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गर्मी की तपिश से हीट स्ट्रोक की चपेट में आने लगे लोग
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हिसार। तेज धूप और गर्मी ने हदें पार कर दी हैं। अधिकतम तापमान 45 डिग्री पार हो चुका है। ऐसे में हीट स्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा बढ़ गया है। बढ़ती गर्मी के कारण रहन-सहन और खानपान में बदलाव करना जरूरी हो गया है। गर्मी के मौसम में दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
लू की वजह से ज्यादा प्यास लगने के साथ ही भूख कम लग रही है। इसके अलावा मुंह सूखने और हल्की बुखार के साथ आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायतें आम हो गई हैं। इसके बचाव के लिए सिर पर गमछा, टोपी व छाते का उपयोग करें। धूप के कारण आंखों में जलन से बचने के लिए चश्मे लगाएं। शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने के लिए शुद्ध पानी पिएं।
नागरिक अस्पताल में दवा लेने आई एक महिला चक्कर खाकर गिर गई। फिजिशियन ने जांच की तो पता चला कि हीट स्ट्रोक के कारण महिला की तबीयत बिगड़ी। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। वहीं दूषित पेयजल और खान-पान का ध्यान न रखने से डायरिया के केस बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना ओपीडी करीब 30 तक पहुंच गई है।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन ज्ञानेंद्र ने बताया कि सुबह रोशनी नाम की महिला शुगर की दवा लेने के लिए आई थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया और वह गिर गई। जब उसकी जांच की तो पता चला कि गर्मी के कारण ऐसा हुआ है। उसकी हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि शरीर का तापमान बढ़ने के कारण हीट स्ट्रोक आता है। शरीर में पसीना बहुत आता है और पानी की कमी हो जाती है। जिस कारण चक्कर आने लगते हैं।
यह होता है हीट स्ट्रोक
उन्होंने बताया कि हमारे शरीर के अंदर का तापमान 37 डिग्री सेलिसयस होता है। शरीर का तापमान जब 104 फारेनहाइट से अधिक होता है तो इसे हीट स्ट्रोक का लक्षण माना जाता है। हीट स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है जब शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना भी बंद हो जाता है। हीट स्ट्रोक के कारण कभी-कभी इंसान कोमा में भी चला जाता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना और सिर घूमना
गर्मी के बावजूद पसीना न आना
शरीर की त्वचा लाल और गर्म होना
मांसपेशियों में कमजोरी आना
धड़कन का तेज होना और उल्टी आना
सांस लेने में तकलीफ होना, घबराहट और बेचैनी
उपाय :
गर्मी के मौसम में दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और बाहर का खाना न खाएं।
घर से बाहर जाना पड़े तो धूप से बचने के लिए छतरी का इस्तेमाल करें।
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लू की वजह से ज्यादा प्यास लगने के साथ ही भूख कम लग रही है। इसके अलावा मुंह सूखने और हल्की बुखार के साथ आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायतें आम हो गई हैं। इसके बचाव के लिए सिर पर गमछा, टोपी व छाते का उपयोग करें। धूप के कारण आंखों में जलन से बचने के लिए चश्मे लगाएं। शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने के लिए शुद्ध पानी पिएं।
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नागरिक अस्पताल में दवा लेने आई एक महिला चक्कर खाकर गिर गई। फिजिशियन ने जांच की तो पता चला कि हीट स्ट्रोक के कारण महिला की तबीयत बिगड़ी। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। वहीं दूषित पेयजल और खान-पान का ध्यान न रखने से डायरिया के केस बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना ओपीडी करीब 30 तक पहुंच गई है।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन ज्ञानेंद्र ने बताया कि सुबह रोशनी नाम की महिला शुगर की दवा लेने के लिए आई थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया और वह गिर गई। जब उसकी जांच की तो पता चला कि गर्मी के कारण ऐसा हुआ है। उसकी हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि शरीर का तापमान बढ़ने के कारण हीट स्ट्रोक आता है। शरीर में पसीना बहुत आता है और पानी की कमी हो जाती है। जिस कारण चक्कर आने लगते हैं।
यह होता है हीट स्ट्रोक
उन्होंने बताया कि हमारे शरीर के अंदर का तापमान 37 डिग्री सेलिसयस होता है। शरीर का तापमान जब 104 फारेनहाइट से अधिक होता है तो इसे हीट स्ट्रोक का लक्षण माना जाता है। हीट स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है जब शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना भी बंद हो जाता है। हीट स्ट्रोक के कारण कभी-कभी इंसान कोमा में भी चला जाता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना और सिर घूमना
गर्मी के बावजूद पसीना न आना
शरीर की त्वचा लाल और गर्म होना
मांसपेशियों में कमजोरी आना
धड़कन का तेज होना और उल्टी आना
सांस लेने में तकलीफ होना, घबराहट और बेचैनी
उपाय :
गर्मी के मौसम में दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और बाहर का खाना न खाएं।
घर से बाहर जाना पड़े तो धूप से बचने के लिए छतरी का इस्तेमाल करें।