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कर्ज लेकर महिला मित्रों पर रुपये उड़ाता था राममेहर

Sun, 11 Oct 2020 01:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांसी (हिसार)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांसी (हिसार) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sun, 11 Oct 2020 01:12 AM IST
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rammehar spend rupees on his girlfriend
हांसी पुलिस की गिरफ्त में आरोपी राममेहर। - फोटो : अमर उजाला

राममेहर को एशो-आराम पसंद था। वह अपनी दो महिला मित्रों पर कर्ज लेकर भी जमकर रुपये खर्च करता था। उसने एक महिला मित्र को एसएक्स-4 गाड़ी भी खरीद कर दी हुई थी।घटना वाले दिन (मंगलवार रात) जिन 11 लाख रुपये की बात सामने आई थी, उनमें से 5 लाख रुपये उसने एक महिला मित्र को दिए, जबकि कुछ रुपये अपनी दूसरी महिला मित्र के बैंक खाते में जमा करवाए थे।

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अपनी इन्हीं आदतों की वजह से वह कर्ज में डूबता चला गया। डिस्पोजल की फैक्टरी में भी उसे काफी नुकसान हुआ। इसी कारण उसने फिल्मी स्टाइल में दुनिया के सामने खुद के मरने की पटकथा रची, लेकिन इस पटकथा में इतनी खामियां थीं कि वह तीसरे ही दिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया। राममेहर को उसकी एशो-आराम की आदतों ने आज सलाखों तक पहुंचा दिया है।
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दो महिला मित्रों को दिए पैसे
हांसी के एसपी लोकेंद्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि जो 11 लाख रुपये निकलवाने की बात सामने आई थी, वह उसने वारदात के दिन यानी 6 अक्तूबर को ही निकलवाए थे। उनमें से कुछ रुपये उसने अपनी एक महिला मित्र को नकद दिए, जबकि कुछ रुपये उसने दूसरी महिला मित्र के खाते में डलवाए थे। बाकी रुपयों की रिकवरी के लिए पुलिस उससे रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी।
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दो बैंकों से लोन और कराए बीमे
राममेहर ने पीएनबी और एचडीएफसी से लोन लिया हुआ था, जिसको वह चुका नहीं पा रहा था और उसके ऊपर कर्ज बढ़ता जा रहा था। इसके अलावा उसने जुलाई माह में एलआईसी व एक अन्य करीब डेढ़ करोड़ की बीमा पॉलिसी कराई थी। इसी बीमा राशि को पाकर कर्ज चुकाने और नई जिंदगी शुरू करने के लिए उसने अपनी मौत का ड्रामा रचा था।

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15 किलोमीटर चला पैदल

गाड़ी को आग लगाने के बाद राममेहर करीब 15 किलोमीटर दूर ढाणी कुतुबपुर तक पैदल गया और वहां अपनी महिला मित्र की एसएक्स-4 गाड़ी, जिसे उसने ही खरीदकर उसे दिया था, वह लेकर सुबह करीब 4:30 बजे वहां से निकला। उसके साथ दो और लोग भी थे, जिनके बारे में पुलिस राममेहर से पूछताछ के बाद खुलासा करेगी। राममेहर और उसके साथ गए दो अन्य लोग गाड़ी से ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचे।

नए नंबरों से महिला मित्रों के संपर्क में था
राममेहर अपने नए नंबरों के साथ अपनी महिला मित्रों से लगातार संपर्क में था। वह लगातार उनसे यहां की अपडेट भी ले रहा था। उसने अपनी फैक्टरी में कह रखा था कि उसने बिलासपुर में जमीन खरीदनी है। पुलिस के अनुसार राममेहर के पास एक मकान, एक दुकान, एक फैक्टरी के अलावा 13 एकड़ जमीन भी है। अपनी महिला मित्रों से संपर्क में रहने के चलते ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस द्वारा सर्विलांस पर लगाए गए नंबरों के कारण वह जल्दी पकड़ में आ गया।

