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आरटीआई के नाम जारी की रसीद हाउस टैक्स में प्रयोग की
amarujala/Hisar
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:10 AM IST
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नगर निगम की टैक्स ब्रांच में घोटाले पर घोटले उजागर हो रहे हैं। पहले डीसी के नाम पत्र भेजकर 51 जीए-8 का रिकॉर्ड कंपनी के सर्वर से हटवाया गया। अब एक जी-8 (रसीद बुक) ही गायब किए जाने का मामला सामने आया है। जिस निगम कर्मी के नाम रसीद बुक जारी की गई थी उसने न तो भुगतान जमा कराया और न ही रसीद बुक। निगम में इस मामले के बाद अफरा तफरी मच गई है कि आखिर बुक व रुपये कहां गए।
इस मामले के बाद एकाउंट ब्रांच ने उच्च अधिकारियों को लिख दिया है कि जी-8 नंबर 4400 का भुगतान खजाने में जमा नहीं हुआ है। यह राशि कितनी थी इसका भी अंदाजा नहीं है। प्राथमिक रूप से जो मामला सामने आया है वह यह कि रसीद बुक आरटीआई की रसीद काटने के नाम पर इश्यू की गई थी। मगर इसमें हाउस टैक्स की पर्चिंयां काटी गई हैं। इस मामले का खुलासा आम लोगों द्वारा लाई गई रसीदों पर लिखे नंबर से पता चल रहा है।
ऐसे खुला राज
हाल ही में रामपुरा मोहल्ला का एक व्यक्ति अपना हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए आया था। निगम टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों ने कहा कि आपका हजारों रुपये का एरियर भी बकाया है। इस पर व्यक्ति ने कहा कि भाई ये कैसे हो सकता है। मेरे पास पिछले साल की रसीद है। इस पर उसने रसीद निकालकर दिखाई। रसीद में टैक्स भरा हुआ था। रसीद पर जी-8 नंबर भी था। जिस जी-8 नंबर की स्टॉक रजिस्टर में एंट्री देखी गई तो वह आरटीआई को लेकर इश्यू की गई थी। मामला एकाउंट में पहुंचा तो राज खुला कि इस रसीद बुक की जमा करवाने की कोई एंट्री नहीं है और न ही इसकी पेमेंट खजाने में जमा करवाई गई।
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4400 नंबर जी-8 जमा नहीं हुई है न ही इसकी पेमेंट जमा करवाई गई है। जिस कर्मचारी के नाम यह जी-8 इश्यू की गई थी उससे जवाब मांगा गया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट की जा चुकी है।
- उग्रसेन परमार, सीनियर एकाउंट ऑफिसर।
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इस मामले के बाद एकाउंट ब्रांच ने उच्च अधिकारियों को लिख दिया है कि जी-8 नंबर 4400 का भुगतान खजाने में जमा नहीं हुआ है। यह राशि कितनी थी इसका भी अंदाजा नहीं है। प्राथमिक रूप से जो मामला सामने आया है वह यह कि रसीद बुक आरटीआई की रसीद काटने के नाम पर इश्यू की गई थी। मगर इसमें हाउस टैक्स की पर्चिंयां काटी गई हैं। इस मामले का खुलासा आम लोगों द्वारा लाई गई रसीदों पर लिखे नंबर से पता चल रहा है।
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ऐसे खुला राज
हाल ही में रामपुरा मोहल्ला का एक व्यक्ति अपना हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए आया था। निगम टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों ने कहा कि आपका हजारों रुपये का एरियर भी बकाया है। इस पर व्यक्ति ने कहा कि भाई ये कैसे हो सकता है। मेरे पास पिछले साल की रसीद है। इस पर उसने रसीद निकालकर दिखाई। रसीद में टैक्स भरा हुआ था। रसीद पर जी-8 नंबर भी था। जिस जी-8 नंबर की स्टॉक रजिस्टर में एंट्री देखी गई तो वह आरटीआई को लेकर इश्यू की गई थी। मामला एकाउंट में पहुंचा तो राज खुला कि इस रसीद बुक की जमा करवाने की कोई एंट्री नहीं है और न ही इसकी पेमेंट खजाने में जमा करवाई गई।
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4400 नंबर जी-8 जमा नहीं हुई है न ही इसकी पेमेंट जमा करवाई गई है। जिस कर्मचारी के नाम यह जी-8 इश्यू की गई थी उससे जवाब मांगा गया है। इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट की जा चुकी है।
- उग्रसेन परमार, सीनियर एकाउंट ऑफिसर।