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प्रेमिका से मिलाने का मामला : मोबाइल क्लिप ने खडे़ किए सवाल

Sun, 26 Mar 2017 12:23 AM IST
amarujala/Hisar
amarujala/Hisar Updated Sun, 26 Mar 2017 12:23 AM IST
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आश्रम में रह रही प्रेमिका से मिलाने के नाम पर दो हजार की रिश्वत लेते पकडे़ गए ऑपरेटर के मामले में काउंसलर की भूमिका भी संदिग्ध है। काउंसलर ने नाबालिग लड़की को लड़के के साथ पहले कैंटीन में मिलवाया। फिर उसे एक निजी अस्पताल के पिछले हिस्से में लड़के के साथ अकेले भेज दिया। इस पूरे मामले की मोबाइल क्लिप भी है। इस मामले की विभागीय जांच की मांग उठ रही है।
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आश्रम में रह रही नाबालिग से मिलाने की रिश्वत लेने के मामले में दो अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिसमें महिला काउंसलर ने पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम किया। महिला काउंसलर ने नाबालिग को पहले रेडक्रॉस भवन बुलाया। यहां कैंटीन के पास एक बेंच पर बैठकर लड़के से मिलवाया। इसके बाद काउंसलर लड़की को करीब 300 मीटर दूर बने निजी अस्पताल में ले गई। यहां अस्पताल में लड़का - लड़की आपस में बातचीत करते रहे। इसके बाद काउंसलर वहां से बाहर चली गई। नाबालिग को युवक के साथ अकेला छोड़कर काउंसलर काफी देर तक गायब रही। इस पूरे प्रकरण की मोबाइल वीडियो क्लिप तैयार की गई है। यह सभी रिकार्डिंग विजिलेंस को सौंपी गई हैं। विजिलेंस पुलिस ने रिश्वत मामले में पकडे़ गए आरोपी ऑपरेटर वीरेंद्र को शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास के समक्ष पेश किया गया। जिस पर न्यायाधीश ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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वायस रिकार्डिंग में तीन लोगों के नाम
लड़का इस नाबालिग लड़की से करीब 8 से 10 बार मिल चुका था। हर बार मिलने की कीमत भी चुकाई। अब तक वह करीब 20 हजार से अधिक की रिश्वत दे चुका था। इस बार ऑपरेटर ने तीन लोगों के नाम बताते हुए 3 हजार रुपये मांगे थे। महिला काउंसलर तथा दूसरे ऑपरेटर के शामिल होने की बात की वायस रिकार्डिंग भी विजिलेंस को सौंपी गई है।
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सवालों के घेरे में विभाग
आश्रम से नाबालिग को बुलाकर किसी बाहरी से मिलाने के मामले में कई सवाल खडे़ हो गए हैं। आखिर नाबालिग को क्यों बुलाया गया था। क्या उसको बुलाने का मकसद पूरा हुुआ। काउंसलिंग के लिए कैंटीन में बुलाना कितना जायज है। इस मामले में विभाग के कितने और लोग शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी थी या नहीं।


हम भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्यवाही का काम करते हैं। पैसे मांगने का नाम ऑपरेटर का आया था। उसे हमने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य लोगों की भूमिका की शिकायत मिलेेगी तो उसे भी जांच करेंगे। अगर गिरफ्तार आरोपी किसी का नाम लेगा तो जांच करेंगे।
- भूपेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर विजिलेंस, हिसार
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