{"_id":"680688d20f919e08360a6c6b","slug":"patients-suffering-from-respiratory-diseases-face-increased-difficulties-during-the-harvesting-season-hisar-news-c-21-hsr1020-609864-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: कटाई के सीजन में सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: कटाई के सीजन में सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें
विज्ञापन
स्वास्थ्य जांच शिविर में दवाई लिखते चिकित्सक।
हिसार। गेहूं की कटाई का सीजन शुरू होते ही सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। नागरिक अस्पताल की जनरल मेडिसिन, फिजिशियन, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सकों की ओपीडी में औसतन 800 मरीज आते हैं, जिनमें से लगभग 250 मरीज सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त होते हैं। खासकर 60 साल और उससे अधिक उम्र के मरीजों की संख्या अधिक है।
चिकित्सकों के मुताबिक, गेहूं की कटाई के दौरान उड़ने वाले धूल कण वातावरण में मिल जाते हैं, जिससे पहले से श्वसन समस्या से जूझ रहे मरीजों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सकों का सुझाव है कि सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त मरीजों को हर दूसरे दिन नेबुलाइजर का इस्तेमाल कर भांप लेना चाहिए, ताकि श्वास नलियां साफ रहें और मरीज को राहत मिले।
मरीजों में लापरवाही : दवाइयां छोड़ने से बढ़ सकती हैं समस्याएं
चिकित्सकों ने बताया कि अधिकांश मरीजों में यह लापरवाही देखी जा रही है कि वे बीच में ही दवाइयां छोड़ देते हैं। इससे धूल कण श्वसन नलिकाओं के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों को दवाइयों का कोर्स पूरा करना चाहिए और दवाई छोड़ने से बचना चाहिए, ताकि उनकी हालत और न बिगड़े।
विज्ञापन
इन बातों का रखें ध्यान
- जिन मरीजों को श्वास संबंधित रोग है वे कटाई के सीजन में यात्रा करने से बचें।
- हर दूसरे दिन नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल कर भांप लेते रहे।
- खासकर 60 साल व इससे अधिक उम्र के लोगों को नेबुलाइजर मशीन से भांप अवश्य लेनी चाहिए।
- जिन मरीजों को श्वास संबंधित विकार है उन्हें बीच अधर में दवाई नहीं छोड़नी है।
- बेहतर है कि संतुलित आहार व हरी सब्जियों के साथ सलाद का सेवन अवश्य करें।
गेहूं कटाई का सीजन चल रहा है, जिसमें रोजाना ओपीडी में सांस से संबंधित रोगों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मेरी अपील है कि ऐसे मरीजों को दवाइयों का कोर्स पूरा करना चाहिए। समय-समय पर गर्म भांप लें। - डॉ. अजीत लाठर, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार।
विज्ञापन
चिकित्सकों के मुताबिक, गेहूं की कटाई के दौरान उड़ने वाले धूल कण वातावरण में मिल जाते हैं, जिससे पहले से श्वसन समस्या से जूझ रहे मरीजों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सकों का सुझाव है कि सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त मरीजों को हर दूसरे दिन नेबुलाइजर का इस्तेमाल कर भांप लेना चाहिए, ताकि श्वास नलियां साफ रहें और मरीज को राहत मिले।
विज्ञापन
मरीजों में लापरवाही : दवाइयां छोड़ने से बढ़ सकती हैं समस्याएं
चिकित्सकों ने बताया कि अधिकांश मरीजों में यह लापरवाही देखी जा रही है कि वे बीच में ही दवाइयां छोड़ देते हैं। इससे धूल कण श्वसन नलिकाओं के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। चिकित्सकों का कहना है कि मरीजों को दवाइयों का कोर्स पूरा करना चाहिए और दवाई छोड़ने से बचना चाहिए, ताकि उनकी हालत और न बिगड़े।
विज्ञापन
इन बातों का रखें ध्यान
- जिन मरीजों को श्वास संबंधित रोग है वे कटाई के सीजन में यात्रा करने से बचें।
- हर दूसरे दिन नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल कर भांप लेते रहे।
- खासकर 60 साल व इससे अधिक उम्र के लोगों को नेबुलाइजर मशीन से भांप अवश्य लेनी चाहिए।
- जिन मरीजों को श्वास संबंधित विकार है उन्हें बीच अधर में दवाई नहीं छोड़नी है।
- बेहतर है कि संतुलित आहार व हरी सब्जियों के साथ सलाद का सेवन अवश्य करें।
गेहूं कटाई का सीजन चल रहा है, जिसमें रोजाना ओपीडी में सांस से संबंधित रोगों से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मेरी अपील है कि ऐसे मरीजों को दवाइयों का कोर्स पूरा करना चाहिए। समय-समय पर गर्म भांप लें। - डॉ. अजीत लाठर, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार।