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मंत्री से प्रॉपर्टी डीलर बोले- प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में गड़बड़ी से नहीं हो रही रजिस्ट्री, बढ़ रहे विवाद
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निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मुलाकात करते हिसार प्रॉपर्टी डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य।
- फोटो : Hisar
हिसार। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) की तरफ से शहर का गलत प्रॉपर्टी सर्वे डाटा पोर्टल पर अपलोड होने पर हिसार प्रॉपर्टी डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। प्रॉपर्टी डीलर्स का कहना है कि नगर निगम में हालात बहुत ज्यादा खराब है। अव्यवस्था चरम पर है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की कोई जवाबदेही नहीं है।
उन्होंने बताया कि यूएलबी ने पोर्टल पर शहर का नया प्रॉपर्टी सर्वे का डाटा अपलोड किया है। इस डाटा में सभी सेक्टरों के प्लॉट का पुराना रिकॉर्ड अपलोड हो गया है। जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने पिछले दिनों निगम कार्यालय से रिकॉर्ड ठीक करवा एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) ले ली थी। मगर अब डाटा अपलोड होते ही उन सभी मामलों में पुराना प्रॉपर्टी रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इनमें से कुछ लोगों ने तत्काल समाधान के तहत 5 हजार रुपये का भुगतान कर प्रॉपर्टी रिकॉर्ड ठीक करवाया था। इस कारण से रजिस्ट्री के लिए तहसील कार्यालय से लिए टोकन खुद ही निरस्त हो गए। इस कारण करोड़ों के लेनदेन रुकने से विवाद उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
वेबसाइट से आपत्ति दर्ज करवाने का लिंक भी हटाया
प्रॉपर्टी डीलर्स ने बताया कि वेबसाइट से आपत्ति दर्ज करवाने के लिंक को भी हटा लिया है। इस कारण से कोई प्रॉपर्टी मालिक रिकॉर्ड को ठीक करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहा है। यही नहीं प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर भी नहीं है तो वह भी सिर्फ आपत्ति दर्ज के माध्यम से अपडेट करने का अव्यवहारिक नियम विभाग ने बना रखा है, जो सरासर गलत है।
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उन्होंने बताया कि यूएलबी ने पोर्टल पर शहर का नया प्रॉपर्टी सर्वे का डाटा अपलोड किया है। इस डाटा में सभी सेक्टरों के प्लॉट का पुराना रिकॉर्ड अपलोड हो गया है। जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने पिछले दिनों निगम कार्यालय से रिकॉर्ड ठीक करवा एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) ले ली थी। मगर अब डाटा अपलोड होते ही उन सभी मामलों में पुराना प्रॉपर्टी रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इनमें से कुछ लोगों ने तत्काल समाधान के तहत 5 हजार रुपये का भुगतान कर प्रॉपर्टी रिकॉर्ड ठीक करवाया था। इस कारण से रजिस्ट्री के लिए तहसील कार्यालय से लिए टोकन खुद ही निरस्त हो गए। इस कारण करोड़ों के लेनदेन रुकने से विवाद उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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वेबसाइट से आपत्ति दर्ज करवाने का लिंक भी हटाया
प्रॉपर्टी डीलर्स ने बताया कि वेबसाइट से आपत्ति दर्ज करवाने के लिंक को भी हटा लिया है। इस कारण से कोई प्रॉपर्टी मालिक रिकॉर्ड को ठीक करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहा है। यही नहीं प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर भी नहीं है तो वह भी सिर्फ आपत्ति दर्ज के माध्यम से अपडेट करने का अव्यवहारिक नियम विभाग ने बना रखा है, जो सरासर गलत है।
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