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Hisar News: सवालों में प्रॉपर्टी टैक्स, अब निगम करेगा 900 बकायेदारों का सत्यापन
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हिसार। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर सवाल उठने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। अब निगम 900 बकायेदारों के प्रॉपर्टी टैक्स की वेरिफिकेशन करेगा। इस कार्य के लिए निगम की तरफ से एक कमेटी का गठन किया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने निगम को बकायेदारों की सूची भेजी है। इन प्रॉपर्टी पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स बकाया है।
पिछले दिनों शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से प्रदेश की सभी निकायों को बकायेदारों की सूची बनाकर भेजी गई है। विभाग का कहना है कि इन सभी प्रॉपर्टी पर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के लिए शिकायतें आ रही थीं। इन सभी प्रॉपर्टी की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाए। अगर किसी प्रॉपर्टी का टैक्स गलत मिलता है तो उसे दुरुस्त किया जाए।
निगम प्रशासन ने टीम का किया गठन
मुख्यालय के आदेश पर निगम प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा व विरेंद्र सहारण, सीनियर अकाउंट ऑफिसर अशोक नेहरा व सचिव संजय शर्मा को शामिल किया गया है। इन प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन कार्य ठीक होगा, इसकी जिम्मेदारी इस टीम की रहेगी।
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सूची में 4 प्रॉपर्टी सेक्टर 9-11 की, बकाया टैक्स 50 करोड़
सूत्रों की मानें तो मुख्यालय की तरफ से भेजी गई सूची में सेक्टर 9-11 की 4 प्रॉपर्टी शामिल हैं, जिन पर बकाया टैक्स राशि करीब 50 करोड़ रुपये है। सूत्रों का कहना है कि इनमें एक प्रॉपर्टी 44 गज की है और यह खाली प्लॉट है, जिस पर बकाया टैक्स करीब 11 करोड़ रुपये दर्शाया जा रहा है।
टीम ऐसे कर रही है जांच
सूची में शामिल प्रॉपर्टी के एरिया की जांच की जा रही है कि निगम में रिकॉर्ड में दर्ज एरिया व मौके पर प्रॉपर्टी का एरिया समान है या नहीं। प्रॉपर्टी के साथ गलती से कोई अन्य प्रॉपर्टी तो अटैच नहीं है। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2022 में किए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में काफी गड़बड़ियां की गई थीं, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। ये गड़बड़ियां भी उसी सर्वे के दौरान हुईं थीं।
निगम के खाते में 22.50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा
वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में निगम के खाते में अब तक 22.50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये फायर टैक्स जमा हुआ है। इस वित्त वर्ष में निगम का प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य 25 करोड़ रुपये है। अभी वित्त वर्ष के चार माह बचे हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि वह लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा, जब निगम निर्धारित लक्ष्य को हासिल करेगा।
निगम एरिया में प्रॉपर्टी का विवरण
रिहायशी-80277
व्यावसायिक-15180
औद्योगिक-965
संस्थान-1106
प्लॉट-40481
स्पेशल कैटेगरी-1675
मिक्स यूज-10891
एग्रीकल्चर-4967
कुल प्रॉपर्टी-155542
-- -- -- -- -
पिछले वर्षों में इतना जमा हुआ था प्राॅपर्टी टैक्स
वित्त वर्ष-लक्ष्य-जमा हुआ
2019-20-- -- -- -27 करोड़ रुपये-- -- -- -7.86 करोड़ रुपये
2020-21-- -- -- -- -24 करोड़ रुपये-- -- -- -- -- -15.92 करोड़ रुपये
2021-22-- -- -- -- -- -24 करोड़ रुपये-- -- -- -- -- 8.87 करोड़ रुपये
2022-23-- -- -- -22 करोड़ रुपये-- -- -- -- 12.08 करोड़ रुपये
2023-24-- -- -- -- -25 करोड़ रुपये-- -- -- -- -- 19.68 करोड़ रुपये
-- -- -- -- -- -- -
900 प्रॉपर्टी की सूची है, जिनका टैक्स दुरुस्त किया जाना है। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
- विरेंद्र सहारण, अतिरिक्त निगमायुक्त।
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पिछले दिनों शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से प्रदेश की सभी निकायों को बकायेदारों की सूची बनाकर भेजी गई है। विभाग का कहना है कि इन सभी प्रॉपर्टी पर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के लिए शिकायतें आ रही थीं। इन सभी प्रॉपर्टी की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाए। अगर किसी प्रॉपर्टी का टैक्स गलत मिलता है तो उसे दुरुस्त किया जाए।
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निगम प्रशासन ने टीम का किया गठन
मुख्यालय के आदेश पर निगम प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा व विरेंद्र सहारण, सीनियर अकाउंट ऑफिसर अशोक नेहरा व सचिव संजय शर्मा को शामिल किया गया है। इन प्रॉपर्टी का वेरिफिकेशन कार्य ठीक होगा, इसकी जिम्मेदारी इस टीम की रहेगी।
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सूची में 4 प्रॉपर्टी सेक्टर 9-11 की, बकाया टैक्स 50 करोड़
सूत्रों की मानें तो मुख्यालय की तरफ से भेजी गई सूची में सेक्टर 9-11 की 4 प्रॉपर्टी शामिल हैं, जिन पर बकाया टैक्स राशि करीब 50 करोड़ रुपये है। सूत्रों का कहना है कि इनमें एक प्रॉपर्टी 44 गज की है और यह खाली प्लॉट है, जिस पर बकाया टैक्स करीब 11 करोड़ रुपये दर्शाया जा रहा है।
टीम ऐसे कर रही है जांच
सूची में शामिल प्रॉपर्टी के एरिया की जांच की जा रही है कि निगम में रिकॉर्ड में दर्ज एरिया व मौके पर प्रॉपर्टी का एरिया समान है या नहीं। प्रॉपर्टी के साथ गलती से कोई अन्य प्रॉपर्टी तो अटैच नहीं है। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2022 में किए गए प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में काफी गड़बड़ियां की गई थीं, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। ये गड़बड़ियां भी उसी सर्वे के दौरान हुईं थीं।
निगम के खाते में 22.50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा
वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में निगम के खाते में अब तक 22.50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये फायर टैक्स जमा हुआ है। इस वित्त वर्ष में निगम का प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य 25 करोड़ रुपये है। अभी वित्त वर्ष के चार माह बचे हुए हैं। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि वह लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा, जब निगम निर्धारित लक्ष्य को हासिल करेगा।
निगम एरिया में प्रॉपर्टी का विवरण
रिहायशी-80277
व्यावसायिक-15180
औद्योगिक-965
संस्थान-1106
प्लॉट-40481
स्पेशल कैटेगरी-1675
मिक्स यूज-10891
एग्रीकल्चर-4967
कुल प्रॉपर्टी-155542
पिछले वर्षों में इतना जमा हुआ था प्राॅपर्टी टैक्स
वित्त वर्ष-लक्ष्य-जमा हुआ
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
900 प्रॉपर्टी की सूची है, जिनका टैक्स दुरुस्त किया जाना है। इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
- विरेंद्र सहारण, अतिरिक्त निगमायुक्त।