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Hisar News: नगर निगम शहर में फिर करवाएगा डेयरियों का सर्वे
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हिसार। मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल डेयरी प्लाजा प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए नगर निगम दोबारा से शहर में डेयरियों का सर्वे करवाएगा। इसके अलावा डेयरी प्लाजा में विकास कार्य करवाने करने के लिए रिवाइज्ड एस्टीमेट भी तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2014 में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। बता दें कि इससे पहले निगम प्रशासन ने वर्ष 2020 में शहर में डेयरियों को लेकर सर्वे करवाया था। इस दौरान शहर में 410 डेयरियां मिली थीं। चूंकि सर्वे को 3 साल हो चुके हैं तो इसे देखते हुए निगम ने दोबारा से सर्वे करवाने का फैसला किया है।
रिवाइज्ड एस्टीमेट होगा तैयार
पहले निगम अधिकारियों ने डेयरी प्लाजा में विकास कार्यों के लिए करीब 49 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। अधिकारियों की मानें तो अब निर्माण लागत में अंतर आ गया है। इस देखते हुए एस्टीमेट फिर से तैयार करना पड़ेगा और इसे मुख्यालय से भी मंजूर करवाना होगा। वहीं डेयरी प्लाजा की कुछ जमीन पर कब्जा भी है। इसे लेकर भी निगम प्रशासन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा हुआ है।
प्लॉट की फिर से करवाई जाएगी बोली
डेयरी प्लाजा में डेयरी प्लॉट की अब फिर से बोली करवाई जाएगी। हालांकि इससे पहले कुछ प्लॉट की बोली करवाई गई थी। मगर वह नियमानुसार न होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया और प्लॉटधारकों को उनकी राशि भी लौटा दी गई। पुराने ले आउट के हिसाब से डेयरी प्लाजा में 410 डेयरी प्लॉट का प्रावधान था।
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अब तक प्रोजेक्ट की यह रही स्थिति
इनेलो सरकार में वर्ष 2000 में पहली बार घोषणा हुई थी। निगम ने इसके लिए धान्सू रोड पर जमीन ली थी। मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे भी हुआ था, जिसमें 292 डेयरियां मिलीं थीं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ सात कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया।
29 दिसंबर 2014 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की घोषणा की गई है। मगर अलग-अलग जमीन नहीं मिली। आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल हुई। फिर डेयरी प्लाॅट की बोली भी करवा दी गई। मगर अचानक ही निगम प्रशासन ने यह कहते हुए प्लाॅट की बोली का रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। इसके बाद नए सिरे से पूरी प्रक्रिया शुरू की गई।
ये होंगी सुविधाएं
डेयरी प्लाजा में पशुओं के लिए तालाब, चारामंडी, गोबर गैस प्लांट, कम्युनिटी सेंटर, कैटल हॉस्टल, चिलिंग प्लांट, ऑटोमैटिक मिल्किंग प्लांट, मिल्क कलेक्शन सेंटर, शॉपिंग सेंटर, कैफेटेरिया, वेटरनरी अस्पताल व एसटीपी प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
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डेयरी प्लाजा के ले आउट प्लान मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। डेयरी सर्वे पुराना होने के कारण अब फिर से करवाया जाएगा। जल्द ही डेयरी प्लॉट की बोली करवाकर इसे प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाएगा। -
प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
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रिवाइज्ड एस्टीमेट होगा तैयार
पहले निगम अधिकारियों ने डेयरी प्लाजा में विकास कार्यों के लिए करीब 49 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया था। अधिकारियों की मानें तो अब निर्माण लागत में अंतर आ गया है। इस देखते हुए एस्टीमेट फिर से तैयार करना पड़ेगा और इसे मुख्यालय से भी मंजूर करवाना होगा। वहीं डेयरी प्लाजा की कुछ जमीन पर कब्जा भी है। इसे लेकर भी निगम प्रशासन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखा हुआ है।
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प्लॉट की फिर से करवाई जाएगी बोली
डेयरी प्लाजा में डेयरी प्लॉट की अब फिर से बोली करवाई जाएगी। हालांकि इससे पहले कुछ प्लॉट की बोली करवाई गई थी। मगर वह नियमानुसार न होने के कारण उसे रद्द कर दिया गया और प्लॉटधारकों को उनकी राशि भी लौटा दी गई। पुराने ले आउट के हिसाब से डेयरी प्लाजा में 410 डेयरी प्लॉट का प्रावधान था।
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अब तक प्रोजेक्ट की यह रही स्थिति
इनेलो सरकार में वर्ष 2000 में पहली बार घोषणा हुई थी। निगम ने इसके लिए धान्सू रोड पर जमीन ली थी। मगर प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इसके बाद वर्ष 2004-05 में डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा दोबारा से उठा तो अफसरों को जमीन तलाशने की जिम्मेदारी दी। वर्ष 2005 में जिला प्रशासन ने 24 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की। साल 2010 में डेयरी शिफ्टिंग के लिए शहर में सर्वे भी हुआ था, जिसमें 292 डेयरियां मिलीं थीं। निगम अधिकारियों ने अगस्त 2013 में बगला रोड पर 137 एकड़ सात कनाल 14 मरले भूमि चिह्नित कर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा। इसके बाद भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया।
29 दिसंबर 2014 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट को लेकर फिर घोषणा की। शहर के चारों तरफ 25-25 एकड़ जमीन पर डेयरियां शिफ्ट करने की घोषणा की गई है। मगर अलग-अलग जमीन नहीं मिली। आखिरकार साउथ बाईपास (बगला रोड) पर ही 50 एकड़ जमीन फाइनल हुई। फिर डेयरी प्लाॅट की बोली भी करवा दी गई। मगर अचानक ही निगम प्रशासन ने यह कहते हुए प्लाॅट की बोली का रद्द कर दिया कि बिल्डिंग कोड के अनुसार प्रोजेक्ट डिजाइन नहीं किया गया। इसके बाद नए सिरे से पूरी प्रक्रिया शुरू की गई।
ये होंगी सुविधाएं
डेयरी प्लाजा में पशुओं के लिए तालाब, चारामंडी, गोबर गैस प्लांट, कम्युनिटी सेंटर, कैटल हॉस्टल, चिलिंग प्लांट, ऑटोमैटिक मिल्किंग प्लांट, मिल्क कलेक्शन सेंटर, शॉपिंग सेंटर, कैफेटेरिया, वेटरनरी अस्पताल व एसटीपी प्लांट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
डेयरी प्लाजा के ले आउट प्लान मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। डेयरी सर्वे पुराना होने के कारण अब फिर से करवाया जाएगा। जल्द ही डेयरी प्लॉट की बोली करवाकर इसे प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाएगा। -
प्रदीप दहिया, निगमायुक्त