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Hisar News: प्रदेश के 127 सरकारी कॉलेज-स्कूलों में होगी मृदा जांच, एक सैंपल जांचने पर विद्यार्थी को मिलेंगे 40 रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:32 PM IST
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Soil test will be done in 127 government colleges and schools of the state, student will get Rs 40 for testing a sample
संदीप रामायण
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हिसार। राजकीय महाविद्यालयों व सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब मिट्टी की जांच करके पढ़ाई के साथ-साथ कमाई भी कर सकेेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को अपने शिक्षण संस्थान से बाहर भी नहीं जाना पड़ेगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय व स्कूल निदेशालय द्वारा विद्यार्थियों को यह अवसर प्रदान किया। मिट्टी के एक सैंपल की जांच करने पर एक विद्यार्थी को विभाग की ओर से 40 रुपये दिए जाएंगे।
सॉइल टेस्टिंग विभाग की ओर से चयनित प्रदेश के 127 स्कूलों व कॉलेेजों में किसानों द्वारा दिए गए मिट्टी के सैंपल भेजे जाएंगे। निदेशालय की ओर से इन चयनित स्कूल व कॉलेजों में मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब का निर्माण करवाया गया है। विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों में स्थापित इन लैब में मिट्टी जांच करने की किट भी भेज दी गई हैं। एक लैब में करीब एक हजार किट भेजी गई हैं। निदेशालय की ओर से प्रदेश के 127 राजकीय शिक्षण संस्थानों में मिट्टी जांच के लिए मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है। संवाद
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सीखो और कमाओ के तहत शुरू हुई योजना
कृषि और किसान कल्याण विभाग हरियाणा ने सीखो और कमाओ कार्यक्रम के तहत योजना शुरू की है। इसके तहत सरकारी स्कूल व कॉलेजों के विद्यार्थियों को खेत की मिट्टी के सैंपल की जांच करनी है। किसान सीधे तौर पर भी संबंधित स्कूल या कॉलेज में जाकर अपने खेत की मिट्टी की जांच करवा सकता है। सरकार के आदेशानुसार प्रत्येक मिनी टेस्टिंग लैब में कम से कम एक हजार सैंपल की जांच करवानी अनिवार्य है।
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एक सत्र में एक विद्यार्थी कर सकेगा 200 सैंपल की जांच
जिले के जिन स्कूल व कॉलेजों में मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब बनाई गई है। वहां के संबंधित क्षेत्र का मृदा परीक्षण अधिकारी (एसटीओ) प्राचार्यों के साथ समन्वय करेगा। लैब में एक हजार सैंपलों की व्यवस्था एसटीओ की ओर से करवाई जाएगी। विद्यार्थियों द्वारा मिट्टी के सैंपलों की जांच के बाद एसटीओ जांच की दोबारा जांच करेगा। इसके बाद एसटीओ इन मिट्टी की सैंपलों की जांच आधार पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करेगा। एक विद्यार्थी से एक सत्र में अधिकतम 200 सैंपल की जांच करवाई जा सकती है।
जिले में यहां बनी सॉइल टेस्टिंग लैब
- राजकीय महाविद्यालय हिसार।
- राजकीय महिला महाविद्यालय हिसार।
- एफजीएम राजकीय महाविद्यालय आदमपुर।
- राजकीय कॉलेज बरवाला।
- राजकीय कॉलेज नलवा।
- राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल जहाजपुल।
- राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नहर कोठी बरवाला।
- राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सातरोड़ खुर्द।
- राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारनौंद।
- राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल हिसार।
- राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल हांसी।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए बहुत ही कारगर योजना शुरू हुई है। विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ रुपये भी कमा सकते हैं। इस योजना ने विद्यार्थियों के लिए रोजगार का अवसर भी बढ़ाया है। विद्यार्थियों की साइंस व वैज्ञानिक तकनीक कृषि में रुचि बढ़ेेगी। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार

मिट्टी की जांच के लिए विद्यार्थियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी गई थी। हमारे स्कूल की मिनी टेस्टिंग लैब में एसटीओ की ओर से एक हजार सैंपल व सहित टेस्टिंग किट भी भेजी गई हैं। इस योजना से विद्यार्थियों को काफी सीखने का मौका मिला है व उन्हें आर्थिक सहयोग भी मिलेगा। - सुरेंद्र सिंह, विज्ञान प्राध्यापक, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल जहाजपुल
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