{"_id":"6335e59da6c1a225dd18a3eb","slug":"monsoon-departs-from-80-per-cent-of-state-weather-to-remain-dry-till-october-4-hisar-news-hsr6433052120","type":"story","status":"publish","title_hn":"Weather Haryana: प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से से मानसून की विदाई, 4 अक्तूबर तक मौसम रहेगा शुष्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Weather Haryana: प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से से मानसून की विदाई, 4 अक्तूबर तक मौसम रहेगा शुष्क
Fri, 30 Sep 2022 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 12:54 AM IST
सार
मानसून में सामान्य से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। 6 जिलों में सामान्य से कम बारिश तो 16 में ज्यादा बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर भारत के कई राज्यों से मानसून की विदाई हो गई है।
विज्ञापन
रोहतक में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से से मानूसन की विदाई हो गई है। इसके साथ ही अब चार अक्तूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। उधर, मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। 6 जिलों में सामान्य से कम और 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर भारत के कई राज्यों से मानसून की विदाई हो गई है। आने वाले एक दो दिन में ही सम्पूर्ण मैदानी राज्यों से विदाई हो जाएगी। इस साल की मानसून गतिविधियों में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला। प्रदेश में इस साल मानसून अपने निर्धारित समय 30 जून पर सक्रिय हो गया था।
विज्ञापन
जुलाई महीने में प्रदेश में लगातार मानसून गतिविधियों को दर्ज किया गया, क्योंकि इस दौरान बंगाल की खाड़ी पर लगातार मानसूनी हवाएं प्रदेश तक आती रहीं। वहीं, अगस्त और सितंबर में प्रदेश में ज्यादातर समय मानसून की गतिविधियां नदारद रही और इस दौरान बिखराव वाली बारिश देखने को मिलीं।
विज्ञापन
इसका कारण यह रहा कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का ज्यादातर एरिया मध्य प्रदेश, गुजरात व राजस्थान की तरफ ही रहा। मगर, 21 से 23 सितंबर के दौरान बंगाल की खाड़ी से भरपूर मात्रा में मानसूनी हवाओं के प्रदेश में आने से यहां जबरदस्त बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं, जिसकी वजह से मानसून की बारिश सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।
यह भी पढ़ें : Haryana: प्रदेश से मानसून की विदाई एक अक्तूबर तक संभावित, सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
29 सितंबर तक प्रदेश में 465.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस दौरान 430.1 मिलीमीटर सामान्य बारिश दर्ज होती है। वीरवार को मानसून की वापसी रेखा जम्मू, ऊना, चंडीगढ़, करनाल, बागपत, दिल्ली, अलवर, जोधपुर, बाड़मेर और नलिया से गुजर रही है।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
प्रदेश में 4 अक्तूबर तक मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। साथ ही संपूर्ण इलाके में सूर्य की चमकदार और उष्ण किरणें मौसम को गर्म बनाएंगी। क्योंकि गुजरात और राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है, जिसकी वजह से प्रदेश में पश्चिमी शुष्क हवाओं का आधिपत्य स्थापित हो जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी।
इसके अलावा वर्तमान समय में एक चक्रवातीय तूफान वियतनाम पर पहुंच गया है। यह तूफान एक अक्तूबर को कमजोर होकर उत्तर बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा। इसके बाद तीन अक्तूबर को ओडिशा व पश्चिमी बंगाल के तट से टकराकर झारखंड, उत्तर प्रदेश की तरफ जाने की संभावना बन रही है।
इसके असर से तीन से 10 अक्तूबर के बीच पश्चिमी बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। जबकि हरियाणा के पूर्वी हिस्से व एनसीआर में इसके आंशिक प्रभाव से 5 से 10 अक्तूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और शेष हरियाणा में बिखराव वाली बारिश की संभावना बन रही है।