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Hisar News: जाट आरक्षण के लिए भरी हुंकार, आंदोलन की दी चेतावनी
Wed, 02 Sep 2026 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 02 Sep 2026 01:05 AM IST
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हांसी जाट धर्मशाला में बैठक करते हुए जाट समाज के लोग। संवाद
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हांसी। स्थानीय जाट धर्मशाला में मंगलवार को आयोजित जाट समाज की बैठक में 13 सितंबर को पेटवाड़ गांव में सुनील श्योराण का 16वां शहीदी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। 13 सितंबर 2010 को जाट आरक्षण आंदोलन में मय्यड़ गांव में जान गंवाने वाले युवक की स्मृति में हर साल शहीदी दिवस मनाया जाता है।
बैठक में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से केंद्र और हरियाणा सरकार से जाट समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आरक्षण देने की मांग की गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन व सड़क जाम जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहिया ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनावों में जाट समाज वोट की चोट करेगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष गंगाराम ने आरोप लगाया कि सरकार ने ओबीसी आरक्षण सहित अन्य मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन लंबे समय बाद भी वादे पूरे नहीं हुए।
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समिति के उपाध्यक्ष हरियाणा बलवान सुंडा ने कहा कि समाज फिर से आरक्षण की मांग को लेकर लामबंद हो रहा है। बैठक में सत्ताधारी दलों में शामिल जाट नेताओं पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि ये नेता समाज के बीच जाट होने की बात करते हैं, लेकिन सरकार के सामने आरक्षण की मांग मजबूती से नहीं रखते। ऐसे नेताओं के राजनीतिक और सामाजिक विरोध की चेतावनी दी गई।
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बैठक में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से केंद्र और हरियाणा सरकार से जाट समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आरक्षण देने की मांग की गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन व सड़क जाम जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
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समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहिया ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आगामी चुनावों में जाट समाज वोट की चोट करेगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष गंगाराम ने आरोप लगाया कि सरकार ने ओबीसी आरक्षण सहित अन्य मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था लेकिन लंबे समय बाद भी वादे पूरे नहीं हुए।
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समिति के उपाध्यक्ष हरियाणा बलवान सुंडा ने कहा कि समाज फिर से आरक्षण की मांग को लेकर लामबंद हो रहा है। बैठक में सत्ताधारी दलों में शामिल जाट नेताओं पर भी निशाना साधा गया। आरोप लगाया गया कि ये नेता समाज के बीच जाट होने की बात करते हैं, लेकिन सरकार के सामने आरक्षण की मांग मजबूती से नहीं रखते। ऐसे नेताओं के राजनीतिक और सामाजिक विरोध की चेतावनी दी गई।