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Hisar News: सर्पदंश के मामले चार साल में दोगुने से ज्यादा, मौतों में आई कमी
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हिसार। जिले में सर्पदंश के मामले चार साल में दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2022-23 में सांप के काटने के 95 मामले सामने आए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 209 हो गई। हालांकि, इस अवधि में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी आई है।
2022-23 में तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि 2023-24 में 107, 2024-25 में 178 और 2025-26 में 209 मामले सामने आए लेकिन इन तीनों वर्षों में किसी की मौत दर्ज नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग के नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ स्नेकबाइट (एनपीएसई) के तहत ये आंकड़े दर्ज किए गए हैं। संवाद
जुलाई तक 113 मामले, एक की मौत
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक सर्पदंश के 113 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक व्यक्ति की मौत हुई है। शुरुआती चार महीनों में ही सर्पदंश के मामले पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहे हैं।
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पांच साल में मुआवजा शून्य
स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में सर्पदंश के मामलों में मुआवजा पाने वालों की संख्या शून्य रही है। विभाग के रिकॉर्ड में वर्षवार सर्पदंश के मामलों और मौतों का ब्योरा दर्ज है।
जिले में वर्ष वार सर्पदंश की स्थिति :
वर्ष-- -- - सर्पदंश के मामले -- मौतें
2022-23-- 95 -- 3
2023-24-- 107 -- 0
2024-25-- 178 -- 0
2025-26-- 209 -- 0
2026-27 (जुलाई तक)-- 113 -- 1
नोट स्रोत : स्वास्थ्य विभाग, हिसार
-- -- -- -- -
सर्पदंश के मामलों में स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम करता है। समय पर उपचार मिलने से इस वर्ष भी अधिकांश मरीजों की जान बचाई गई है। हालांकि मामले बढ़े हैं, लेकिन तुरंत उपचार मिलने के कारण मौतों का आंकड़ा कम रहा है।
- डाॅ. सुभाष खतरेजा, उप सिविल सर्जन हिसार
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2022-23 में तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि 2023-24 में 107, 2024-25 में 178 और 2025-26 में 209 मामले सामने आए लेकिन इन तीनों वर्षों में किसी की मौत दर्ज नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग के नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ स्नेकबाइट (एनपीएसई) के तहत ये आंकड़े दर्ज किए गए हैं। संवाद
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जुलाई तक 113 मामले, एक की मौत
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक सर्पदंश के 113 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें एक व्यक्ति की मौत हुई है। शुरुआती चार महीनों में ही सर्पदंश के मामले पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहे हैं।
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पांच साल में मुआवजा शून्य
स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों में सर्पदंश के मामलों में मुआवजा पाने वालों की संख्या शून्य रही है। विभाग के रिकॉर्ड में वर्षवार सर्पदंश के मामलों और मौतों का ब्योरा दर्ज है।
जिले में वर्ष वार सर्पदंश की स्थिति :
वर्ष
2022-23
2023-24
2024-25
2025-26
2026-27 (जुलाई तक)
नोट स्रोत : स्वास्थ्य विभाग, हिसार
सर्पदंश के मामलों में स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम करता है। समय पर उपचार मिलने से इस वर्ष भी अधिकांश मरीजों की जान बचाई गई है। हालांकि मामले बढ़े हैं, लेकिन तुरंत उपचार मिलने के कारण मौतों का आंकड़ा कम रहा है।
- डाॅ. सुभाष खतरेजा, उप सिविल सर्जन हिसार