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Olympics: अंतिम की हार के बाद बिलख पड़ी मां, पिता की भी आंखें नम, कहा- साढ़े सात साल से बेटी कर रही मेहनत

Wed, 07 Aug 2024 11:07 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 07 Aug 2024 11:07 PM IST
सार

पिता बोले कि हार का दुख बहुत है। साढ़े सात साल से बेटी मेहनत कर रही। मां बोली कि बेटी से गोल्ड की उम्मीद थी, अब मैं क्या करूं।

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Olympics: Mother cried after the Antim defeat, father also had tears in his eyes
खिलाड़ी अंतिम के हारने के बाद रोती उसकी मां। - फोटो : संवाद

विस्तार

पेरिस ओलंपिक में बुधवार को हरियाणा के हिसार की पहलवान अंतिम पंघाल की हार के बाद मां बिलख पड़ी। डेढ़ मिनट तक चली कुश्ती के बाद मां कमरे में चली गई और जोर-जोर से रोने लगी। मां ने रोते हुए कहा कि मेरी बेटी हार गई है। ...अब मैं क्या करूं। बेटी ने गोल्ड जीतने का वादा किया था। पिता रामनिवास, अंतिम की बहन मीनू, भाई अर्पित की आंखों में आंसू भरे थे।

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अंतिम की बड़ी बहन मीनू मां के आंसू पोछकर हौसला दे रही थी। पिता रामनिवास भी तसल्ली दे रहे थे कि हार-जीत होती रहती है। बुधवार को अंतिम पंघाल का मैच 53 किलोग्राम भारवर्ग में तुर्कीये की पहलवान जेनेप येटगिल के साथ हुआ। इसमें वह 10-0 से हार गई।

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Olympics: Mother cried after the Antim defeat, father also had tears in his eyes
खिलाड़ी अंतिम के हारने के बाद रोती उसकी मां। - फोटो : संवाद

दोपहर बाद साढ़े तीन बजे पहलवान अंतिम का मैच शुरू हुआ। बरामदे में पिता रामनिवास, माता कृष्णा देवी, बहन मीनू, चाचा संजय, दादी गुड्डी मैच देख रहे थे। वहीं, भाई अर्पित बरामदे के बाहर सीढ़ियों के पास बैठकर मोबाइल में मैच देख रहा था। जैसे ही अंतिम हार गई तो मां उठकर बेटे के पास चली गई।

उसके बाद कमरे में जाकर जोर-जोर से रोने लगी। हार के बाद परिवार के सदस्यों में मायूसी छा गई। हर कोई बेटी की हार से दुखी था। वहीं, मैच से पहले मां कृष्णा देवी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत की कामना की।
 
हार का बहुत दुख, साढ़े सात साल से बेटी कर रही मेहनत
पिता रामनिवास ने हार के बाद कहा कि बेटी साढ़े सात साल से मेहनत कर रही है। हार का बहुत दुख है। आज कहने के लिए कुछ नहीं बचा है। इस बात की तसल्ली है कि वह 19 साल की है। वहीं, पिता रामनिवास ने कहा कि हार-जीत तो होती रहती है। ओलंपिक तक पहुंचना ही बहुत बड़ी बात है। वहीं, तुर्कीये की पहलवान जेनेप येटगिल ने पूरे मैच में दबाव बनाए रखा।

साई में एलईडी पर खिलाड़ियों व कोच ने देखा मैच, हार के बाद छाई मायूसी
साई के कार्यालय के पास एलईडी पर खिलाड़ियों से लेकर कोच ने पहलवान अंतिम पंघाल का मैच देखा। अंतिम का मैच देखने के लिए खिलाड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। मगर हार के बाद सभी के चेहरे मायूस हो गए। साई से कुश्ती कोच राजेश नांदल ने कहा कि ओलंपिक को लेकर उसकी तैयारी पूरी थी। मगर वह कैसे हार गई, यह तो वहीं बता सकती है।

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