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Hisar News: 7 घंटे बंद रही निजी अस्पतालों में ओपीडी-आपातकालीन सेवाएं, सरकारी में महिला ने तोड़ा दम

Tue, 04 Apr 2023 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Tue, 04 Apr 2023 09:57 PM IST
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OPD-emergency services in private hospitals remained closed for 7 hours, woman died in government
हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते बिना मरीजों के हॉस्पिटल में खाली पड़ी कुर्सियां। 
हिसार। राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चल रही चिकित्सकों की हड़ताल के चलते लोगों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं, राजस्थान के चिकित्सकों के समर्थन हिसार के निजी अस्पतालों में करीब सात घंटे मंगलवार को ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद रही। इस कारण सरकारी अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में दोपहर एक बजे तक 127 मरीजों ने उपचार लिया।
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वहीं राजस्थान में उपचार नहीं मिलने पर मिर्गी के दौरे से ग्रस्त चूरू जिला के गांव गोठया की रहने वाली 46 वर्षीय महिला को हिसार के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भिवानी जिला के दुल्हेड़ी गांव निवासी विकास ने बताया उसकी बुआ सुमन को मिर्गी के दौरे आते थे और उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। उधर, निजी अस्पताल के चिकित्सकों की सुबह छह बजे हड़ताल शुरू हुई। इसके बाद करीब 10 बजे क्रांतिमान पार्क में बैठक कर मांगों पर चर्चा की। हालांकि दोपहर एक बजे हड़ताल समाप्त कर दी। हड़ताल में नीमा एसोसिएशन भी शामिल रही। आईएमए के कार्यकारी प्रधान डॉ. राकेश के अलावा डाॅ. जेपी नलवा, डाॅ. सेतिया ने कहा कि वे राजस्थान के चिकित्सकों के साथ है। चिकित्सकों ने कहा कि आईएमए भी अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया है।
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दोपहर तक भटकते रहे मरीज

आईएमए के आह्वान पर मंगलवार सुबह 6 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक निजी अस्पतालों में ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद थी। सुबह से दोपहर तक मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकते रहे। जींद के आए हरियाणवी कलाकार महेंद्र झंडू काफी देर तक शहर में एक निजी अस्पताल के बाहर इंतजार करते रहे। उनके पैर का ऑपरेशन हुआ था, जब उन्होंने बताया कि वे पुराने मरीज है तो उन्हें अंदर ले जाया गया। उनका कहना था कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं होनी चाहिए। जवाहर नगर से आए विजय ने बताया कि उनके पेट में दर्द था। दवा लेने के लिए निजी अस्पताल में आया था, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण दवा नहीं मिली। इसके बाद नागरिक अस्पताल से दवा लेकर आया।
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नागरिक अस्पताल में पहुंचे दवा लेने
निजी अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष पहुंचे। दोपहर एक बजे तक 127 मरीजों ने उपचार लिया। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए आपातकालीन कक्ष में दो चिकित्सकों के अलावा 6 कंसल्टेंट और नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगाई हुई थी।
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