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Hisar News: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़...बिना मान्यता वाले निजी स्कूलों व शिक्षा अकादमियां की सूची अटकाई
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हिसार। शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव के आदेश के बावजूद हिसार जिले के गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और शिक्षा अकादमियाें की सूची अभी तक जारी नहीं हो सकी है। शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। अभिभावक खुद अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाकर मान्यता संबंधित मानक जांच रहे हैं। हर बीईओ कार्यालय में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों व कोचिंग सेंटरों की लिस्ट चस्पा करने के आदेश भी दिए, लेकिन डीईओ न तो गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट तैयार कर पाए और न ही कोचिंग सेंटरों की कुंडली खंगाल पाए।
बता दें कि बीते 27 दिन में दो बार प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल एवं मौलिक शिक्षा निदेशक-सीनियर सेकेंडरी निदेशकों ने वीसी के जरिये डीईओ को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों व कोचिंग सेंटरों की लिस्ट तैयार कर सार्वजनिक करने के आदेश दे चुके हैं। ऐसे में अभिभावकों को ही निजी स्कूलों में जाकर मान्यता प्राप्त संबंधित सवाल पूछने पड़ रहे हैं, लेकिन अधिकांश स्कूल संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
ये हैं सुलगते सवाल
- दो साल तक लगातार हिसार डीईओ ने क्यूं नहीं जारी की गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों व कोचिंग स्कूलों की लिस्ट।
- इस साल नए शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव के आदेश का हिसार डीईओ क्यूं नहीं कर रहे पालन।
- क्या अभिभावकों को ही निजी स्कूलों में जाकर मान्यता व गैर-मान्यता प्राप्त संबंधित जानकारी जुटाना पड़ेगा।
- अगर साल के बीच में कोई स्कूल गैर-मान्यता प्राप्त की लिस्ट में शामिल होता है तो उसमें पढ़ रहे बच्चे का भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा।
- क्या शिक्षा विभाग के ऊपर निजी स्कूल एसोसिएशन का दबाव है, जिस कारण उपरोक्त कार्यप्रणाली कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
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शनिवार को मैं किसी कारणवश बाहर हूं। सोमवार को जाकर देखता हूं कि ऐसा क्यूं हो रहा है। किसी भी हाल में अभिभावकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - पंकज अग्रवाल, प्रधान सचिव, शिक्षा निदेशालय, पंचकूला
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बता दें कि बीते 27 दिन में दो बार प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल एवं मौलिक शिक्षा निदेशक-सीनियर सेकेंडरी निदेशकों ने वीसी के जरिये डीईओ को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों व कोचिंग सेंटरों की लिस्ट तैयार कर सार्वजनिक करने के आदेश दे चुके हैं। ऐसे में अभिभावकों को ही निजी स्कूलों में जाकर मान्यता प्राप्त संबंधित सवाल पूछने पड़ रहे हैं, लेकिन अधिकांश स्कूल संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
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ये हैं सुलगते सवाल
- दो साल तक लगातार हिसार डीईओ ने क्यूं नहीं जारी की गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों व कोचिंग स्कूलों की लिस्ट।
- इस साल नए शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही शिक्षा निदेशालय के प्रधान सचिव के आदेश का हिसार डीईओ क्यूं नहीं कर रहे पालन।
- क्या अभिभावकों को ही निजी स्कूलों में जाकर मान्यता व गैर-मान्यता प्राप्त संबंधित जानकारी जुटाना पड़ेगा।
- अगर साल के बीच में कोई स्कूल गैर-मान्यता प्राप्त की लिस्ट में शामिल होता है तो उसमें पढ़ रहे बच्चे का भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा।
- क्या शिक्षा विभाग के ऊपर निजी स्कूल एसोसिएशन का दबाव है, जिस कारण उपरोक्त कार्यप्रणाली कागजों तक ही सीमित रह जाती है।
शनिवार को मैं किसी कारणवश बाहर हूं। सोमवार को जाकर देखता हूं कि ऐसा क्यूं हो रहा है। किसी भी हाल में अभिभावकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - पंकज अग्रवाल, प्रधान सचिव, शिक्षा निदेशालय, पंचकूला
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