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दो अलग-अलग मामलों में प्राकृतिक मौत को दिखाया हादसा, 30 लाख का क्लेम लिया, 20 के खिलाफ केस दर्ज
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नारनौंद। प्राकृति मौत को हादसे में दिखाकर बीमा क्लेम हड़पने के एक मामले की जांच हांसी पुलिस का इकनॉमिक सेल पहले से कर रही है। इसी बीच शनिवार को दो और मामले में सामने आ गए हैं।
इनमें से एक में कस्बे के उगालन गांव निवासी राजेश की प्राकृतिक मौत को हादसे में मौत दिखाकर 15 लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया गया। इस मामले में कंपनी की शिकायत पर 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरे मामले में सोथा गांव निवासी गुरदीप की प्राकृतिक मौत को हादसा दिखा 15 लाख रुपये क्लेम के लिए गए। इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की जांच का जिम्मा हांसी पुलिस के इकनॉमिक सेल को सौंपा गया है।
पहला मामला
एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड नोएडा के क्लेम डिपार्टमेंट के हेड डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 दिसंबर 2017 को उगालन निवासी राजेश की 15 लाख रुपये की एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस से ऑनलाइन दुर्घटना पॉलिसी खरीदी गई। राजेश की पत्नी सरोज के अनुसार 23 जनवरी 2017 की रात करीब 8 बजे राजेश अपने चचेरे भाई अनुराग के साथ खेत में जा रहा था। धर्मखेड़ी के पास एक बैल ने उन्हें टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और जींद के जीवन ज्योति अस्पताल में 27 जनवरी 2017 तक दाखिल रहा। 27 जनवरी को इलाज के लिए हिसार ले जाते समय नारनौंद के मितांजली अस्पताल के डॉ. पवन कुमार ने उसकी मौत दिखा दी। वहीं से उसका मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया गया और कंपनी से 15 लाख रुपये का फर्जी क्लेम ले लिया।
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इन 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बास पुलिस ने धर्मखेड़ी निवासी सुनील कुमार, राजेश कुमार, खांडा खेड़ी निवासी कुलवंत उर्फ सोनू, बड़छप्पर निवासी एमपीएचडब्ल्यू लाभ सिंह, जींद के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेंद्र चौधरी, मितांजली अस्पताल नारनौंद के डॉ. पवन कुमार, उगालन निवासी सरोज, अनुराग उर्फ राजपाल व राजेश उर्फ राजू, नरवाना निवासी सलीम, किठाना निवासी मनोज के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 193, 297, 279, 205, 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला
डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 नवंबर 2017 को सोथा गांव निवासी गुरदीप की 15 लाख रुपये की एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से ऑनलाइन दुर्घटना पॉलिसी खरीदी गई। बीमा क्लेम लेने के लिए नॉमिनी चूड़ियां ने बताया कि गुरदीप राखी खास निवासी कर्मबीर के साथ किसी काम से धर्मखेड़ी गए हुए थे। जब वह वापस आ रहा था तो रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल के आगे अचानक लावारिस पशु आ गया। इसमें गुरदीप गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसको हांसी के सामान्य अस्पताल में ले गए, जहां पर डॉ. विजय स्वरूप ने उसे मृत घोषित करके पोस्टमार्टम भी किया। पोस्टमार्टम में गुरदीप की मौत का कारण सिर में चोट लगना बताया गया। उन्होंने बताया कि जांच में गुरदीप बीमारी से पीड़ित था और उसका बीकानेर से इलाज चल रहा था और बीकानेर में ही उसकी मौत हुई थी। 9 जनवरी 2019 को नॉमिनी चूड़ियां के खाते में 15 लाख रुपये भेज दिए।
इन 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बास पुलिस ने सोथा निवासी चूड़ियां, राखी खास निवासी कर्मबीर, धर्मखेड़ी निवासी सुनील कुमार, राजेश कुमार, खांडा खेड़ी निवासी कुलवंत उर्फ सोनर, बड़छप्पर निवासी एमपीएचडब्ल्यू लाभ सिंह, हांसी सामान्य अस्पताल के डॉ. विजय स्वरूप, नरवाना निवासी सलीम, किठाना निवासी मनोज के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 406, 467, 468, 193, 297, 205, 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इस तरह आते हैं पकड़ में
एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड नोएडा के क्लेम डिपार्टमेंट के हेड डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में उन पॉलिसी धारकों पर शक होता है, जिनकी पॉलिसी होने के 10 दिन से लेकर एक साल के अंदर मौत हो जाती है। ऐसे मामलों में क्लेम का दावा 10 लाख रुपये से अधिक होता है। शक के आधार पर ही जांच की जाती है।
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बॉक्स
दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक मामले में 11 और दूसरे मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। फिलहाल मामले की जांच हांसी इकनॉमिक सेल को सौंपी गई है।
- सुरेश कुमार, थाना प्रभारी बास।
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इनमें से एक में कस्बे के उगालन गांव निवासी राजेश की प्राकृतिक मौत को हादसे में मौत दिखाकर 15 लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया गया। इस मामले में कंपनी की शिकायत पर 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरे मामले में सोथा गांव निवासी गुरदीप की प्राकृतिक मौत को हादसा दिखा 15 लाख रुपये क्लेम के लिए गए। इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की जांच का जिम्मा हांसी पुलिस के इकनॉमिक सेल को सौंपा गया है।
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पहला मामला
एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड नोएडा के क्लेम डिपार्टमेंट के हेड डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 दिसंबर 2017 को उगालन निवासी राजेश की 15 लाख रुपये की एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस से ऑनलाइन दुर्घटना पॉलिसी खरीदी गई। राजेश की पत्नी सरोज के अनुसार 23 जनवरी 2017 की रात करीब 8 बजे राजेश अपने चचेरे भाई अनुराग के साथ खेत में जा रहा था। धर्मखेड़ी के पास एक बैल ने उन्हें टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और जींद के जीवन ज्योति अस्पताल में 27 जनवरी 2017 तक दाखिल रहा। 27 जनवरी को इलाज के लिए हिसार ले जाते समय नारनौंद के मितांजली अस्पताल के डॉ. पवन कुमार ने उसकी मौत दिखा दी। वहीं से उसका मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया गया और कंपनी से 15 लाख रुपये का फर्जी क्लेम ले लिया।
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इन 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बास पुलिस ने धर्मखेड़ी निवासी सुनील कुमार, राजेश कुमार, खांडा खेड़ी निवासी कुलवंत उर्फ सोनू, बड़छप्पर निवासी एमपीएचडब्ल्यू लाभ सिंह, जींद के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेंद्र चौधरी, मितांजली अस्पताल नारनौंद के डॉ. पवन कुमार, उगालन निवासी सरोज, अनुराग उर्फ राजपाल व राजेश उर्फ राजू, नरवाना निवासी सलीम, किठाना निवासी मनोज के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 193, 297, 279, 205, 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला
डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 नवंबर 2017 को सोथा गांव निवासी गुरदीप की 15 लाख रुपये की एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से ऑनलाइन दुर्घटना पॉलिसी खरीदी गई। बीमा क्लेम लेने के लिए नॉमिनी चूड़ियां ने बताया कि गुरदीप राखी खास निवासी कर्मबीर के साथ किसी काम से धर्मखेड़ी गए हुए थे। जब वह वापस आ रहा था तो रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल के आगे अचानक लावारिस पशु आ गया। इसमें गुरदीप गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसको हांसी के सामान्य अस्पताल में ले गए, जहां पर डॉ. विजय स्वरूप ने उसे मृत घोषित करके पोस्टमार्टम भी किया। पोस्टमार्टम में गुरदीप की मौत का कारण सिर में चोट लगना बताया गया। उन्होंने बताया कि जांच में गुरदीप बीमारी से पीड़ित था और उसका बीकानेर से इलाज चल रहा था और बीकानेर में ही उसकी मौत हुई थी। 9 जनवरी 2019 को नॉमिनी चूड़ियां के खाते में 15 लाख रुपये भेज दिए।
इन 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बास पुलिस ने सोथा निवासी चूड़ियां, राखी खास निवासी कर्मबीर, धर्मखेड़ी निवासी सुनील कुमार, राजेश कुमार, खांडा खेड़ी निवासी कुलवंत उर्फ सोनर, बड़छप्पर निवासी एमपीएचडब्ल्यू लाभ सिंह, हांसी सामान्य अस्पताल के डॉ. विजय स्वरूप, नरवाना निवासी सलीम, किठाना निवासी मनोज के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 406, 467, 468, 193, 297, 205, 120बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इस तरह आते हैं पकड़ में
एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड नोएडा के क्लेम डिपार्टमेंट के हेड डॉ. ब्रजेश कुमार राजपूत ने बताया कि इस प्रकार के मामलों में उन पॉलिसी धारकों पर शक होता है, जिनकी पॉलिसी होने के 10 दिन से लेकर एक साल के अंदर मौत हो जाती है। ऐसे मामलों में क्लेम का दावा 10 लाख रुपये से अधिक होता है। शक के आधार पर ही जांच की जाती है।
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बॉक्स
दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। एक मामले में 11 और दूसरे मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। फिलहाल मामले की जांच हांसी इकनॉमिक सेल को सौंपी गई है।
- सुरेश कुमार, थाना प्रभारी बास।