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Hisar News: बरवाला में तीसरे दिन भी जारी रहा अभियान, अब तक पकड़े 125 बंदर
Mon, 10 Feb 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 10 Feb 2025 12:56 AM IST
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शहर के विभिन्न वार्डों से पकड़े गए बंदर
बरवाला। शहर से बंदरों को पकड़ने का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अब तक शहर के विभिन्न वार्डों से 125 बंदरों को पकड़ा गया है। इन्हें कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका द्वारा उठाए गए इस कदम से शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से निजात मिलेगी।
बता दें कि पिछले काफी समय से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। बंदरों ने बच्चों, महिलाओं सहित कई लोगों को काट लिया था। इससे परेशान नागरिकों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद एक ठेकेदार को यह कार्य सौंपा गया। नगर पालिका ठेकेदार को प्रति बंदर पकड़ने के लिए से 1100 रुपये देगी।
शहर की अनाज मंडी, सब्जी मंडी, पुलिस स्टेशन, पुराना बस अड्डा क्षेत्र, लक्ष्मी विहार, पुराना जलघर के आसपास, सैनी मौहल्ला, अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक के क्षेत्र में बंदरों के झुंड ज्यादा हैं। ठेकेदार के कारिंदे ने बताया कि एक पिंजरे में 4-5 बंदर होने पर उन्हें बंद स्थान पर एकत्रित कर लिया जाता है और बाद में वाहन से इन्हें कलेसर के जंगल में छोड़कर आते हैं। इस सारी प्रक्रिया में बंदरों को खाने-पीने की वस्तुएं लगातार उपलब्ध करवाई जाती हैं। जिससे बंदर कुछ शांत रहते हैं।
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नगर पालिका के सफाई निरीक्षक दीपक झांब ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में पिंजरे लगाए गए हैं। शहर से बंदरों को पकड़कर ठेकेदार द्वारा कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा।
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बता दें कि पिछले काफी समय से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। बंदरों ने बच्चों, महिलाओं सहित कई लोगों को काट लिया था। इससे परेशान नागरिकों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद एक ठेकेदार को यह कार्य सौंपा गया। नगर पालिका ठेकेदार को प्रति बंदर पकड़ने के लिए से 1100 रुपये देगी।
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शहर की अनाज मंडी, सब्जी मंडी, पुलिस स्टेशन, पुराना बस अड्डा क्षेत्र, लक्ष्मी विहार, पुराना जलघर के आसपास, सैनी मौहल्ला, अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक के क्षेत्र में बंदरों के झुंड ज्यादा हैं। ठेकेदार के कारिंदे ने बताया कि एक पिंजरे में 4-5 बंदर होने पर उन्हें बंद स्थान पर एकत्रित कर लिया जाता है और बाद में वाहन से इन्हें कलेसर के जंगल में छोड़कर आते हैं। इस सारी प्रक्रिया में बंदरों को खाने-पीने की वस्तुएं लगातार उपलब्ध करवाई जाती हैं। जिससे बंदर कुछ शांत रहते हैं।
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नगर पालिका के सफाई निरीक्षक दीपक झांब ने बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में पिंजरे लगाए गए हैं। शहर से बंदरों को पकड़कर ठेकेदार द्वारा कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा।