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हांसी डिविजन के ड्रेन और चैनल की सफाई के काम में ढाई करोड़ का घोटाला
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हांसी डिविजन के दो ड्रेन और दो चैनल की सफाई के काम में करीब ढाई करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। बास मल्टी पर्पज चैनल, हांसी मल्टी पर्पज चैनल और नारनौंद ड्रेन व पुट्ठी-मुंढाल ड्रेन में हुए इस घोटाले में अधिकारियों द्वारा अधिक मिट्टी दिखाकर लगभग 70-75 लाख रुपये के काम के सवा 3 करोड़ रुपये का बजट बनाकर विभाग को करीब ढाई करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। इस मामले में अब सिंचाई विभाग की विजिलेंस द्वारा अधिकारी के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। मामले के अनुसार सिंचाई विभाग के हांसी डिविजन के अंतर्गत आने वाले बास मल्टी पर्पज चेनल, हांसी मल्टी पर्पज चैनल और नारनौंद ड्रेन व पुट्ठी-मुंढाल ड्रेन में मिट्टी हटाई जानी थी। सिंचाई विभाग के हांसी डिविजन के एक्सईएन संदीप माथुर द्वारा इन चारों में मिट्टी हटाने के लिए विभाग को सवा तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया। इसके बाद उन्होंने मिट्टी हटाने का काम शुरू करवा दिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार बास मल्टी पर्पज चैनल, हांसी मल्टी पर्पज चेनल और पुट्ठी-मुंढाल ड्रेन से मिट्टी हटाने का काम लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन नारनौंद ड्रेन का काम शुरू कराया जाना था, जिसे विजिलेंस जांच ओपन होने के कारण शुरू ही नहीं कराया गया।
विजिलेंस जांच हो गई शुरू
सफाई के काम का एस्टीमेट अत्यधिक होने के कारण विभाग की विजिलेंस ने रुटीन चेक में गड़बड़ी दिखाई दी तो जून माह में मामले की जांच शुरू कर दी। विजिलेंस जांच में इन चारों ड्रेन और चैनल की साफ-सफाई में लगभग 70-75 लाख रुपये ही खर्च होने बताए गए, लेकिन ड्रेनों और चैनलों में अत्यधिक मिट्टी दिखाकर एस्टीमेट सवा तीन करोड़ रुपये का भेजा गया। रिपोर्ट में करीब ढाई करोड़ रुपये का गबन करने की बात कही गई है और विजिलेंस द्वारा अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
ऐसी कोई बात नहीं है कि घोटाला हुआ है। किसी की शिकायत पर विजिलेंस ने जांच कर रिपोर्ट भेज दी है। मामला इन प्रोसेस है, इसलिए इस बारे में फिलहाल कुछ ज्यादा नहीं कह सकते।
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एक्सईएन संदीप माथुर, सिंचाई विभाग, हांसी डिविजन।
रुटीन जांच के दौरान गड़बड़ी मिली तो उसकी जांच की गई। अब जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। आगामी फैसला उन्होंने ही लेना है। विभागीय मामला है, इस बारे में और ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
सुनील वर्मा, एक्सईएन विजिलेंस, हिसार।
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विजिलेंस जांच हो गई शुरू
सफाई के काम का एस्टीमेट अत्यधिक होने के कारण विभाग की विजिलेंस ने रुटीन चेक में गड़बड़ी दिखाई दी तो जून माह में मामले की जांच शुरू कर दी। विजिलेंस जांच में इन चारों ड्रेन और चैनल की साफ-सफाई में लगभग 70-75 लाख रुपये ही खर्च होने बताए गए, लेकिन ड्रेनों और चैनलों में अत्यधिक मिट्टी दिखाकर एस्टीमेट सवा तीन करोड़ रुपये का भेजा गया। रिपोर्ट में करीब ढाई करोड़ रुपये का गबन करने की बात कही गई है और विजिलेंस द्वारा अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
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ऐसी कोई बात नहीं है कि घोटाला हुआ है। किसी की शिकायत पर विजिलेंस ने जांच कर रिपोर्ट भेज दी है। मामला इन प्रोसेस है, इसलिए इस बारे में फिलहाल कुछ ज्यादा नहीं कह सकते।
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एक्सईएन संदीप माथुर, सिंचाई विभाग, हांसी डिविजन।
रुटीन जांच के दौरान गड़बड़ी मिली तो उसकी जांच की गई। अब जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। आगामी फैसला उन्होंने ही लेना है। विभागीय मामला है, इस बारे में और ज्यादा कुछ नहीं बता सकता।
सुनील वर्मा, एक्सईएन विजिलेंस, हिसार।