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प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी का मेयर ने मंगवाया एग्रीमेंट, चार दिन बाद भी एफआईआर नहीं
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प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी और उसके कर्मचारी के खिलाफ चार दिन बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। इससे नाराज मेयर गौतम सरदाना ने सोमवार को सिविल लाइन थाने के एसएचओ से फोन पर बात कर स्टेटस जाना। एसएचओ के तर्क से भी मेयर संतुष्ट नहीं दिखे।
एसएचओ का कहना था कि वह इस मामले को डीएसपी के साथ साझा करेंगे और उनकी राय लेंगे, उसके बाद ही केस दर्ज होगा। इस पर मेयर ने पूछा कि क्या हर मामले में डीएसपी से राय ली जाती है। अब मेयर खुद डीएसपी से बात करेंगे। वहीं, उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से एजेंसी के साथ किए गए एग्रीमेंट की कॉपी मंगवाई है।
गौरतलब है कि प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी के एक कर्मचारी द्वारा दो हजार रुपये लेने का वीडियो सामने आने के बाद वीरवार को मेयर के आदेश पर निगम प्रशासन ने सिविल लाइन थाना पुलिस व एचएयू चौकी में कंपनी व कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र भेजा गया था।
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पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने भी मेयर के सामने रखे और तथ्य
मेयर के सामने वार्ड नंबर 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने भी इस मामले से जुड़े कुछ और तथ्य रखे। पार्षद प्रतिनिधि का दावा है कि एक जगह से नहीं बल्कि कई जगह से पैसे लिए गए हैं। इसलिए मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। पार्षद प्रतिनिधि कंपनी द्वारा भिवानी में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे संबंधी टेंडर लेने के बारे में भी मेयर से चर्चा की। शर्मा ने मेयर को बताया कि कंपनी ने भिवानी में भी सर्वे कार्य के लिए टेंडर लिया था। मगर वहां के उपायुक्त ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर इस एजेंसी को सर्वे संबंधी कार्य नहीं देने का आग्रह किया था।
अधिकारी करवाएंगे प्रॉपर्टीज की रेंडमली जांच
इस मामले में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे की वास्तविकता जानने के लिए मेयर व निगम अधिकारी सर्वे में शामिल प्रॉपर्टियों की रेंडमली जांच करवाएंगे। इस दौरान देखा जाएगा कि सर्वे रिपोर्ट में दर्शाया गया प्रॉपर्टी का एरिया पूरा है या नहीं। प्रॉपर्टी कॉमर्शियल है या रेजीडेंशियल। इसके अलावा कोई और भिन्नता तो नहीं। इस जांच के लिए अधिकारियों ने प्लानिंग शुरू कर दी है। खासकर, करीब 10 हजार कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज की रेंडमली जांच करवाने पर चर्चा हो रही है।
अन्य पार्षद भी उठाने लगे जांच की मांग
वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा के अलावा अन्य पार्षद भी निजी एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे की गंभीरता से जांच करवाने की मांग उठाने लगे हैं। वार्ड तीन के पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान, वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल, वार्ड 17 के पार्षद महेंद्र जुनेजा आदि का कहना है कि अगर एजेंसी ने प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे में अनियमितताएं बरती है, तो उसको भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। भुगतान से पहले पूरी जांच होनी चाहिए क्योंकि कर्मचारियों द्वारा पैसे लेने का मामला कई जगहों से सामने आ रहा है।
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी और उसके कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 21 नवंबर को पत्र भेजा था। अभी तक एफआईआर नहीं हुई। मैंने एसएचओ से बात की है, संतोषजनक जवाब नहीं है। अब डीएसपी से बात करेंगे। वहीं, एग्रीमेंट मंगवाया है। और भी जांच करेंगे।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
वर्जन
एजेंसी द्वारा किए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के काम को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है। अधिकारी खुद मानते हैं कि शिकायतें कई बार आई थीं। अब तो वीडियो भी दे दिया है। अधिकारियों को एजेंसी को बचाने के बजाय निष्पक्षता से मामले की जांच करवानी चाहिए।