साथ देने वालों का खुलासा होना बाकी
अभी बहुत सी बातें ऐसी हैं, जिनका खुलासा होना बाकी है और उनका खुलासा पुलिस की पूछताछ के बाद ही होगा। इस वारदात व झूठी साजिश को अंजाम देने में राममेहर का साथ देने वालों में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा राममेहर की महिला मित्रों की भूमिका भी संदिग्ध है।

पारिवारिक सदस्यों की संलिप्तता की होगी जांच

पुलिस इस मामले में राममेहर की मदद करने वालों की भी जांच कर रही है। इस बारे में रिमांड अवधि के दौरान राममेहर से भी पूछताछ की जाएगी। इस बात की जांच की जाएगी कि राममेहर के इस षड्यंत्र का किस-किस को पता था और वे कौन-कौन लोग थे, जो उसके षड्यंत्र में शामिल थे।

इसके लिए उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी। एसपी के अनुसार परिवार के सदस्यों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि परिवार को इस साजिश के बारे में नहीं पता था, लेकिन फिलहाल उन्हें तफ्तीश में शामिल नहीं किया है, लेकिन आगे जांच में उन्हें शामिल किया जाएगा।

इसे माड़े बालक नै तो फांसी दे देनी चाहिए, खुद तो उजड़ना था, पर रमलू का के कसूर था
नारनौंद। डाटा गांव में शनिवार शाम को जैसे ही राममेहर द्वारा गांव के युवक रमलू की हत्या कर जलाने की बात पहुंची तो पूरा गांव गुस्से व सदमे में नजर आया। डाटा गांव के पूर्व सरपंच एवं राममेहर के चचेरे भाई जयबीर सिंह ने कहा कि राममेहर द्वारा इस प्रकार का षड्यंत्र रचने का कोई अंदाजा भी नहीं लगा पा रहा है।

पूरे गांव को सदमा लगा है कि उसने गांव के एक बेकसूर युवक की हत्या भी कर दी। जब से युवक रमलू की हत्या कर शव गाड़ी में जलाने की बात राममेहर ने पुलिस को बताई है, तब से हर ग्रामीण की जुबान पर एक ही बात है कि इसे माड़े बालक नै तो फांसी दे देनी चाहिए, खुद तो उजड़ना था, लेकिन पर रमलू का के कसूर था।

जयबीर ने कहा कि राममेहर के परिवार को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कोई कदम उठा सकता है या किसी व्यक्ति की हत्या कर उसके शव को जलाकर इस प्रकार से षड्यंत्र रच सकता है। जिस प्रकार उसकी मृत्यु की खबर सुनकर परिवार को सदमा लगा था, उससे भी बड़ा सदमा परिवार के लिए गांव के ही युवक की हत्या कर उसको जलाने को लेकर लगा है।

डेरु बजाने का काम करता था रमलू
नारनौंद। रमलू के चचेरे भाई रामपाल ने बताया कि वह गांवों में डेरु बजाने का काम करता था। इस कारण अकसर कई-कई दिन तक घर नहीं आता था। फिलहाल रमलू वारदात के दिन से ही घर नहीं लौटा था, लेकिन उसके काम के कारण कई दिन तक घर न लौटने के कारण परिवार के लोगों ने उसको ढूंढने का प्रयास नहीं किया।

रामपाल ने बताया कि शनिवार को दोपहर बाद पुलिस ने रमलू के परिवार को घर पर आकर हादसे की जानकारी दी। उसके बाद ही परिवार को घटना का पता चला। उसने बताया कि रमलू की आरोपी राममेहर के साथ कोई दोस्ती नहीं थी, बल्कि राममेहर ने रमलू को शराब पिलाने के बहाने से अपने साथ ले गया। रमलू के तीन लड़के व तीन लड़कियां हैं। रमलू के परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है।

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