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जीजेयू के एमटीएच में रह सकेंगे शादीशुदा पीएचडी स्कॉलर, वहीं रीडिंग हॉल रहेगा 24 घंटे ऑपन.
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जीजेयू कैंपस में धरने पर बैठे पीएचडी स्कॉलर।
- फोटो : City
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में चल रहा पीएचडी स्कॉलर का धरना बुधवार को समाप्त हो गया। जीजेयू प्रशासन ने विद्यार्थियों की सभी मांगों पर सहमति जता दी है। अब पीएचडी स्कॉलर अपनी पत्नी के साथ एमटीएच में रह सकेंगे।
छात्रों ने जीजेयू को चेताया था कि अगर हमारी मुख्य नौ मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं हुई तो बड़े स्तर पर धरना दिया जाएगा। स्कॉलर की चेेतावनी के आगे जीजेयू प्रशासन ने घुटने टेक दिए। बुधवार को डीन ऑफ अकेडमिक ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बैठक की। बैठक में पीएचडी छात्रों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। करीब एक घंटे चली बैठक में छात्रों की अपनी मांग पूरी होने का आश्वासन मिला। इसके बाद पीएचडी छात्रों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। बुधवार को जमींदारा छात्र संगठन ने धरने का समर्थन किया। जेएसओ अध्यक्ष सचिन यादव ने कहा कि जमींदारा छात्र संगठन पीएचडी छात्रों के साथ है।
24 घंटे खुला रहेगा रीडिंग रूम
धरने पर बैठे पीएचडी स्कॉलर सुंदर, सचिन, गुरमेल, सचिन सुरबरा, सुरेंद्र ने बताया कि जीजेयू प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। अब जीजेयू के शादीशुदा पीएचडी स्कॉलर अपनी पत्नी के साथ कैंपस में बने मैरिड टीचर हाउस (एमटीएच) में रह सकेंगे। अब तक एमटीएच में सिर्फ 6 विवाहित पीएचडी स्कॉलर को अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए आरक्षित किया गया था। अब जीजेयू का हर पीएचडी स्कॉलर एमटीएच में रह सकेगा। एमटीएच में कमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अब कैंपस का रीडिंग रूम 24 घंटे खुला रहेेगा। वहीं पीएचडी स्कॉलर की अन्य मांगों को पूरा करने के लिए एक प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को भेजा जाएगा।
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विद्यार्थियों की ये थीं मुख्य मांगें
पीएचडी स्कॉलर को एमटीएच हाउस दिए जाएं।
- सीआईएल लैब को फीस मुक्त किया जाए।
- पीएचडी स्कॉलरशिप से संबंधित डीलिंग हेड के अभद्र व्यवहार को सुधारा जाए या फिर उनकी जगह अन्य किसी व्यक्ति को नियुक्त किया जाए।
-महिला छात्रावास में पानी से संबधित समस्याओं का समाधान किया जाए।
-पीएचडी स्कॉलर के लिए लाइब्रेरी में रिडिंग हॉल की हालात सुधारी जाए।
-यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कालरशिप की सीट बढ़ाई जाए और इसकी लिमिट 8000 से बढ़ा कर 20000 की जाए।
- एचएसबी की एडवांस रिसर्च लैब और कंप्यूटर लैब में एसी की व्यवस्था की जाये।
- पीएचडी स्कॉलर को मिलने वाली सभी स्कालरशिप एंव फ्लोशिप मे यूजीसी की प्रॉपर गाइडलाइन की पालना की जाए।
- लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को बैठने के लिए जगह की व्यवस्था की जाए।
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छात्रों ने जीजेयू को चेताया था कि अगर हमारी मुख्य नौ मांगें जल्द से जल्द पूरी नहीं हुई तो बड़े स्तर पर धरना दिया जाएगा। स्कॉलर की चेेतावनी के आगे जीजेयू प्रशासन ने घुटने टेक दिए। बुधवार को डीन ऑफ अकेडमिक ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बैठक की। बैठक में पीएचडी छात्रों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। करीब एक घंटे चली बैठक में छात्रों की अपनी मांग पूरी होने का आश्वासन मिला। इसके बाद पीएचडी छात्रों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। बुधवार को जमींदारा छात्र संगठन ने धरने का समर्थन किया। जेएसओ अध्यक्ष सचिन यादव ने कहा कि जमींदारा छात्र संगठन पीएचडी छात्रों के साथ है।
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24 घंटे खुला रहेगा रीडिंग रूम
धरने पर बैठे पीएचडी स्कॉलर सुंदर, सचिन, गुरमेल, सचिन सुरबरा, सुरेंद्र ने बताया कि जीजेयू प्रशासन ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। अब जीजेयू के शादीशुदा पीएचडी स्कॉलर अपनी पत्नी के साथ कैंपस में बने मैरिड टीचर हाउस (एमटीएच) में रह सकेंगे। अब तक एमटीएच में सिर्फ 6 विवाहित पीएचडी स्कॉलर को अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए आरक्षित किया गया था। अब जीजेयू का हर पीएचडी स्कॉलर एमटीएच में रह सकेगा। एमटीएच में कमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अब कैंपस का रीडिंग रूम 24 घंटे खुला रहेेगा। वहीं पीएचडी स्कॉलर की अन्य मांगों को पूरा करने के लिए एक प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को भेजा जाएगा।
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विद्यार्थियों की ये थीं मुख्य मांगें
पीएचडी स्कॉलर को एमटीएच हाउस दिए जाएं।
- सीआईएल लैब को फीस मुक्त किया जाए।
- पीएचडी स्कॉलरशिप से संबंधित डीलिंग हेड के अभद्र व्यवहार को सुधारा जाए या फिर उनकी जगह अन्य किसी व्यक्ति को नियुक्त किया जाए।
-महिला छात्रावास में पानी से संबधित समस्याओं का समाधान किया जाए।
-पीएचडी स्कॉलर के लिए लाइब्रेरी में रिडिंग हॉल की हालात सुधारी जाए।
-यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कालरशिप की सीट बढ़ाई जाए और इसकी लिमिट 8000 से बढ़ा कर 20000 की जाए।
- एचएसबी की एडवांस रिसर्च लैब और कंप्यूटर लैब में एसी की व्यवस्था की जाये।
- पीएचडी स्कॉलर को मिलने वाली सभी स्कालरशिप एंव फ्लोशिप मे यूजीसी की प्रॉपर गाइडलाइन की पालना की जाए।
- लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को बैठने के लिए जगह की व्यवस्था की जाए।