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Hisar News: आखिरी दिन एमएसपी पर नहीं हुई मूंग की खरीद, देर रात तक मंडी में डटे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2024 01:31 AM IST
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Moong was not purchased on MSP on the last day, farmers remained in the market till late night
हिसार। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के आखिरी दिन शुक्रवार को किसान मूंग की फसल लेकर अनाज मंडी पहुंचे। किसान गेट पास कटने और मूंग की तुलाई कराने के बाद उसकी खरीद का इंतजार कर रहे थे तो हैफेड के अधिकारियों ने शाम 5 बजे खरीद से इनकार कर दिया। किसानों ने अनाज मंडी में प्रदर्शन कर विरोध जताया। किसान एकत्र होकर डीसी से मिलने उनके आवास भी पहुंचे। वहां भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के राज्य कमेटी मेंबर अनिल गोरछी ने बताया कि बालसमंद तहसील के अंतर्गत आने वाले किसानों को फोन कर बताया कि शुक्रवार सुबह से मूंग बेचने आए हैं, लेकिन रात 9 बजे तक उनकी मूंग नहीं खरीदी जा रही। मूंग की फसल एमएसपी 8886 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान अपनी फसल को एमएसपी पर बेचने के लिए अनाज मंडी में गए थे। किसानों ने अपनी फसल के गेट पास भी कटवा लिए। शाम होते-होते झार पंखा लगवाकर आढ़ती को मूंग तुलवा भी दिए, लेकिन हैफेड ने शाम 5 बजे के बाद बोली लगाने से यह कहकर मना कर दिया कि सरकार का मूंग खरीदने का समय 5 बजे तक था। 40- 50 साथी एकत्रित होकर डीसी, एडीसी व एसडीएम से मिलने पहुंचे। तीनों अधिकारियों में से कोई भी किसानों को नहीं मिला। किसान अपने मूंग प्राइवेट में बेचे तो उसे 2000 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। गांव गोरछी के किसान सुरेंद्र पचार ने बताया कि एक तो हमारी फसल नहीं बिक रही है ओर न ही हमें आगे गेहूं की बिजाई के लिए खाद पर्याप्त मात्रा में मिल रही है।
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एसकेेएम की बैठक आज
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदानंद राजली ने बताया कि एसकेएम की जरनल बॉडी मीटिंग 16 नवंबर को होगी। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के घटक किसान संगठन व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मीटिंग का मुख्य एजेंडा 26 नवंबर चेतावनी रैली को लेकर ठोस योजना बनाएंगे। 26 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय आवाहन पर चेतावनी दिवस मनाते हुए। गांव स्तर पर बड़ी सभाएं आयोजित की जाएगी ।
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