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Hisar News: जीजेयू में पूर्व वीसी के फैसलों पर राज्यपाल ने लगाई रोक
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हिसार। राज्यपाल एवं कुलाधिपति असीम घोष ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में पूर्व कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई के सेवा विस्तार के दौरान लिए गए नियुक्तियों, पदोन्नतियों और वित्तीय फैसलों पर रोक लगा दी है। 17 सितंबर को जारी पत्र में 3 मई के बाद लिए गए फैसलों की समीक्षा होने तक उन्हें रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पत्र शनिवार को जीजेयू में चर्चा का विषय बना रहा। आदेश के मुताबिक राज्य सरकार के 12 और 20 अगस्त के निर्देशों के बावजूद लिए गए प्रशासनिक निर्णयों और कथित अनियमित नियुक्तियों को लेकर शिकायतें मिली थीं।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय को अधिनियम और कानूनों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सेवा विस्तार अवधि में शुरू हुई भर्तियों, पदोन्नतियों और साक्षात्कारों के साथ चयन समितियों की बैठकों तथा बड़े नीतिगत और वित्तीय फैसलों पर भी रोक लगाई गई है। कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक को अनधिकृत नियुक्तियों के संबंध में वेतन या भत्ते जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जीजेयू शिक्षक संघ (जीजेयूटीए) के अध्यक्ष विनोद कुमार गोयल ने आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संघ ने विश्वविद्यालय में अधिकारियों के मनमाने व्यवहार का मुद्दा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाया था। उनके अनुसार, आदेश से विश्वविद्यालय में मनमाने निर्णयों पर रोक लगेगी।
चार महीने का अतिरिक्त कार्यकाल मिला था
प्रो. नरसी राम बिश्नोई का कुलपति के तौर पर कार्यकाल 3 मई को पूरा हो गया था। इसके बाद उन्हें आगामी आदेश तक कार्यकाल विस्तार दिया गया। 29 अगस्त को उन्हें कुलपति पद से कार्यमुक्त किया गया। करीब चार महीने की इस अवधि में उन्होंने कई पदों पर नियुक्तियां कीं और आवास आवंटन सहित अन्य नीतिगत फैसले लिए।
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यह पत्र शनिवार को जीजेयू में चर्चा का विषय बना रहा। आदेश के मुताबिक राज्य सरकार के 12 और 20 अगस्त के निर्देशों के बावजूद लिए गए प्रशासनिक निर्णयों और कथित अनियमित नियुक्तियों को लेकर शिकायतें मिली थीं।
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कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय को अधिनियम और कानूनों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा है। सेवा विस्तार अवधि में शुरू हुई भर्तियों, पदोन्नतियों और साक्षात्कारों के साथ चयन समितियों की बैठकों तथा बड़े नीतिगत और वित्तीय फैसलों पर भी रोक लगाई गई है। कुलसचिव, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक को अनधिकृत नियुक्तियों के संबंध में वेतन या भत्ते जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जीजेयू शिक्षक संघ (जीजेयूटीए) के अध्यक्ष विनोद कुमार गोयल ने आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संघ ने विश्वविद्यालय में अधिकारियों के मनमाने व्यवहार का मुद्दा राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाया था। उनके अनुसार, आदेश से विश्वविद्यालय में मनमाने निर्णयों पर रोक लगेगी।
चार महीने का अतिरिक्त कार्यकाल मिला था
प्रो. नरसी राम बिश्नोई का कुलपति के तौर पर कार्यकाल 3 मई को पूरा हो गया था। इसके बाद उन्हें आगामी आदेश तक कार्यकाल विस्तार दिया गया। 29 अगस्त को उन्हें कुलपति पद से कार्यमुक्त किया गया। करीब चार महीने की इस अवधि में उन्होंने कई पदों पर नियुक्तियां कीं और आवास आवंटन सहित अन्य नीतिगत फैसले लिए।