{"_id":"628530bdbdea9f40071dd77e","slug":"narendra-of-mingni-kheda-hoisted-the-tricolor-on-mount-lhotse-8516-meters-high-hisar-news-hsr6320302146","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिसार: नरेंद्र ने 8516 मीटर ऊंची माउंट ल्होत्से पर फहराया तिरंगा, -40 डिग्री तापमान में फतेह की विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिसार: नरेंद्र ने 8516 मीटर ऊंची माउंट ल्होत्से पर फहराया तिरंगा, -40 डिग्री तापमान में फतेह की विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी
Thu, 19 May 2022 03:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 03:06 AM IST
सार
इससे पहले नरेंद्र कुमार माउंट किलीमंजारो पर 5 दिन में चढ़ाई करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं। इस चोटी पर वह दो बार चढ़ चुके हैं।
विज्ञापन
माउंट ल्होत्से पर पहुंचे नरेंद्र कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के हिसार जिले के गांव मिंगनीखेड़ा के रहने वाले पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने पहले ही प्रयास में विश्व की चौथी सबसे ऊंची 8516 मीटर की चोटी माउंट ल्होत्से को फतेह कर तिरंगा फहराया। चोटी पर चढ़ाने समय तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता था। इससे पहले नरेंद्र कुमार माउंट किलीमंजारो पर 5 दिन में चढ़ाई करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं। इस चोटी पर वह दो बार चढ़ चुके हैं।
पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने अपने अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल 2022 को नेपाल के काठमांडू एवरेस्ट बेस से की। यहां कुछ दिन मौसम का इंतजार किया। 12 मई एवरेस्ट बेस कैंप से निकले और 16 मई को सुबह 5 बजे चोटी पर तिरंग फहरा दिया। नरेद्र मिंगनी खेड़ा ने बताया कि चढ़ते समय मौसम बहुत खराब था। माइनस 40 डिग्री तापमान में ऑक्सीजन की कमी होने पर सिलिंडर की मदद से अभियान को जारी रहा।
नरेंद्र ने बताया कि उनके पिता सुभाष चंद्र एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से ईटीओ के पद से रिटायर हो चुके हैं। माता बसंती देवी पिता सुभाष चंद्र से प्रेरित होकर उसने पर्वतारोहण क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वह माउंट बीसी राय, माउंट फ्रेंडशिप माउंट यूनम चोटियां फतह कर चुके हैं। नरेंद्र कुमार ने अपना बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स अटल बिहारी इंस्टिट्यूट महरौली से किया और एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स हिमालयन माउंटेन एंड इंस्टिट्यूट डार्जिलिंग से किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्वतारोही नरेंद्र कुमार ने अपने अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल 2022 को नेपाल के काठमांडू एवरेस्ट बेस से की। यहां कुछ दिन मौसम का इंतजार किया। 12 मई एवरेस्ट बेस कैंप से निकले और 16 मई को सुबह 5 बजे चोटी पर तिरंग फहरा दिया। नरेद्र मिंगनी खेड़ा ने बताया कि चढ़ते समय मौसम बहुत खराब था। माइनस 40 डिग्री तापमान में ऑक्सीजन की कमी होने पर सिलिंडर की मदद से अभियान को जारी रहा।
विज्ञापन
नरेंद्र ने बताया कि उनके पिता सुभाष चंद्र एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से ईटीओ के पद से रिटायर हो चुके हैं। माता बसंती देवी पिता सुभाष चंद्र से प्रेरित होकर उसने पर्वतारोहण क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वह माउंट बीसी राय, माउंट फ्रेंडशिप माउंट यूनम चोटियां फतह कर चुके हैं। नरेंद्र कुमार ने अपना बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स अटल बिहारी इंस्टिट्यूट महरौली से किया और एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स हिमालयन माउंटेन एंड इंस्टिट्यूट डार्जिलिंग से किया है।
विज्ञापन