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Hisar News: नागरिक अस्पताल में जल्दी ही शुरू हो सकती है एमआरआई, डीजी हेल्थ ने मुख्यमंत्री को भेजी फाइल, मुहर का इंतजार
Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
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हिसार। नागरिक अस्पताल में जल्द ही एमआरआई (मैग्नेटिक रिसोसेंस इमेजिंग) की सुविधा शुरू हो सकती है। डीजी हेल्थ डॉ. मनीष बसंल ने नागरिक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू करने के लिए फाइल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टेबल पर पेश की गई है, जिस पर मंजूरी का इंतजार है।
जैसे ही सरकार की ओर से उपरोक्त प्रपोजल पर मुहर लगाई जाएगी वैसे ही सुविधा को नागरिक अस्पताल में शुरू की जाएगी। इससे फायदा सीधे तौर पर मरीजों व तीमारदारों को मिलेगा।
इससे फायदा यह होगा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को रियायती व निशुल्क रूप से एमआरआई की सुविधा प्राप्त करने के लिए 102 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई तक का सफर नहीं तय करना पड़ेगा और न ही निजी अस्पतालों में जाकर जेबें ढीली करनी पड़ेंगी।
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निजी अस्पतालों में 4 से 8 हजार रुपये का करना पड़ता है भुगतान
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से जिन मरीजों को एमआरआई करवाने की सलाह दी जाती है। उन्हें निजी अस्पतालों में जाकर 4 से 8 हजार रुपये के बीच भुगतान करना पड़ता है। जोकि हर मरीज के लिए संभव नहीं है। हर वर्ग के मरीज को अस्पताल के अंदर ही रियायती दरों में एमआरआई की सुविधा प्राप्त हो जाएं तो काफी राहत मिल सकती है।
रोहतक पीजीआई में 250 रुपये से 3 हजार रुपये तक करना पड़ता है भुगतान
गरीब परिवार से जुड़े मरीज जो निजी अस्पताल में जाकर एमआरआई की सुविधा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन्हें 102 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है। जहां मरीज को 250 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को भागदौड़ करने पर मजबूर होना पड़ता है, जोकि हर मरीज के लिए संभव नहीं है।
एमआरआई से गहनता से होती है बीमारी की जांच
मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़, पेट, पेल्विक क्षेत्र, स्तन, रक्त वाहिकाएं और हृदय से संबंधित रोगों से जूझ रहे मरीजों की गहनता से जांच करने के लिए एमआरआई सुविधा प्रदान की जाती है। इससे चिकित्सक को बीमारी जल्दी से पकड़ में आ जाती है, जिससे जल्दी ही उपचार शुरू कर बीमारी का इलाज बिना देरी किए शुरू कर दिया जाता है। यह तकनीक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करके शरीर की अत्यधिक स्पष्ट तस्वीरें तैयार करती है। इससे चिकित्सकों को रोग की सटीक जानकारी प्राप्त होती है और मरीज का उपचार समय रहते प्रभावी ढंग से शुरू किया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल में रोजाना कटती है 1800 मरीजों की पर्चियां
नागरिक अस्पताल में रोजाना विभिन्न बीमारियों सहित मेडिकल की 1800 पर्चियां कटती हैं। इनमें ओपीडी सहित चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने की 1500 से अधिक पर्चियां काटी जाती हैं। इनमें रोजाना 30 से 35 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें एमआरआई की सुविधा प्राप्त करने की सलाह चिकित्सकों की ओर से दी जाती है।
मैंने सरकार को नागरिक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू करने के लिए प्रपोजल भेज दिया है। मुख्यमंत्री टेबल पर फाइल गई हुई है। जैसे ही वहां से मुहर लगती है तभी सुविधा से संबंधित आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. मनीष बंसल, स्वास्थ्य महानिदेशक, हरियाणा, पंचकूला।
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जैसे ही सरकार की ओर से उपरोक्त प्रपोजल पर मुहर लगाई जाएगी वैसे ही सुविधा को नागरिक अस्पताल में शुरू की जाएगी। इससे फायदा सीधे तौर पर मरीजों व तीमारदारों को मिलेगा।
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इससे फायदा यह होगा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को रियायती व निशुल्क रूप से एमआरआई की सुविधा प्राप्त करने के लिए 102 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई तक का सफर नहीं तय करना पड़ेगा और न ही निजी अस्पतालों में जाकर जेबें ढीली करनी पड़ेंगी।
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निजी अस्पतालों में 4 से 8 हजार रुपये का करना पड़ता है भुगतान
नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से जिन मरीजों को एमआरआई करवाने की सलाह दी जाती है। उन्हें निजी अस्पतालों में जाकर 4 से 8 हजार रुपये के बीच भुगतान करना पड़ता है। जोकि हर मरीज के लिए संभव नहीं है। हर वर्ग के मरीज को अस्पताल के अंदर ही रियायती दरों में एमआरआई की सुविधा प्राप्त हो जाएं तो काफी राहत मिल सकती है।
रोहतक पीजीआई में 250 रुपये से 3 हजार रुपये तक करना पड़ता है भुगतान
गरीब परिवार से जुड़े मरीज जो निजी अस्पताल में जाकर एमआरआई की सुविधा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन्हें 102 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है। जहां मरीज को 250 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को भागदौड़ करने पर मजबूर होना पड़ता है, जोकि हर मरीज के लिए संभव नहीं है।
एमआरआई से गहनता से होती है बीमारी की जांच
मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़, पेट, पेल्विक क्षेत्र, स्तन, रक्त वाहिकाएं और हृदय से संबंधित रोगों से जूझ रहे मरीजों की गहनता से जांच करने के लिए एमआरआई सुविधा प्रदान की जाती है। इससे चिकित्सक को बीमारी जल्दी से पकड़ में आ जाती है, जिससे जल्दी ही उपचार शुरू कर बीमारी का इलाज बिना देरी किए शुरू कर दिया जाता है। यह तकनीक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करके शरीर की अत्यधिक स्पष्ट तस्वीरें तैयार करती है। इससे चिकित्सकों को रोग की सटीक जानकारी प्राप्त होती है और मरीज का उपचार समय रहते प्रभावी ढंग से शुरू किया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल में रोजाना कटती है 1800 मरीजों की पर्चियां
नागरिक अस्पताल में रोजाना विभिन्न बीमारियों सहित मेडिकल की 1800 पर्चियां कटती हैं। इनमें ओपीडी सहित चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने की 1500 से अधिक पर्चियां काटी जाती हैं। इनमें रोजाना 30 से 35 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें एमआरआई की सुविधा प्राप्त करने की सलाह चिकित्सकों की ओर से दी जाती है।
मैंने सरकार को नागरिक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा शुरू करने के लिए प्रपोजल भेज दिया है। मुख्यमंत्री टेबल पर फाइल गई हुई है। जैसे ही वहां से मुहर लगती है तभी सुविधा से संबंधित आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. मनीष बंसल, स्वास्थ्य महानिदेशक, हरियाणा, पंचकूला।