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Hisar News: पशु चारे के लिए नहीं मिली एक किस्त, नई अनुदान राशि को लेकर भी असमंजस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 11:26 PM IST
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One installment not received for animal fodder, confusion regarding new grant amount also
हिसार। प्रदेश सरकार बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में भेजकर इस समस्या का समाधान करने की बात कर रही है। मगर गोशालाओं को गोवंश के रखरखाव के लिए सरकार की तरफ से दी जाने आर्थिक मदद ही ठीक समय से नहीं मिल रही है। गोशाला संचालकों की मानें तो पिछले साल उन्हें गोवंश के चारे के लिए एक किस्त ही नहीं मिली। इसके अलावा सरकार की तरफ से प्रस्तावित नई अनुदान राशि को लेकर भी अभी असमंजस बना हुआ है। बता दें कि जिले में कुल 62 गोशाला व नंदीशाला गो सेवा आयोग से पंजीकृत हैं। इनमें करीब 56 हजार गोवंश का रखरखाव किया जा रहा है।
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456 में से 80 करोड़ रुपये ही किए वितरित

शहर की सनातन आदर्श गोशाला सेवा समिति के सचिव राजेश के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने गोशालाओं के लिए 456 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था, लेकिन मार्च तक सिर्फ 80 करोड़ रुपये ही वितरित किए गए। राजेश ने बताया कि उनकी गोशाला को गोवंश के लिए चारे का खर्चा तीन किस्तों में मिलता है, लेकिन पिछले साल सिर्फ दो किस्ते ही मिलीं। उन्हें प्रति पशु के हिसाब से साल के 750 रुपये चारे के खर्च के लिए मिलते हैं।
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एक पशु पर आता है प्रतिदिन 140 रुपये का खर्चा

राजेश ने बताया कि एक बड़ा पशु दिन में 20 किलो चारा खाता है, जिसकी आज के समय में कीमत 140 रुपये है। गोशालाओं ने सरकार से चारा खर्च के 50 रुपये प्रति पशु के हिसाब से देने की मांग की थी। हालांकि सरकार अब बछड़े के 20 रुपये, गाय के 30 व सांड़ के 40 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अनुदान राशि देने की बात कह रही है। मगर यह घोषणा सिर्फ नई पशुओं पर लागू होगी या सभी पशुओं पर, इसे लेकर अभी असमंजस में हैं। उनकी गोशाला 4 साल से चल रही है। इस साल उन्हें शेड के लिए 2 लाख रुपये की अनुदान राशि मिली है। वह सरकार से 150 पशु भी लेने को तैयार हैं। मगर अभी तक न तो गोवंश मिले हैं और न ही कोई अनुदान राशि मिली है।
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