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सरपट दौड़ रहे ओवरलोडेड वाहन, सड़कों के साथ तोड़ रहे जिंदगी की डोर
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साउथ बाईपास से गुजरता ओवरलोड ट्रक। संवाद
- फोटो : Hisar
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हिसार। शहर की सड़कों पर सरपट दौड़ रहे ओवरलोड वाहन लोगों के लिए जानलेवा बने हैं, वहीं सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ओवरलोडेड वाहनों के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस यदि ऐसे वाहनों पर रोक लगा दे तो काफी हद तक दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। हालांकि आरटीए की ओर से भारी वाहन चालकों पर शिकंजा कसने के लिए चालान काटे गए। पिछले छह साल की बात करें तो वर्ष 2016-17 से लेकर वर्ष 2021-22 तक ओवरलोड वाहनों के 12643 चालान काटे गए हैं और 36 करोड़ 48 लाख 64 हजार 335 रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके बावजूद भारी वाहन सड़कों के साथ जिंदगी की डोर को तोड़ते निकल रहे हैं।
आरटीए की ओर से सबसे ज्यादा वर्ष 2020-21 में 3926 चालान काटे गए थे, जबकि वर्ष 2019-20 में सबसे कम 889 चालान काटे गए। शनिवार को जब साउथ बाईपास का जायजा लिया गया तो हर एक मिनट में ओवरलोडेड वाहन गुजरते दिखाई दिए। आरटीए की ओर से ओवरलोड वाहनों पर प्रति टन 2000 रुपये पेनल्टी लगाने का प्रावधान है।
रात को चलते हैं सबसे ज्यादा ओवरलोड वाहन
दिन के समय में ओवरलोड वाहनों की शहर के अंदर एंट्री नहीं है। रात के समय में सबसे ज्यादा ओवरलोड वाहन चलते हैं। कारण है कि रात को ट्रैफिक कम होता है। वहीं कई बार दिन के समय में जब ओवरलोड वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं तो विभिन्न चौक पर तैनात पुलिस की ओर से उन्हें रोक लिया जाता है। इसकी सूचना आरटीए को दी जाती है।
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टोल से बचने के लिए गांव से गुजरते हैं भारी वाहन
कुछ भारी वाहन चालक टोल टैक्स से बचने के लिए गांवों से होकर गुजरते हैं। इससे भारी वाहनों से गांव की सड़कें टूटने के साथ-साथ हादसे होने का डर रहता है। सड़कों पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो जाने के कारण छोटे वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। दिन भर सड़कों पर धूल मिट्टी उड़ने से ग्रामीणों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
साल वाइज इतने चालान और जुर्माना
वर्ष चालान जुर्माना
2016-17 1898 3,04,49,385
2017-18 897 2,26,17,750
2018-19 1541 4,29,87,000
2019-20 889 2,94,42,500
2020-21 3926 11,30,57,800
2021-22 3492 12,63,09,900
वर्जन आएगा
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आरटीए की ओर से सबसे ज्यादा वर्ष 2020-21 में 3926 चालान काटे गए थे, जबकि वर्ष 2019-20 में सबसे कम 889 चालान काटे गए। शनिवार को जब साउथ बाईपास का जायजा लिया गया तो हर एक मिनट में ओवरलोडेड वाहन गुजरते दिखाई दिए। आरटीए की ओर से ओवरलोड वाहनों पर प्रति टन 2000 रुपये पेनल्टी लगाने का प्रावधान है।
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रात को चलते हैं सबसे ज्यादा ओवरलोड वाहन
दिन के समय में ओवरलोड वाहनों की शहर के अंदर एंट्री नहीं है। रात के समय में सबसे ज्यादा ओवरलोड वाहन चलते हैं। कारण है कि रात को ट्रैफिक कम होता है। वहीं कई बार दिन के समय में जब ओवरलोड वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं तो विभिन्न चौक पर तैनात पुलिस की ओर से उन्हें रोक लिया जाता है। इसकी सूचना आरटीए को दी जाती है।
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टोल से बचने के लिए गांव से गुजरते हैं भारी वाहन
कुछ भारी वाहन चालक टोल टैक्स से बचने के लिए गांवों से होकर गुजरते हैं। इससे भारी वाहनों से गांव की सड़कें टूटने के साथ-साथ हादसे होने का डर रहता है। सड़कों पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो जाने के कारण छोटे वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। दिन भर सड़कों पर धूल मिट्टी उड़ने से ग्रामीणों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
साल वाइज इतने चालान और जुर्माना
वर्ष चालान जुर्माना
2016-17 1898 3,04,49,385
2017-18 897 2,26,17,750
2018-19 1541 4,29,87,000
2019-20 889 2,94,42,500
2020-21 3926 11,30,57,800
2021-22 3492 12,63,09,900
वर्जन आएगा