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फिर बरपा लावारिस सांड़ का कहर, बुजुर्ग को घोंपे सींग

Wed, 25 Jun 2014 11:52 PM IST
hisar
hisar Updated Wed, 25 Jun 2014 11:52 PM IST
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सड़क पर घूम रहे लावारिस पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सूर्य नगर में बुधवार को सड़क पर घूम रहे सांड़ ने बिजली निगम के रिटायर्ड फोरमैन देशराज खुराना को टक्कर मारकर सींग घोंप दिए। सांड़ ने फोरमैन को तीन-चार बार सींगों पर उठाकर पटका।

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इससे बुजुर्ग की आंत फट गई और वे लहूलुहान हो गए। आसपास के लोगों ने सांड़ को हटाने का प्रयास किया तो वह उन्हें भी मारने को दौड़ा। बड़ी मुश्किल से उन्होंने बुजुर्ग को सांड़ के चुंगल से छुड़वाया और जिंदल अस्पताल में भर्ती करवाया। इतना ही नहीं सांड़ ने सूर्य नगर गली नंबर छह में करीब आधे घंटे तक आतंक मचाया।
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मोहल्ले के लोगों ने डीसी आवास से लेकर पुलिस अधिकारी व निगम अधिकारियों के पास कॉल की, लेकिन मौन प्रशासन ने किसी तरह की सहायता नहीं की। फिर मोहल्ले के लोगों ने हिम्मत जुटाकर सांड़ को काबू किया और उसे बांध दिया।
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घायल देशराज के बेटे नरेंद्र ने बताया कि उनके पिता घर से बाहर करीब पौने छह बजे टहलने के लिए निकले थे। गली नंबर छह में उनका मकान है। झुंड में पांच-छह लावारिस पशु घर के सामने से निकल रहे थे। उनके पिता जैसे ही दरवाजे से निकले एक सफेद व काले रंग के सांड़ ने मारना शुरू कर दिया। सांड़ ने देशराज को सींगों पर उठा लिया और तीन-चार बार जमीन पर पटका।

सांड़ के नुकीले सिंग थे जो बुजुर्ग के पेट व छाती के बीच के हिस्से में घुस गए। हादसे में मौके पर ही बुजुर्ग की आंत बाहर निकल आई और तेजी से खून बहने लगा। एक सींग बुजुर्ग की चेस्ट के अंदर घुस गया जिससे उनकी चार पसलियां टूट गईं। डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती कर तुरंत फोरमैन का ऑपरेशन किया। बुजुर्ग का पेट करीब छह इंच फटा हुआ है। बुजुर्ग कोे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

प्रत्यक्षदर्शी सोनू और सतेंद्र यादव ने बताया कि बुजुर्ग को बचाने के बाद सांड़ दूसरे लोगों को मारने के लिए दौड़ पड़ा। लोगों ने अपने घरों में छिपकर जान बचाई। करीब आधे घंटे तक खौफनाक मंजर रहा। उन्होंने अपने मोबाइल से पहले पुलिस कंट्रोल 100 नंबर पर कॉल की।

पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों ने उन्हें डीसी रेजीडेंस का नंबर दे दिया। डीसी रेजीडेंस पर लैंडलाइन फोन पर बैठे कर्मचारियों ने डीसी के पीए का नंबर दे दिया। फिर उन्होंने डीसी के पीए के पास कॉल की। पीए ने नगर निगम के अधिकारी का नंबर दे दिया। निगम अधिकारी ने उन्हें आगे ठेकेदार का नंबर दे दिया।

ठेकेदार ने पशु पकड़ने से मना कर दिया। मोहल्ले के लोगों ने फिर निगम अधिकारी कृष्ण सैनी के पास कॉल की। लोगों का आरोप है कि कृष्ण सैनी से स्पष्ट जवाब दे दिया कि उनकी ड्यूटी पांच बजे तक की होती है, वे कुछ नहीं करेंगे।

पौने छह बजे की घटना के बाद लोग लगातार अधिकारियों के पास फोन पर फोन करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अमर उजाला संवाददाता ने फिर निगम ईओ अरविंद बिशभनोई से बात की। ईओ ने सवा नौ बजे कर्मचारियों को गाड़ी लेकर भेजा और लोगों द्वारा पकड़े गए सांड़ को बंधनमुक्त किया।
 
नगर निगम बेसहारा पशुओं को पकड़कर आवास देने के लिए ठोस प्लानिंग कर रहा है, लेकिन यह प्लानिंग कब सिरे चढ़ेगी, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। वैसे तो निगम ने जीएलएफ से अपनी गोशाला बनाने के लिए 15 एकड़ जमीन की मांग कर रखी है।

इसके अलावा मेयर शकुंतला राजलीवाला बेसहारा पशुओं को पकड़ने के अभियान में पुलिस के सहयोग की मांग को लेकर एसपी विकास धनखड़ से मंगलवार को मिली भी थीं। एसपी ने इस मामले में पुलिस की तरफ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था।

नए पुलिस कप्तान विकास धनखड़ ने शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या को आते ही भांपलिया था। उन्होंने सीधे कहा था कि शहर में उन्हें जो समस्याएं दिख रही हैं, उनमें बेसहारा पशु व स्ट्रीट लाइटें हैं। अगर इनमें सुधार होगा तो अपराधिक गतिविधियों व सड़क हादसों में कमी आएगी।

नगर निगम पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि सूर्य नगर में हर तरफ आफत ही आफत है। न यहां स्ट्रीट लाइट जलती हैं और न ही घरों के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने की मांग को लेकर भी मोहल्लेवासी कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। मोहल्लेवासी समस्याएं दूर करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशसान उन पर ही मुकदमे दर्ज कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे बृहस्पतिवार को निगम का घेराव करेंगे।


यह निगम के संबंधित ब्रांच अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है। ड्यूटी टाइम खत्म होने की बात कहकर कोई कर्मचारी या अधिकारी अपने कर्त्तव्य से पीछे नहीं हट सकता। रात में अगर कोई घटना होती है तो रात दो बजे भी जाना पड़ेगा। ऐसे लापरवाह अधिकारी पर निगम की तरफ से कार्रवाई जरूर होगी। - अरविंद बिश्नोई, ईओ, नगर निगम

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