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राजकीय महाविद्यालय में चपरासी को बनाया लैब अटेंडेंट, गृहमंत्री के पास पहुंचा मामला
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हिसार। राजकीय महाविद्यालय हिसार। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। राजगढ़ रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में अनुबंधित चपरासी को लैब अटेंडेंट के पद पर पदोन्नत कर दिया गया। इस बात का खुलासा आरटीआई में हुआ। इसके बाद मामले की शिकायत गृह मंत्री अनिल विज को भेजी गई।
शिकायतकर्ता ने गृह मंत्री के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाए कि राजकीय महाविद्यालय प्रशासन ने नियमों के खिलाफ उक्त चपरासी को पदोन्नत करके एलए बनाया है। वर्ष 2015 में कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल ने अनुबंध आधार पर भर्तियां निकाली थीं। यही नहीं मौजूदा प्रिंसिपल को मामले की जानकारी होने के बाद भी इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही हैं। इसके अलावा उक्त एलए को अब कौशल निगम के अंतर्गत भी कर दिया गया है।
शिकायतकर्ता ने महाविद्यालय के छात्रावास में रहने वाले वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस शिक्षण संस्थान के कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल होता है। उस संस्थान के प्रिंसिपल व हॉस्टल वार्डन को कैंपस में ही रहना अनिवार्य है। मगर यहां ऐसा नहीं है। प्रिंसिपल व हॉस्टल वार्डन दोनों ही अपने-अपने निजी आवास में रहती हैं। छात्राओं के लिए रखी गई केयर टेकर बुजुर्ग हैं।
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न विज्ञापन निकाला व साक्षात्कार
शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रदेश सरकार के नियमानुसार डीसी रेट पर नियुक्ति करने के लिए पहले रिक्त पद का विज्ञापन निकलवाना अनिवार्य होता है और फिर साक्षात्कार के द्वारा मेरिट के आधार पर भर्ती होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि एलए लगाने के लिए न कोई विज्ञापन निकलवाया, न कोई साक्षात्कार हुआ।
इस बारे में संबंधित कमेटी से बातचीत की जाएगी। अनुबंधित कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा लगाया जाता है व उन्हीं के द्वारा हटाया जाता है। कॉलेज का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि कॉलेज के कार्य प्रभावित न हो।
- डॉ. दीपमाला लोहान, प्रिंसिपल राजकीय महाविद्यालय हिसार।
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शिकायतकर्ता ने गृह मंत्री के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाए कि राजकीय महाविद्यालय प्रशासन ने नियमों के खिलाफ उक्त चपरासी को पदोन्नत करके एलए बनाया है। वर्ष 2015 में कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल ने अनुबंध आधार पर भर्तियां निकाली थीं। यही नहीं मौजूदा प्रिंसिपल को मामले की जानकारी होने के बाद भी इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही हैं। इसके अलावा उक्त एलए को अब कौशल निगम के अंतर्गत भी कर दिया गया है।
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शिकायतकर्ता ने महाविद्यालय के छात्रावास में रहने वाले वाली छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस शिक्षण संस्थान के कैंपस में गर्ल्स हॉस्टल होता है। उस संस्थान के प्रिंसिपल व हॉस्टल वार्डन को कैंपस में ही रहना अनिवार्य है। मगर यहां ऐसा नहीं है। प्रिंसिपल व हॉस्टल वार्डन दोनों ही अपने-अपने निजी आवास में रहती हैं। छात्राओं के लिए रखी गई केयर टेकर बुजुर्ग हैं।
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न विज्ञापन निकाला व साक्षात्कार
शिकायतकर्ता के मुताबिक प्रदेश सरकार के नियमानुसार डीसी रेट पर नियुक्ति करने के लिए पहले रिक्त पद का विज्ञापन निकलवाना अनिवार्य होता है और फिर साक्षात्कार के द्वारा मेरिट के आधार पर भर्ती होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि एलए लगाने के लिए न कोई विज्ञापन निकलवाया, न कोई साक्षात्कार हुआ।
इस बारे में संबंधित कमेटी से बातचीत की जाएगी। अनुबंधित कर्मचारियों को ठेकेदार द्वारा लगाया जाता है व उन्हीं के द्वारा हटाया जाता है। कॉलेज का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है, ताकि कॉलेज के कार्य प्रभावित न हो।
- डॉ. दीपमाला लोहान, प्रिंसिपल राजकीय महाविद्यालय हिसार।