{"_id":"5d3762598ebc3e6d206de205","slug":"political-news-hisar-news-rtk506825822","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई मायनों में अहम है कुलदीप के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई मायनों में अहम है कुलदीप के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
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कांग्रेसी नेता कुलदीप बिश्नोई के आवास और प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स विभाग की रेड राजनीतिक दृष्टि से कई मायने रखती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से लगभग तीन माह पहले की गई यह कार्रवाई प्रदेश की राजनीति पर भी असर डालेगी। आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने में भी इस जांच कार्रवाई का असर दिखाई देगा।
राजनीतिक जानकारों द्वारा कांग्रेस के कद्दावर नेताओं पर इस तरह की कार्रवाई कर दबाव की राजनीति के तहत इस कार्रवाई को जोड़कर देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई के तहत भाजपा ने एक तीर से दो निशाने साध लिए हैं। कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहले हो चुकी है और अब कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ तथा भविष्य में किसी और नेता के खिलाफ भी हो सकती है। इससे कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बनेगा। इसके अलावा दूसरा फायदा यह होगा कि इस तरह की कार्रवाई से नेताओं की संपत्ति का खुलासा होगा, जिससे जनता के बीच एक मैसेज जाएगा, जिसका लाभ चुनाव में लिया जा सकेगा।
लाभ भी हो सकता है कुलदीप को
कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इनकम टैक्स विभाग की इस रेड से कुलदीप को फायदा भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जांच टीमें कुलदीप के आवास और प्रतिष्ठानों से कुछ खास नहीं निकलवा पाई तो कुलदीप को नुकसान होने के बजाय फायदा ही होगा। उनका राजनीतिक कद बढ़ेगा और वे विपक्ष पर हमलावर की स्थिति में होंगे। इसके विपरीत कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि कुलदीप का राजनीतिक करियर ही नहीं बचा है तो इस जांच कार्रवाई के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बेटे को लोकसभा चुनाव में उतारा और अपने गढ़ आदमपुर से भी बुरी तरह हार गए।
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भाजपा में शामिल कराए जाने की चर्चा
हिसार सेक्टर-15 स्थित कुलदीप के आवास पर एकत्रित हुए उनके समर्थकों में चर्चा इस बात को लेकर थी कि यह कार्रवाई केवल और केवल कुलदीप को भाजपा में शामिल कराने को लेकर थी। उनका कहना था कि भाजपा उन शर्तों को हटाने का दबाव बना रही है, जो कुलदीप ने पार्टी में शामिल होने के लिए लगाई हुई हैं। समर्थक इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह कार्रवाई भाजपा द्वारा ही सोची-समझी रणनीति के तहत करवाई गई है।
आयकर विभाग की रेड स्पष्ट नहीं है। कह रहे हैं कुलदीप बिश्नोई का सात हलकों में बिजनेस है। इन्हें यह ही नहीं पता कि ये जांच किस चीज की कर रहे हैं। वे हिसार में कुलदीप के सात जगह बिजनेस की बात कह रहे हैं, जबकि हिसार जिले में सात हलके आते हैं, जिनका कुलदीप अकसर जिक्र करते हैं।
रामजीलाल, पूर्व सांसद, राज्यसभा।
भाजपा सरकार इस तरह की कार्रवाई कर राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। विरोधियों को दबाने के लिए पूरे देश में केवल विपक्षियों पर ही इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ऐसे हथकंडों से सच्चाई दबाई नहीं जा सकती।
- संपत सिंह, पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार।
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राजनीतिक जानकारों द्वारा कांग्रेस के कद्दावर नेताओं पर इस तरह की कार्रवाई कर दबाव की राजनीति के तहत इस कार्रवाई को जोड़कर देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई के तहत भाजपा ने एक तीर से दो निशाने साध लिए हैं। कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहले हो चुकी है और अब कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ तथा भविष्य में किसी और नेता के खिलाफ भी हो सकती है। इससे कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बनेगा। इसके अलावा दूसरा फायदा यह होगा कि इस तरह की कार्रवाई से नेताओं की संपत्ति का खुलासा होगा, जिससे जनता के बीच एक मैसेज जाएगा, जिसका लाभ चुनाव में लिया जा सकेगा।
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लाभ भी हो सकता है कुलदीप को
कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इनकम टैक्स विभाग की इस रेड से कुलदीप को फायदा भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि जांच टीमें कुलदीप के आवास और प्रतिष्ठानों से कुछ खास नहीं निकलवा पाई तो कुलदीप को नुकसान होने के बजाय फायदा ही होगा। उनका राजनीतिक कद बढ़ेगा और वे विपक्ष पर हमलावर की स्थिति में होंगे। इसके विपरीत कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ यह कह रहे हैं कि कुलदीप का राजनीतिक करियर ही नहीं बचा है तो इस जांच कार्रवाई के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपने बेटे को लोकसभा चुनाव में उतारा और अपने गढ़ आदमपुर से भी बुरी तरह हार गए।
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भाजपा में शामिल कराए जाने की चर्चा
हिसार सेक्टर-15 स्थित कुलदीप के आवास पर एकत्रित हुए उनके समर्थकों में चर्चा इस बात को लेकर थी कि यह कार्रवाई केवल और केवल कुलदीप को भाजपा में शामिल कराने को लेकर थी। उनका कहना था कि भाजपा उन शर्तों को हटाने का दबाव बना रही है, जो कुलदीप ने पार्टी में शामिल होने के लिए लगाई हुई हैं। समर्थक इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह कार्रवाई भाजपा द्वारा ही सोची-समझी रणनीति के तहत करवाई गई है।
आयकर विभाग की रेड स्पष्ट नहीं है। कह रहे हैं कुलदीप बिश्नोई का सात हलकों में बिजनेस है। इन्हें यह ही नहीं पता कि ये जांच किस चीज की कर रहे हैं। वे हिसार में कुलदीप के सात जगह बिजनेस की बात कह रहे हैं, जबकि हिसार जिले में सात हलके आते हैं, जिनका कुलदीप अकसर जिक्र करते हैं।
रामजीलाल, पूर्व सांसद, राज्यसभा।
भाजपा सरकार इस तरह की कार्रवाई कर राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। विरोधियों को दबाने के लिए पूरे देश में केवल विपक्षियों पर ही इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ऐसे हथकंडों से सच्चाई दबाई नहीं जा सकती।
- संपत सिंह, पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार।