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श्री रामलीला कमेटी कटला के नहीं हो सके चुनाव, हुड़दंग और अव्यवस्था की चढ़े भेंट

Mon, 01 Aug 2016 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 01 Aug 2016 02:12 AM IST
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Shri Ramlila commety katla election cancell, protest, due to late of election officers, Hisar
चुनाव रद्द - फोटो : bureau

हरियाणा की सबसे पुरानी 120 साल से चल रही श्री रामलीला कमेटी कटला के कॉलेजियम चुनाव में रविवार को हुड़दंग और आपसी तनाव हो गया। इसके कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। सदस्यों का आरोप है कि निर्वाचन अधिकारी चुनाव स्थल पर लेट पहुंचे, जिससे कॉलेजियम कैंडीडेट और सदस्य भड़क गए।

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चुनाव डालने आए सदस्यों ने हूटिंग करनी शुरू कर दी। चुनाव अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और मौके के हालात देखते हुए चुनाव अधिकारियों ने चुनाव स्थगित कर एक सप्ताह बाद सात अगस्त को महाराजा अग्रसेन भवन में चुनाव करवाने का एलान कर वहां से चले गए। ऐसी स्थिति बनने के बाद कमेटी के सदस्यों में भारी रोष था। अब कमेटी के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कुछ सदस्यों ने सोमवार को रजिस्ट्रार कार्यालय में पहुंचकर निर्वाचन अधिकारियों को बदलने की मांग उठाने की बात कही है।
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चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले हैं 970 सदस्य
कटला रामलीला सदस्यों ने बताया कि इस कमेटी के फिलहाल करीब 1100 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले 970 सदस्य हैं। रविवार को नेपाल, कोलकाता, पटना, जयपुर सहित दूर-दूर से एरोप्लेन से वोट डालने के लिए आए, लेकिन चुनाव स्थगित होने के बाद इन लोगों में भारी रोष था।
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50 कॉलेजियम में से 32 का होना था चुनाव
कॉलेजियम कैंडीडेट प्रवीन ने बताया कि प्रधान पद के चुनाव से पहले कॉलेजियम कैंडीडेट का चुनाव होना था। 20 से 24 सदस्यों का एक कॉलेजियम बनाया गया था। कुल 50 कॉलेजियम थे, जिनमें से केवल 32 का चुनाव होना था। 18 कॉलेजियम निर्विरोध चुने जा चुके थे।

आरोप : गलत तरीके से रखीं मतपेटियां
सदस्यों का आरोप है कि चुनाव अधिकारियों ने गलत तरीके से मत पेटियां रखीं। उन्होंने 1, 3 और 5 और 6 कॉलेजियम के वोट डालने के लिए एक साथ पेटियां रख दीं। साथ ही कहा कि अगर कोई गलत पेटी में मत डालता है तो उसका मत रद्द माना जाएगा। इस बात पर भी कैंडीडेट भड़क गए। केवल दो मिनट ही वोटिंग हो पाई और निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।

यूं हुआ विवाद
श्री रामलीला कमेटी कटला का कॉलेजियम चुनाव होना था, जिसके लिए देवराज एडवोकेट, गोपीचंद एडवोकेट, नत्थूराम एडवोकेट व नारायण दास बंसल को निर्वाचन अधिकारी बनाया गया था। सुबह 9 से 4 बजे तक सनातन धर्म मंदिर में चुनाव का समय रखा गया था। सदस्यों का आरोप है कि चुनाव अधिकारी 9 बजकर 20 मिनट पर चुनाव स्थल पर पहुंचे। सदस्यों ने इसका विरोध किया और कहा कि आप लोग बाहर से आए सदस्यों को जान-बूझकर लेट करना चाहते हो। वहीं से मामला बिगड़ गया। आपस में कहासुनी हो गई। करीब साढे़ 9 बजे के बाद वोटिंग शुरू हुई। फिर वोटिंग के लेकर विवाद हो गया।

लोगों से खिलवाड़ किया गया है। कोलकाता, रोहतक, जयपुर, नेपाल से लोग आए हुए थे। सारा मामला निर्वाचन अधिकारियों की वजह से बिगड़ा है।
- महेश, सदस्य रामलीला कमेटी कटला

वहां चुनाव करवाने की व्यवस्था ठीक नहीं थी। प्रबुद्ध कहलाने वाले लोगों ने व्यवस्था बिगाड़ दी। पुलिस को पहले ही बुलाया गया था समय पर नहीं आई, जिसके कारण चुनाव स्थगित करने पड़े। अब सात अगस्त को चुनाव करवाए जाएंगे।
- नत्थूराम जैन निर्वाचन अधिकारी।

वर्जन
चुनाव अधिकारियों की देरी से मामला बिगड़ा है, जिसके कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। दूर-दराज से आए लोगों को परेशानी हुई है। सोमवार को रजिस्ट्रार कार्यालय जाएंगे और निर्वाचन अधिकारियों को बदलने की मांग करेंगे।
- प्रवीन, कैंडीडेट 11 कॉलेजियम

ये रहे माइनस प्वाइंट
- निर्वाचन अधिकारी लेट पहुंचने से भड़के सदस्य।
- मौके पर पुलिस की व्यवस्था न होना।
- सदस्यों का सब्र टूटना।
- रजिस्ट्रार ऑफिस से कोई सदस्या नहीं था अथवा सहायता नहीं ली गई।
- सदस्यों को समय पर सूचना न देना वोटिंग के लिए जरूरी आईडी कौन सी चाहिए
-11 फाउंडर मेंबर भी चुनाव डालेंगे या नहीं, स्थिति साफ नहीं।

प्रदेश की सबसे पुरानी कमेटी, 1100 से ज्यादा सदस्य
लगभग 120 साल से पुरानी यहां तक कि हरियाणा प्रदेश की सबसे पुरानी कमेटी, जिसमें 11 सौ से ज्यादा मेंबर। तीन वर्षों में एक बार होते हैं चुनाव। हाल में कमेटी के थे प्रधान वीरभान, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सज्जन गुप्ता को कार्यकारी प्रधान बनाया गया था।


यह होगा नुकसान
कॉलेजियम कैंडीडेट्स का मानना है कि चुनाव स्थगित होने से कमेटी को नुकसान होगा। रामलीला शुरू करने से ठीक दो से तीन महीने पहले ही चंदा एकत्रित करना होता है, जिसके लिए चुनाव में देरी होने से समस्या बन जाएगी। दूसरा कैंडीडेट एक-दूसरे के वोट तोड़ेंगे। इससे किसी को नुकसान होगा, किसी को फायदा।

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