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Hisar News: एचएयू में सजी हरियाणवी संस्कृति की चौपाल, शुरू हुआ म्हारी माटी एग्रो टूरिज्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:51 AM IST
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Haryanvi cultural gathering set up at HAU; 'Mhari Mati' Agro-Tourism launched.
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में रविवार को म्हारी माटी एग्रो टूरिज्म का शुभारंभ किया गया। प्रथम नवरात्र के अवसर पर सुंदरकांड पाठ के साथ शुरू हुए इस केंद्र में सैकड़ों लोगों ने देसी खेल, पारंपरिक खानपान और बैलगाड़ी की सवारी का आनंद लिया।
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एचएयू की छह एकड़ जमीन पर 5.6 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र का उद्देश्य लोगों को हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवनशैली और पारंपरिक विरासत से परिचित कराना है।
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केंद्र के संचालक अनिल गोयल, लक्ष्य गोयल और ईशा गोयल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यहां हरियाणवी संस्कृति, विरासत और परंपराओं को समेटने का प्रयास किया गया है। यहां आने वाले लोगों को हरियाणवी मिट्टी की सौंधी महक, भाईचारे और अपनेपन का अनुभव मिलेगा।
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गांव की चौपाल और लोक संस्कृति की झलक के साथ प्राकृतिक वातावरण में बैलगाड़ी की सवारी, पारंपरिक खेल, हस्तशिल्प और कला का आनंद लिया जा सकेगा। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के खेल और झूलों की व्यवस्था भी की गई है। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
यह रहेगा प्रमुख आकर्षण
म्हारी माटी एग्रो टूरिज्म में मछलीघर, वृक्षघर और रहट स्थापित किए गए हैं। सैकड़ों लोगों ने परिसर का अवलोकन किया और चलते रहट के पास तस्वीरें खिंचवाईं। यहां रथ पर विराजमान श्रीकृष्ण और अर्जुन का विशाल प्रतिरूप भी आकर्षण का केंद्र है। परिसर में रखे प्राचीन बर्तन, वाद्ययंत्र, पारंपरिक पहनावे, रहन-सहन और खेलकूद से जुड़ी कलाकृतियों को भी लोगों ने सराहा।

देसी रसोई से ट्री हाउस तक का अनुभव
केंद्र में हरियाणवी संस्कृति की झांकी, नक्काशीदार विशाल दरवाजा और देसी रसोई का विशेष अंदाज देखने को मिलेगा। यहां बने ट्री हाउस में विश्राम करने का भी अलग अनुभव मिलेगा। अनिल गोयल ने बताया कि प्राकृतिक वातावरण में यह केंद्र लोगों को हरियाणवी संस्कृति और विरासत से रूबरू कराएगा। यहां जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, गोष्ठियां, नाटक और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
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