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नौकरों से कागजात लेकर नौ फर्में बनाईं, 250 करोड़ के फर्जी बिल काट की 11.87 करोड़ जीएसटी चोरी

Fri, 20 Mar 2020 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2020 01:03 AM IST
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Nine firms formed with papers from servants, 11.87 crore GST stolen to cut fake bill of 250 crores
तोशाम रोड स्थित जीएसटी कार्यालय। - फोटो : Hisar
अनाज मंडी की दुकान नंबर 16 द्वारका दास महावीर प्रसाद फर्म ने अपने नौकरों और कर्मचारियों के कागजात पर नौ फर्म बनाकर लगभग 250 करोड़ रुपये के फर्जी बिल काट डाले। फर्म ने विभाग को जीएसटी के रूप में 11 करोड़ 87 लाख रुपये का चूना लगा दिया। जैसे ही गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स डिविजन (जीएसटी) हिसार कार्यालय को इस फर्जीवाड़े का पता चला और उन्होंने जांच शुरू की। तब से फर्म के मालिक सौभाग्य, उसका भाई मनन और उनके पिता संत कुमार लापता हैं।
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जानकारी के अनुसार फर्म मालिकों ने अपने वर्कर्स के कागजात लेकर ओम इंडस्ट्रीज भादरा, बालाजी ट्रेडर्स आदमपुर, डीएम ऐंड संस हिसार, चौधरी ट्रेडर्स हिसार, डीएम इंटरप्राइजेज भादरा, डीडीएमपी हिसार, डीएम एग्रो भादरा, द्वारका इंटरप्राइजेज भादरा और रामदेव इंटरप्राइजेज हिसार नाम से फर्में तैयार कीं। इन फर्मों के नाम से आरोपियों ने फर्जी बिल तैयार करना शुरू किया। इन फर्मों का 10-12 बैंकों में लेनदेन शुरू किया। आरोपियों में सौभाग्य सभी बैंकों की कार्रवाई देखता था। उन्होंने अपने वर्करों के नाम से बैंकों में खाते खुलवाए और उनसे सभी बैंकों की चेक बुकों पर पहले ही साइन करवा लिए। विभागीय जांच के अनुसार अक्तूबर 2018 से फर्मों का काम शुरू हुआ और फरवरी 2020 तक आरोपियों ने करीब 250 करोड़ रुपये के फर्जी बिल काट कर विभाग को जीएसटी के रूप में 11 करोड़ 87 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
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आरोपी 22 फरवरी से लापता
विभाग की ऑनलाइन जांच में अधिकारियों को फर्म में कुछ खामियां नजर आईं। इस पर अधिकारियों ने फरवरी फर्म में जाकर कागजात की जांच करनी शुरू की और कुछ कागजात अपने कब्जे में ले लिए तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी 22 फरवरी से ही लापता हैं।
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विभाग ने रिकवरी शुरू की
जीएसटी के मंडल कार्यालय द्वारा संबंधित फर्मों से रिकवरी का काम शुरू कर दिया गया है। फर्मों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, फर्जी बिल, हस्ताक्षरयुक्त खाली चेक बुक व अन्य सामान की रिकवरी की जा चुकी है।
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में नेटवर्क
आरोपियों द्वारा तैयार की गई फर्मों का नेटवर्क हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान और दिल्ली तक फैला हुआ है, जबकि हिसार, सिरसा, जोधपुर, भादरा, फतेहाबाद में इनका ज्यादा काम है। चार फर्में भादरा और पांच फर्म हिसार में दिखाई गई हैं। यह फर्में कॉटन, मूंगफली, चीनी, सरसों, बादाम, आयरन स्क्रैप आदि पर आधारित हैं। इन फर्मों में बादाम की दो फर्म हिसार की नामी-गिरामी फर्म बताई जा रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी फिलहाल उनके नामों का खुलासा नहीं कर रहे हैं।

वर्जन
एक फर्म के खिलाफ प्राथमिक जांच में 11.87 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने का मामला पाया है। नौ फर्में तैयार कर फर्जी बिलों के जरिये घोटाला किया गया है। फिलहाल जांच की जा रही है और पूरी जानकारी जांच के बाद ही दी जा सकेगी।
- सचिन अहलावत, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी, हिसार मंडल
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