- सुशील शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 20
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एसएचओ का कहना था कि वह इस मामले को डीएसपी के साथ साझा करेंगे और उनकी राय लेंगे, उसके बाद ही केस दर्ज होगा। इस पर मेयर ने पूछा कि क्या हर मामले में डीएसपी से राय ली जाती है। अब मेयर खुद डीएसपी से बात करेंगे। वहीं, उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधिकारियों से एजेंसी के साथ किए गए एग्रीमेंट की कॉपी मंगवाई है।
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गौरतलब है कि प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी के एक कर्मचारी द्वारा दो हजार रुपये लेने का वीडियो सामने आने के बाद वीरवार को मेयर के आदेश पर निगम प्रशासन ने सिविल लाइन थाना पुलिस व एचएयू चौकी में कंपनी व कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र भेजा गया था।
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पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने भी मेयर के सामने रखे और तथ्य
मेयर के सामने वार्ड नंबर 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने भी इस मामले से जुड़े कुछ और तथ्य रखे। पार्षद प्रतिनिधि का दावा है कि एक जगह से नहीं बल्कि कई जगह से पैसे लिए गए हैं। इसलिए मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। पार्षद प्रतिनिधि कंपनी द्वारा भिवानी में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे संबंधी टेंडर लेने के बारे में भी मेयर से चर्चा की। शर्मा ने मेयर को बताया कि कंपनी ने भिवानी में भी सर्वे कार्य के लिए टेंडर लिया था। मगर वहां के उपायुक्त ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर इस एजेंसी को सर्वे संबंधी कार्य नहीं देने का आग्रह किया था।
अधिकारी करवाएंगे प्रॉपर्टीज की रेंडमली जांच
इस मामले में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे की वास्तविकता जानने के लिए मेयर व निगम अधिकारी सर्वे में शामिल प्रॉपर्टियों की रेंडमली जांच करवाएंगे। इस दौरान देखा जाएगा कि सर्वे रिपोर्ट में दर्शाया गया प्रॉपर्टी का एरिया पूरा है या नहीं। प्रॉपर्टी कॉमर्शियल है या रेजीडेंशियल। इसके अलावा कोई और भिन्नता तो नहीं। इस जांच के लिए अधिकारियों ने प्लानिंग शुरू कर दी है। खासकर, करीब 10 हजार कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज की रेंडमली जांच करवाने पर चर्चा हो रही है।
अन्य पार्षद भी उठाने लगे जांच की मांग
वार्ड 20 के पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा के अलावा अन्य पार्षद भी निजी एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे की गंभीरता से जांच करवाने की मांग उठाने लगे हैं। वार्ड तीन के पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान, वार्ड 12 के पार्षद जगमोहन मित्तल, वार्ड 17 के पार्षद महेंद्र जुनेजा आदि का कहना है कि अगर एजेंसी ने प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे में अनियमितताएं बरती है, तो उसको भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। भुगतान से पहले पूरी जांच होनी चाहिए क्योंकि कर्मचारियों द्वारा पैसे लेने का मामला कई जगहों से सामने आ रहा है।
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली एजेंसी और उसके कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 21 नवंबर को पत्र भेजा था। अभी तक एफआईआर नहीं हुई। मैंने एसएचओ से बात की है, संतोषजनक जवाब नहीं है। अब डीएसपी से बात करेंगे। वहीं, एग्रीमेंट मंगवाया है। और भी जांच करेंगे।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
वर्जन
एजेंसी द्वारा किए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के काम को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता है। अधिकारी खुद मानते हैं कि शिकायतें कई बार आई थीं। अब तो वीडियो भी दे दिया है। अधिकारियों को एजेंसी को बचाने के बजाय निष्पक्षता से मामले की जांच करवानी चाहिए।
- सुशील शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 20