{"_id":"6685bda4faf15abae3087c3b","slug":"patient-was-assaulted-in-a-fit-of-rage-three-employees-suspended-hisar-news-c-21-hsr1020-414242-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मरीज से क्षणिक आवेश में की थी मारपीट, तीन कर्मचारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मरीज से क्षणिक आवेश में की थी मारपीट, तीन कर्मचारी निलंबित
विज्ञापन
सपरा अस्पताल के डायेक्टर डॉ. तरूण सपरा पत्रकारों से बातचीत करते।
हिसार। सपरा अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन मरीज से कर्मचारियों द्वारा मारपीट करने के मामले में अस्पताल प्रबंधन अबसामने आया है। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. तरुण सपरा ने कहा कि क्षणिक आवेश में मरीज से मारपीट की गई। जांच कमेटी ने आरोप सही मिलने पर तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। उनका कहना है कि मरीज और उनके परिजन अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई से संतुष्ट हैं और पूरा इलाज होने पर मरीज को छुट्टी दे दी गई है।
डॉ. तरुण सपरा ने बताया कि पिछले कई दिनों से अस्पताल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 17 जून को कैथल जिले का एक मरीज लीवर की बीमारी का इलाज के लिए डॉ. प्रभु स्वामी के विभाग में दाखिल किया गया था। 18 जून की रात को ड्यूटी पर जीएनएम नवीन व एक अन्य अटेंडेंट तैनात थे। नवीन एक प्रशिक्षित जीएनएम है जो 2 सालों से काम कर रहा था। नवीन ने व्यक्तिगत समस्या की वजह से साइकोलॉजिकल ड्यूरेस व मरीज के सहयोग न करने पर क्षणिक आवेश में आकर यह कदम उठा बैठा। घटना की सूचना मिलने पर डाॅ. दीपक नैन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी की जांच में नवीन, अटेंडेंट और एक सुरक्षा कर्मी पर आरोप सही मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया। 20 जून को पूरा इलाज होने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया था।
विज्ञापन
डॉ. तरुण सपरा ने बताया कि पिछले कई दिनों से अस्पताल का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 17 जून को कैथल जिले का एक मरीज लीवर की बीमारी का इलाज के लिए डॉ. प्रभु स्वामी के विभाग में दाखिल किया गया था। 18 जून की रात को ड्यूटी पर जीएनएम नवीन व एक अन्य अटेंडेंट तैनात थे। नवीन एक प्रशिक्षित जीएनएम है जो 2 सालों से काम कर रहा था। नवीन ने व्यक्तिगत समस्या की वजह से साइकोलॉजिकल ड्यूरेस व मरीज के सहयोग न करने पर क्षणिक आवेश में आकर यह कदम उठा बैठा। घटना की सूचना मिलने पर डाॅ. दीपक नैन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी की जांच में नवीन, अटेंडेंट और एक सुरक्षा कर्मी पर आरोप सही मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया। 20 जून को पूरा इलाज होने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया था।
विज्ञापन