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Hisar News: जिले की सभी पीएचसी-सीएचसी के भवनों का होगा सेफ्टी निरीक्षण
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हिसार। जिला अस्पताल में छत का प्लास्टर गिरने से महिला के घायल होने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के भवनों का सेफ्टी निरीक्षण करवाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त टीम भवनों के ढांचे की जांच करेगी।
मरम्मत या नवनिर्माण की जरूरत मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी ताकि आवश्यक अनुमति और बजट लेकर काम करवाया जा सके। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 30 पीएचसी हैं। इनमें तलवंडी रुक्का, उमरा, काजला, लाडवा, अग्रोहा, चौधरीवास, धांसू और पटेल नगर प्रमुख हैं। इसके अलावा हांसी और बरवाला में दो सब-डिवीजन अस्पताल हैं।
जिले में आठ सरकारी सीएचसी भी हैं। इनमें आर्यनगर, सीसवाल, मंगली, उकलाना, मिर्चपुर, सिसई बोला, सोरखी और बरवाला शामिल हैं। बरवाला सीएचसी को सब-डिवीजन अस्पताल के रूप में भी स्थापित किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग जल्द ही पीडब्ल्यूडी के तकनीकी स्टाफ से इन सभी भवनों का निरीक्षण करवाएगा। इसमें भवनों के ढांचे की स्थिति और मरम्मत की जरूरत का आकलन किया जाएगा, ताकि समय रहते जरूरी काम कराया जा सके। बारिश के बाद नमी से प्लास्टर कमजोर पड़ने के साथ पुरानी दीवारों और छतों के जर्जर होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए विभाग ने निरीक्षण और आगे की कार्रवाई की योजना बनाई है।
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जिले की पीएचसी और सीएचसी का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। बारिश के बाद भवनों की स्थिति का दोबारा आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर मरम्मत के लिए बजट तैयार किया जाएगा।
- डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल, हिसार।
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मरम्मत या नवनिर्माण की जरूरत मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी ताकि आवश्यक अनुमति और बजट लेकर काम करवाया जा सके। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल 30 पीएचसी हैं। इनमें तलवंडी रुक्का, उमरा, काजला, लाडवा, अग्रोहा, चौधरीवास, धांसू और पटेल नगर प्रमुख हैं। इसके अलावा हांसी और बरवाला में दो सब-डिवीजन अस्पताल हैं।
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जिले में आठ सरकारी सीएचसी भी हैं। इनमें आर्यनगर, सीसवाल, मंगली, उकलाना, मिर्चपुर, सिसई बोला, सोरखी और बरवाला शामिल हैं। बरवाला सीएचसी को सब-डिवीजन अस्पताल के रूप में भी स्थापित किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग जल्द ही पीडब्ल्यूडी के तकनीकी स्टाफ से इन सभी भवनों का निरीक्षण करवाएगा। इसमें भवनों के ढांचे की स्थिति और मरम्मत की जरूरत का आकलन किया जाएगा, ताकि समय रहते जरूरी काम कराया जा सके। बारिश के बाद नमी से प्लास्टर कमजोर पड़ने के साथ पुरानी दीवारों और छतों के जर्जर होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए विभाग ने निरीक्षण और आगे की कार्रवाई की योजना बनाई है।
जिले की पीएचसी और सीएचसी का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। बारिश के बाद भवनों की स्थिति का दोबारा आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर मरम्मत के लिए बजट तैयार किया जाएगा।
- डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल, हिसार।