फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   No action taken even after confirmation of illegal mining

Hisar News: अवैध खनन की पुष्टि होने पर भी कार्रवाई नहीं

Wed, 21 Feb 2024 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Wed, 21 Feb 2024 02:30 AM IST
विज्ञापन
No action taken even after confirmation of illegal mining
दादरी में उपायुक्त मनदीप कौर से अवैध खनन रोकने की मांग करता अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल। 
चरखी दादरी। रामलवास और मानकावास जोन में अवैध खनन मिलने पर उपायुक्त मनदीप कौर ने करीब दो माह पहले मुख्यालय पत्र भेज कर लीज रद्द करने की सिफारिश की थी। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे खफा शिकायतकर्ता पक्ष मंगलवार को उपायुक्त मनदीप कौर से मिला और अवैध खनन करने वाली तीन कंपनियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिये विभागीय अधिकारियों की संपत्ति की जांच करवाने की मांग भी की गई।
विज्ञापन


अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि ज्ञापन के जरिये मुख्यमंत्री को बताया गया है कि जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग, भूजल दोहन और भ्रष्टाचार रोकने की मांग पिछले लंबे समय से उठाई जा रही है। बीते दिनों दो बार कष्ट निवारण समिति की बैठक में रोजगार एवं श्रम मंत्री अनूप धानक के समक्ष भी अवैध खनन और ओवरलोडिंग का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने मौका का मुआयना करने की जिम्मेदारी उपायुक्त मनदीप कौर को सौंपी थी।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता संजीव ने बताया कि उपायुक्त मनदीप कौर के निर्देशानुसार रामलवास और मानकावास में संबंधित विभागों ने मौका देखा और जांच के लिए नमूने भी लिए। उन सबके अवलोकन के बाद माइनिंग एवं भूविज्ञान (एएमई) विभाग ने नरलल माइनस के निदेशक को पत्र भेज मानकावास के प्लाॅट नंबर 1 और 2 की लीज रद्द करने की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, 27 दिसंबर 2023 को पत्र क्रमांक एएमई/चरखी दादरी/2295 के माध्यम से रामलवास स्टोन माइन के विरुद्ध भी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। उपरोक्त पत्राचार के इतने दिन बाद तक भी सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


- अधिकारियों की भूमिका की जांच भी करवाए सरकार
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कहा कि उपरोक्त मामले में सरकार को चाहिए कि किसी बड़ी एजेंसी से माइनिंग विभाग से जुड़े सभी बड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच करवाए। खनन विभाग, प्रदूषण विभाग और माइनिंग जोन में मानक तय करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांची जाए। वहीं, उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए।

- ये भी रहे मौजूद
शिकायत पत्र सौंपने वालों में अधिवक्ता संजीव तक्षक, प्रशांत गहलावत, प्रदीप कालीरमण, विकास महला, वीरेंद्र डुडी, रविंद्र सांगवान, रमेश श्योराण, मनजीत पिलाना आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed