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Hisar News: जलघरों व बूस्टिंग स्टेशनों पर लगी मोटरों की होगी मरम्मत
Tue, 21 Jan 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:48 AM IST
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हांसी के पुराने जलघर का जलाशय।
हांसी। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल को लेकर परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग शहर के दोनों जलघर व 14 बूस्टिंग स्टेशन में लगी मोटर व ट्रांसफार्मर की मरम्मत करवाएगा। ताकी गर्मियों में पेयजल सप्लाई की मांग बढ़ने से जलघरों में तकनीकी समस्या न आए। इसके लिए विभाग की एक फर्म को टेंडर देगा।
टेंडर लेने वाली फर्म को तीन महीने में मरम्मत का काम करना होगा। इसमें फर्म को जलघर व बूस्टिंग स्टेशन के साथ पांच ट्यूबवेल की मरम्मत भी करनी होगी। विभाग पहले मरम्मत का कार्य अलग-अलग ठेकेदारों से करवाता था। इस बार विभाग के अधिकारी ये कार्य टेंडर के जरिए करवा रहे हैं। इसमें एक ही ठेकेदार को यह सारा काम करना होगा। इसमें शहर के पुराने व नए जलघर पर पानी की सप्लाई के लिए लगी मोटरें व ट्रांसफार्मर की मरम्मत करनी होगी। साथ ही ट्रांसफार्मर पर जीओ स्विच लगाने होंगे। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित 14 बूस्टिंग स्टेशन की मोटरों व ट्रांसफार्मर की मरम्मत करनी होगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल महीने से ही पेयजल सप्लाई का लोड बढ़ जाता है। इस कारण अक्सर मोटरें खराब हो जाती हैं और कई दिन तक पेयजल सप्लाई बाधित रहती है।
जलघर व बूस्टिंग स्टेशन पर लगी मशीनों की मरम्मत करवाई जानी है। गर्मियों से पहले ही यह मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। ताकी गर्मी में कोई समस्या न आए। इसके लिए टेंडर लगाकर आवेदन मांगे गए हैं। - संजीव त्यागी, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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पानी की लागत व जलघर की क्षमता
शहर में प्रतिदिन 9 एमएलडी यानि की 90 लाख लीटर पानी की खपत है। शहर के नए जलघर में 392 एमएलडी पानी स्टोर होता है। वहीं पुराने जलघर के चारों टैंकों में 250 एमएलडी पानी स्टोर होता है।
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टेंडर लेने वाली फर्म को तीन महीने में मरम्मत का काम करना होगा। इसमें फर्म को जलघर व बूस्टिंग स्टेशन के साथ पांच ट्यूबवेल की मरम्मत भी करनी होगी। विभाग पहले मरम्मत का कार्य अलग-अलग ठेकेदारों से करवाता था। इस बार विभाग के अधिकारी ये कार्य टेंडर के जरिए करवा रहे हैं। इसमें एक ही ठेकेदार को यह सारा काम करना होगा। इसमें शहर के पुराने व नए जलघर पर पानी की सप्लाई के लिए लगी मोटरें व ट्रांसफार्मर की मरम्मत करनी होगी। साथ ही ट्रांसफार्मर पर जीओ स्विच लगाने होंगे। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित 14 बूस्टिंग स्टेशन की मोटरों व ट्रांसफार्मर की मरम्मत करनी होगी। विभाग के अधिकारियों के अनुसार अप्रैल महीने से ही पेयजल सप्लाई का लोड बढ़ जाता है। इस कारण अक्सर मोटरें खराब हो जाती हैं और कई दिन तक पेयजल सप्लाई बाधित रहती है।
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जलघर व बूस्टिंग स्टेशन पर लगी मशीनों की मरम्मत करवाई जानी है। गर्मियों से पहले ही यह मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। ताकी गर्मी में कोई समस्या न आए। इसके लिए टेंडर लगाकर आवेदन मांगे गए हैं। - संजीव त्यागी, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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पानी की लागत व जलघर की क्षमता
शहर में प्रतिदिन 9 एमएलडी यानि की 90 लाख लीटर पानी की खपत है। शहर के नए जलघर में 392 एमएलडी पानी स्टोर होता है। वहीं पुराने जलघर के चारों टैंकों में 250 एमएलडी पानी स्टोर होता है।