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सफाई कर्मचारियों की सैलरी का नकद भुगतान करने पर सचिव को नोटिस
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हिसार। जिला नगर आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने शुक्रवार को जिले की सफाई कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक की। बैठक में यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याएं जिला नगर आयुक्त के समक्ष रखी। बैठक में हांसी, बास, नारनौंद, बरवाला, उकलाना व सिसाय की नगर परिषद व पालिकाओं के अधिकारी पहुंचे।
यूनियन के पदाधिकारियों ने जिला नगर आयुक्त के समक्ष मांग रखी कि नारनौंद, बास पालिका में कर्मचारियों को सैलरी नकद दी जाती हैं। डीसी रेट से कम पैसा दिया जाता हैं। जिला नगर आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने पालिकाओं के अधिकारियों को आदेश दिये कि कर्मचारियों की सैलरी बैंक अकाउंट में डाली जाए। सचिव 15 दिनों में स्पष्टीकरण दे कि पूर्व की बैठक में निर्णय होने के बावजूद आज तक अकाउंट में सैलरी क्यों नहीं दी गई। 15 दिनों में स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है तो अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन ने जिला नगर आयुक्त को बताया कि बास पालिका में अनुबंधित सफाई कर्मचारियों से सफाई के अतिरिक्त अन्य कार्य करवाए जाते है और कोई मेहनताना नहीं दिया जाता है। विरोध करने पर उन्हें हटाने की धमकी दी जाती है। जिला नगर आयुक्त ने आदेश जारी किये कि सचिव इस मामले की जांच कर 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ।
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जिला नगर आयुक्त ने हांसी में सैलरी के लिए आई ग्रांट का एमसी फंड में डालकर ठेकेदारों को पेमेंट जारी करने पर ईओ का स्पष्टीकरण जारी किया। वहीं नगर निगम एसओ बलजीत सिंह को नगर परिषद हांसी के एमसी फंड और ग्रांट की जांच कर डिटेल रिपोर्ट बनाने को कहा। सैलरी के लिए कितना पैसा सरकार से आया है और नगर परिषद के एमसी फंड में एक साल में कितना पैसा आया है। जिला नगर आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने अधिकारियों को आदेश दिये कि कर्मचारियों के पीएफ, ईएसआई, पेंशन व सैलरी आदि समस्याओं को समाधान करें।।
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यूनियन के पदाधिकारियों ने जिला नगर आयुक्त के समक्ष मांग रखी कि नारनौंद, बास पालिका में कर्मचारियों को सैलरी नकद दी जाती हैं। डीसी रेट से कम पैसा दिया जाता हैं। जिला नगर आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने पालिकाओं के अधिकारियों को आदेश दिये कि कर्मचारियों की सैलरी बैंक अकाउंट में डाली जाए। सचिव 15 दिनों में स्पष्टीकरण दे कि पूर्व की बैठक में निर्णय होने के बावजूद आज तक अकाउंट में सैलरी क्यों नहीं दी गई। 15 दिनों में स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है तो अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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यूनियन ने जिला नगर आयुक्त को बताया कि बास पालिका में अनुबंधित सफाई कर्मचारियों से सफाई के अतिरिक्त अन्य कार्य करवाए जाते है और कोई मेहनताना नहीं दिया जाता है। विरोध करने पर उन्हें हटाने की धमकी दी जाती है। जिला नगर आयुक्त ने आदेश जारी किये कि सचिव इस मामले की जांच कर 10 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें ।
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जिला नगर आयुक्त ने हांसी में सैलरी के लिए आई ग्रांट का एमसी फंड में डालकर ठेकेदारों को पेमेंट जारी करने पर ईओ का स्पष्टीकरण जारी किया। वहीं नगर निगम एसओ बलजीत सिंह को नगर परिषद हांसी के एमसी फंड और ग्रांट की जांच कर डिटेल रिपोर्ट बनाने को कहा। सैलरी के लिए कितना पैसा सरकार से आया है और नगर परिषद के एमसी फंड में एक साल में कितना पैसा आया है। जिला नगर आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने अधिकारियों को आदेश दिये कि कर्मचारियों के पीएफ, ईएसआई, पेंशन व सैलरी आदि समस्याओं को समाधान करें।।