोई दूसरा गेम चुन लो, लेकिन छोटे भाई को देखकर मैंने भी बॉक्सिंग में करिअर बनाने की ठान ली। उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बॉक्सिंग में करियर बनाने के साथ-साथ मेरा सपना आर्मी में जाने का है। इसके लिए मैंने प्रैक्टिस शुरू कर दी है।
- प्रीति, बॉक्सर, जम्मू कश्मीर

बॉक्सर प्रीति। फोटो संवाद
परिवार आर्थिक रूप से था कमजोर, अब स्कॉलरशिप से चला रही घर का खर्चा
मेरे पिता लकपत हार्ट के रोगी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस कारण माता-पिता ने खेलने से मना कर दिया था। मगर मुझे बॉक्सिंग में अपना करिअर बनाना था। मैं ट्यूशन की झूठ बोलकर खेलने चली जाती थी। चार महीने तक झूठ बोलकर प्रैक्टिस की। जब बॉक्सिंग में पदक आने लगे तो माता-पिता ने ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आज मैं स्कॉलरशिप से घर का खर्चा चल रही हूं। - प्रवीण, बॉक्सर, रोहतक

बॉक्सर प्रवीण। फोटो : संवाद
रिंग में उतरी तो मिले ताने, जिद पर अड़ बनी बॉक्सर
मेरे घर में किसी को भी खेलना पसंद नहीं था। खेलने का सबसे ज्यादा विरोध मेरे चाचा ने किया। मैंने खूब ताने भी सहे, लेकिन मैं जिद पर अड़ी रही। आज मैंने बॉक्सिंग में अपना करिअर बना लिया। आज परिवार के लोग न केवल मुझे, बल्कि अन्य बेटियों को भी खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मेरा सपना वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने का है। इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। - मीनाक्षी, बॉक्सर, रोहतक

मीनाक्षी।- फोटो संवाद