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आरसीबी : अवमानना साबित करने के लिए नगर निगम ने कोर्ट में दिखाया गोल-गप्पे बेचने का वीडियो
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हिसार। राम चाट भंडार (आरसीबी) मामले में बुधवार को हुई सुनवाई में नगर निगम ने अवमानना साबित करने के लिए अदालत में रेस्टोरेंट मालिक द्वारा बिल्डिंग में गोल-गप्पे बेचने का वीडियो दिखाया गया। अदालत ने रेस्टोरेंट मालिक से 25 मई तक अवमानना पर जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने नगर निगम प्रशासन से बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने को कहा है।
बता दें कि 12 अप्रैल की सुबह रामचाट भंडार में आग लग गई थी। आगजनी में 14 वर्षीय किशोर की भी मौत हो गई थी। नगर निगम ने जांच के दौरान इस भवन को असुरक्षित करार दिया था और भवन गिराने के लिए नोटिस जारी किया था। 27 अप्रैल को निगमायुक्त ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान भवन को गिराने का कार्य धीमी गति से चल रहा था। इस पर निगम ने दोबारा नोटिस जारी कर भवन मालिक को निर्धारित समयावधि में ही अपने जर्जर भवन को अपने स्तर पर गिराने के आदेश दिए थे। इन नोटिस के खिलाफ भवन स्वामी ने अदालत में याचिका दायर कर दी तो अदालत ने भवन को यथास्थिति में रखने और बीएंडआर विभाग को 5 मई तक स्ट्रेचर स्टेबिलिटी रिपोर्ट देने को कहा। उधर निगम की तरफ से भी भवन मालिक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। बीएंडआर ने 7 मई को अपनी रिपोर्ट जमा करवाई। 10 मई को मामले में सुनवाई नहीं हो सकी थी। अदालत ने निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने का कहा था और सुनवाई की तिथि 18 मई निर्धारित की थी।
कोर्ट के आदेश की रेस्टोरेंट मालिक कर रहा अवमानना
बुधवार को सुनवाई के दौरान निगम की तरफ से अदालत में एक वीडियो क्लिप दिखाई गई। इस क्लिप में रेस्टोरेंट मालिक बिल्डिंग में ही गोल-गप्पे बेचना हुआ दिखाई दे रहा था। यह क्लिप दिखाते हुए निगम ने कहा कि अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों में बिल्डिंग के स्वरूप में किसी तरह का फेरबदल न करने के आदेश दिए थे। मगर रेस्टोरेंट मालिक ने सिर्फ बिल्डिंग की पूरी मरम्मत कर ली, बल्कि यहां काम भी शुरू कर दिया। इस पर जज ने कहा कि निगम ने आपके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की हुई है। इस पर आपने अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया। जज ने कहा कि रेस्टोरेंट मालिक 25 मई को होने वाली सुनवाई में अवमानना याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे। वहीं इसी दिन अदालत ने निगम को भी बीएंडआर की तरफ से दी गई स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाने को कहा।
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बता दें कि 12 अप्रैल की सुबह रामचाट भंडार में आग लग गई थी। आगजनी में 14 वर्षीय किशोर की भी मौत हो गई थी। नगर निगम ने जांच के दौरान इस भवन को असुरक्षित करार दिया था और भवन गिराने के लिए नोटिस जारी किया था। 27 अप्रैल को निगमायुक्त ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान भवन को गिराने का कार्य धीमी गति से चल रहा था। इस पर निगम ने दोबारा नोटिस जारी कर भवन मालिक को निर्धारित समयावधि में ही अपने जर्जर भवन को अपने स्तर पर गिराने के आदेश दिए थे। इन नोटिस के खिलाफ भवन स्वामी ने अदालत में याचिका दायर कर दी तो अदालत ने भवन को यथास्थिति में रखने और बीएंडआर विभाग को 5 मई तक स्ट्रेचर स्टेबिलिटी रिपोर्ट देने को कहा। उधर निगम की तरफ से भी भवन मालिक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी। बीएंडआर ने 7 मई को अपनी रिपोर्ट जमा करवाई। 10 मई को मामले में सुनवाई नहीं हो सकी थी। अदालत ने निगम को बीएंडआर की रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज करवाने का कहा था और सुनवाई की तिथि 18 मई निर्धारित की थी।
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कोर्ट के आदेश की रेस्टोरेंट मालिक कर रहा अवमानना
बुधवार को सुनवाई के दौरान निगम की तरफ से अदालत में एक वीडियो क्लिप दिखाई गई। इस क्लिप में रेस्टोरेंट मालिक बिल्डिंग में ही गोल-गप्पे बेचना हुआ दिखाई दे रहा था। यह क्लिप दिखाते हुए निगम ने कहा कि अदालत ने इस मामले में दोनों पक्षों में बिल्डिंग के स्वरूप में किसी तरह का फेरबदल न करने के आदेश दिए थे। मगर रेस्टोरेंट मालिक ने सिर्फ बिल्डिंग की पूरी मरम्मत कर ली, बल्कि यहां काम भी शुरू कर दिया। इस पर जज ने कहा कि निगम ने आपके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की हुई है। इस पर आपने अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया। जज ने कहा कि रेस्टोरेंट मालिक 25 मई को होने वाली सुनवाई में अवमानना याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे। वहीं इसी दिन अदालत ने निगम को भी बीएंडआर की तरफ से दी गई स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाने को कहा।
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