फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Side effect of chemical pesticide on the body then herbal products made at home

शरीर पर केमिकल पेस्टीसाइट का हुआ साइड इफेक्ट तो घर पर बनाए हर्बल उत्पाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
Side effect of chemical pesticide on the body then herbal products made at home
कैथल के ध्यानार्थ
विज्ञापन

फोटो 2 से 4
शरीर पर केमिकल पेस्टीसाइट का हुआ साइड इफेक्ट तो घर पर बनाए हर्बल उत्पाद
- राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, अब दोनों बेटे विरासत को बढ़ा रहे आगे
- बेटों ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एबिक सेंटर से प्रशिक्षण लेकर स्थापित की कंपनी
- हर सीजन में बेच रहे 20 हजार यूनिट, छह राज्यों के किसान इस्तेमाल कर रहे इनके उत्पाद
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। शरीर पर खेती में इस्तेमाल होने वाले केमिकल पेस्टीसाइट व फर्टिलाइजर का साइड इफेक्ट हुआ तो दुकान बंद कर घर पर ही हर्बल उत्पाद तैयार करने शुरू कर दिए। इन उत्पादों को लेकर किसानों का भी अच्छा रुझान देखने को मिला। यही नहीं राष्ट्रपति ने भी इन्हें सम्मानित किया। यह कहानी है कैथल के जिले के गांव कैलरम निवासी ईश्वर सिंह कुंडू की।
उनके बेटों ने अपने पिता के तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता में और सुधार किया। आज दोनों बेटे कंपनी बनाकर अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। फिलहाल हर सीजन में 20 हजार यूनिट बेच रहे हैं। हरियाणा सहित छह राज्यों के किसान इनके बनाए उत्पाद को इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन

यूं शुरू हुआ सफर
सुनील कुंडू के अनुसार वर्ष 1990 से पहले उसके पिता ईश्वर सिंह कुंडू कैथल में पेस्टीसाइड की दुकान चलाते थे। मगर धीरे-धीरे उनके शरीर पर इनका दुष्प्रभाव पड़ने लगा। इस पर उसके पिता ने दुकान बंद कर दी। इसके बाद जड़ी-बुटियों व ऐसे पौधे जिन्हें पशु नहीं खाते जैसे नीम, धतूरा आदि से हर्बल दवाएं बनाने लगे, जो जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ बीमारियों से फसलों का बचाव करती थी। वह इन दवाओं का ट्रायल अपने ही खेत में करते थे। अच्छे परिणाम आने लगे तो वह आसपास के किसानों को भी इन उत्पादों के बारे में बताने लगे। किसानों को भी ये उत्पाद पसंद आए और वह भी इनका इस्तेमाल करने लगे। वर्ष 2004 में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन ने उनके उत्पादों के ट्रायल लिए। इसके बाद वर्ष 2007 में फाउंडेशन की तरफ से उसके पिता को किसान सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उसके पिता को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

मशीन के लिए पैसे नहीं थे तो खुद की तैयार
सुनील कुंडू के अनुसार किसान सम्मान पुरस्कार मिलने के बाद उनके उत्पाद की मांग बढ़ने लगी तो उसके पिता ने डीलरशिप देनी शुरू कर दी। ज्यादा मात्रा में उत्पाद तैयार करने के लिए मशीन की जरूरत पड़ी। मगर बाजार में उपलब्ध मशीन काफी महंगी तो पिता ने खुद ही यह मशीन तैयार कर ली, जिस पर करीब 20 हजार रुपये खर्चा आया, जबकि बाजार में यही मशीन 4 से 5 लाख रुपये में मिल रही थी।
दोनों भाइयों ने उत्पाद की बढ़ाई गुणवत्ता
सुनील कुंडू के अनुसार वह और उसका भाई सुशील कुंडू शुरू से ही पिता का हाथ बंटाते थे तो उन्हें भी इन उत्पादों की पूरी जानकारी थी। वर्ष 2016 में दोनों भाइयों ने उत्पादों में बदलाव करने की सोची। आखिर में उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने में सफलता हासिल कर ली। पहले जहां एक एकड़ में 10 किलोग्राम उत्पाद की जरूरत होती थी, अब सिर्फ चार किलोग्राम में काम चल जाता है। यही नहीं जहां एक तरफ अब कम उत्पाद की जरूरत पड़ने लगी, वहीं फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। इसी बीच वर्ष 2020 में उन्होंने किसान उत्पादन संस्थान के नाम से फर्म भी बना ली।

एबिक सेंटर को भी पसंद आया उनका उत्पाद
वर्ष 2020 में उन्होंने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एबिक सेंटर में अपना आइडिया भेजा, जहां उनका आइडिया चुन लिया गया। एबिक से न सिर्फ ही मार्केटिंग का ज्ञान मिला, बल्कि 12 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी मिली। अब उन्होंने एक एरेबल एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाई है। वर्तमान में हर फसल सीजन में वह करीब 20 हजार यूनिट बेच रहे हैं। उनके उत्पाद हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश के किसान भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वह कंपनी के जरिए 20 से 25 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
इन कार्यों के लिए हैं इनके उत्पाद
इनके उत्पाद सॉयल ट्रीटमेंट, बीज उपचार, पौधों की बढ़वार बढ़ाने व दवाओं का प्रभाव ज्यादा समय तक रखने आदि कार्यों के लिए इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed